पुनर्वासित एवं विस्थापित परिवारों की स्थिति देखने पहुंचे कलेक्टर-एसपी
जमीन पर बैठकर एक-एक ग्रामीणों से किया संवाद
उम्र निर्धारण के लिए 60 लोगों को कराए गए मेडिकल परीक्षण, रिपोर्ट के आधार पर पात्रता का होगा निर्धारण
98 प्रतिशत पात्र प्रभावितों को मिल चुका मुआवजा एवं पुनर्वास पैकेज, शेष प्रकरणों के निराकरण के लिए लगातार लगाए जा रहे शिविर
गांव के रूप में एक साथ बसाहट होने पर बिजली, सड़के, हैंडपम्प आदि की स्थाई व्यवस्था की जाएगी
करौंदया, मोतीगढ़ में सैकड़ों लोगों ने निवास बनाएं, प्रशासन जमीन आवंटन में कर रहा पूरा सहयोग
शिविर में प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्र पाए जाने पर अभी तक 21 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी
कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा जिनको राशि प्राप्त हो चुकी है वह अन्य स्थान पर जल्द ही शिफ्ट हो जाएं
छतरपुर राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित एवं पुनर्वासित परिवारों की स्थिति का कलेक्टर मृणाल मीना ने डूब क्षेत्र वाले ग्राम घुंघरी, भौरखुआँ में जल चौपाल लगाकर जमीन पर बैठकर एक एक प्रभावितों की समस्याओं को सुना। उन्होंने पुनर्वासित ग्रामों में अन्य स्थानों पर मकान निर्माण कर रहे परिवारों तथा अभी तक शिफ्ट नहीं हुए प्रभावित परिवारों की वस्तुस्थिति देखी और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान एसपी रजत सकलेचा, एसडीएम विजय द्विवेदी सहित संबधित अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर ने बताया कि परियोजना से प्रभावित लगभग 98 प्रतिशत पात्र परिवारों को मुआवजा एवं पुनर्वास पैकेज की राशि मिल चुकी है। शेष प्रकरणों में कुछ मामलों में उम्र निर्धारण तथा कुछ में बैंक खातों से संबंधित समस्याएं हैं। इनके निराकरण के लिए लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले करीब 15 दिनों में आयोजित शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की जांच उपरांत पात्र पाए जाने पर लगभग 21 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।
समूह के रूप में बसना चाहते हैं ग्रामीण, प्रशासन करेगा जमीन उपलब्ध कराने में मदद
ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान एक समूह अथवा गांव के रूप में एक साथ बसने की इच्छा व्यक्त की। कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन ग्रामीणों को इसके लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहा है। मोतीगढ़ और करौंदिया क्षेत्र में प्रभावित परिवारों द्वारा मकान निर्माण भी किया जा रहा है। समूह के रूप में बसाहट विकसित होने पर विद्युत, सड़क, हैंडपंप सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी।
उम्र निर्धारण में दस्तावेजों का किया जा रहा क्रॉस वेरिफिकेशन
कलेक्टर ने बताया कि कुछ मामलों में कटऑफ डेट में पात्रता प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड में जन्मतिथि में परिवर्तन किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों में सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है और जन्मतिथि का स्कूल अभिलेखों सहित अन्य दस्तावेजों से क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।
जिन 60 व्यक्तियों का कभी स्कूल में प्रवेश नहीं हुआ है, उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उनकी आयु का निर्धारण किया जाएगा और पात्र पाए जाने पर नियमानुसार मुआवजा एवं पुनर्वास राशि प्रदान की जाएगी।
तीसरे चरण में अगले 10 दिनों में पात्र परिवारों को मिलेगी राशि*
कलेक्टर ने बताया कि दूसरे चरण में प्राप्त आवेदनों में पात्र व्यक्तियों को राशि प्रदान की जा चुकी है। कुछ परिवारों द्वारा अभी अपने बैंक खातों की जांच नहीं की गई है। तीसरे चरण में अगले 10 दिनों के दौरान शिविरों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे स्वेच्छा से अन्य स्थानों पर पुनर्वासित हो सकें
शिविर में समस्याओं का निराकरण कर योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा
कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा बताए गए विरोध के बिंदुओं पर भी चर्चा की। इस दौरान रिकॉर्ड से संबंधित समस्याएं सामने आईं, जिनका निराकरण करने के निर्देश दिए गए। प्रभावित परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी शिविरों के माध्यम से लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सुनिश्चित करते हुए उन्हें आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।कलेक्टर ने पटवारी को निर्देश दिए कि प्रतिदिन बैठे और समस्या सुने। साथ ही जिनके खातों में समस्या है उनसे पुनः खाता प्राप्त करें। ताकि उनके खातों में राशि भेजी जाए।साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 2024 तक 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नियमानुसार पात्र व्यक्ति को ही मुआवजा प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा लोग अपने मकान को जल्द से जल्द शिफ्ट कर ले जिससे नई बसाहट होने पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा सके।