स्व अनुभूति से प्रकट हुआ विश्वास ही बनता है भक्ति की आधारशिलाः साध्वी नीलम भारती जी
जगाधरी, हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया, जिसके दौरान परम पूजनीय दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री नीलम भारती जी ने भक्ति पथ पर चलते हुए विश्वास का महत्व समझाया और कहा कि विश्वास मानव जीवन की वह अमूल्य शक्ति है, जो व्यक्ति को जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में आगे बढ़ने का साहस प्रदान करती है। साध्वी जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि सच्ची भक्ति का आधार परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास है। जब मनुष्य का अपने सद्गुरु और परमात्मा पर पूर्ण विश्वास होता है, तब जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ भी हमारे आत्मिक विकास का माध्यम बन जाती हैं। विश्वास व्यक्ति को निराशा से आशा की ओर, भय से निर्भयता की ओर तथा भ्रम से सत्य की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि संसार में मनुष्य अनेक प्रकार के संबंधों और वस्तुओं पर विश्वास करता है, किन्तु जब उसका विश्वास परमात्मा से जुड़ जाता है, तब उसके जीवन में एक अद्भुत शक्ति का संचार होता है। परिस्थितियाँ चाहे अनुकूल हों अथवा प्रतिकूल, सच्चा विश्वास व्यक्ति को विचलित नहीं होने देता। जिस प्रकार अंधकार में एक दीपक मार्ग को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार परमात्मा के प्रति विश्वास जीवन के कठिनतम क्षणों में भी मनुष्य को सही दिशा प्रदान करता है। साध्वी नीलम भारती जी ने कहा कि विश्वास केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, अपितु वह हमारे विचारों, व्यवहार और कर्मों में भी दिखाई देना चाहिए। सच्चे विश्वास का प्राकट्य अनुभव से होता है, जैसे कोई व्यक्ति अपनी आँखों से सूर्य को देख ले तो वह उसके अस्तित्व पर दृढ़ विश्वास करता है परन्तु कोई नेत्रहीन व्यक्ति ने कभी सूर्य को नहीं देखा तो उसका विश्वास सदैव भ्रम से आच्छादित रहेगा क्योंकि उसका विश्वास दूसरों के अनुभव पर आधारित होता है। इसीलिए आध्यात्मिक जीवन में विश्वास का वास्तविक आधार ब्रह्म ज्ञान के द्वारा आत्म साक्षात्कार है, जिसके द्वारा एक साधक अपने अंतः करण में परमात्मा के दर्शन करता है और तब विश्वास अथवा संशय के लिए कोई स्थान ही नहीं रहता। जब हम सद्गुरु की कृपा से अपने भीतर विराजमान परमात्मा को जान लेते हैं, तब हमारा विश्वास अनुभूति और आत्मिक अनुभव पर आधारित होता है। साध्वी जी ने अपनी प्रखर ओजस्वी वाणी में भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय परमात्मा पर विश्वास रखते हुए निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। विश्वास वह शक्ति है जो असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी संभव बनाने का साहस देती है। अतः हमें अपने जीवन में विश्वास, धैर्य और सकारात्मकता को अपनाते हुए सद्गुरु के दिखाए भक्ति मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहना चाहिए। अंत में साध्वी बहनों ने सुंदर भजनों का गायन किया। विश्व शांति हेतु प्रार्थना एवं ध्यान साधना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
Ambala, Ambala | Aug 30, 2026