चित्रकूट। धार्मिक नगरी चित्रकूट में भारी वाहनों की नो-एंट्री व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नो-एंट्री के दौरान भी बालू और गिट्टी से लदे ट्रक पीलीकोठी से अक्षयवट होते हुए राजौला बायपास के रास्ते चित्रकूट में प्रवेश कर रहे हैं।
नो-एंट्री लागू होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीलीकोठी, अक्षयवट और राजौला बायपास जैसे मार्गों पर निगरानी की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यदि नियम लागू हैं तो प्रतिबंधित समय में ट्रकों को प्रवेश की अनुमति कैसे मिल रही है? धार्मिक नगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को नो-एंट्री व्यवस्था की प्रभावी निगरानी करनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।