सामूहिक बलात्कार केस में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया जिसमे अरविंद माहौर और भाई दोषमुक्त करते हुये पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल उठाये,
ग्वालियर। महाराजपुरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में दर्ज सामूहिक बलात्कार के मामले में न्यायालय के फैसले से अभियोजन पक्ष के मामले पर सवाल खड़े हो गए। न्यायालय ने आरोपी अरविंद माहौर और उसके छोटे भाई को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के कथनों और पुलिस विवेचना का परीक्षण करते हुए अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित नहीं माना।
अभियोजन के अनुसार, 11 जनवरी 2020 को पीड़िता ने आरोप लगाया था कि अरविंद माहौर और उसका छोटा भाई उसे महाराजपुरा थाना क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। शिकायत के बाद महाराजपुरा थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की थी।
मामले में एक आरोपी के किशोर होने के कारण उसकी सुनवाई किशोर न्यायालय में हुई, जहां उसे पूर्व में दोषमुक्त किया जा चुका है। वहीं वयस्क आरोपी अरविंद माहौर के मामले में न्यायालय ने साक्ष्यों और विवेचना का परीक्षण किया।
न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों में संदेह पाए जाने के साथ ही पीड़िता के कथनों और पुलिस विवेचना की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत तर्कों को स्वीकार करते हुए अदालत ने अरविंद माहौर को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
प्रकरण में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता दिनेश सिंह राठौर ने पैरवी की।