मांगों को लेकर एलपीजी वितरकों ने निकाला कैंडल मार्च,
पिपराही चौक पर जताया विरोध, 26 को दिल्ली में धरना; मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी,
शिवहर। एलपीजी वितरकों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को पिपराही चौक पर गैस एजेंसी संचालकों और कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। इस दौरान वितरकों ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की तथा लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। वितरकों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है।
कैंडल मार्च में प्रिंस गैस एजेंसी बसहिया शेख, गौरव सागर भारत गैस शिवहर, निर्मला भारत गैस एजेंसी,इंडियन गैस तरियानी छपरा, कृपा श्याम गैस एजेंसी, डुमरी धनकौल इंडियन गैस एजेंसी, अभिनव एसपी गैस एजेंसी, इंडियन छतौनी और कुणाल भारत गैस एजेंसी समेत दर्जनों एजेंसियों के संचालक व कर्मचारी शामिल हुए।
उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराने के एवज में कंपनी की ओर से प्रति उपभोक्ता 236 रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन वितरकों को इसका भुगतान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से कमीशन में भी वृद्धि नहीं की गई है, जबकि गैस वितरण से जुड़े खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वितरकों की प्रमुख मांगों में होम डिलीवरी एवं प्रशासनिक शुल्क में 75 रुपये की तत्काल वृद्धि, प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए 236 रुपये का भुगतान तथा तेल कंपनियों के अधिकारियों द्वारा वितरकों पर विभिन्न उत्पाद बेचने का दबाव बंद करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वितरकों ने 5 किलो और 19 किलो के सिलेंडरों की कथित गैरकानूनी बिक्री पर रोक लगाने समेत अन्य मांगें भी उठाई हैं।
गैस वितरक नेयाज अहमद उर्फ मोती विक्रम झा गौरव सागर ने कहा कि वितरकों की मांगों पर सरकार को तत्काल सकारात्मक पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वितरकों ने कहा कि उनकी उचित मांगों को तत्काल पूरा नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। ऐसी स्थिति में एलपीजी उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।