पितृपक्ष शुरू होते ही शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे किंजर पुनपुम नदी के किनारे दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पुरोहित नागेंद्र पाठक ने बताया कि किंजर पुनपुन नदी के किनारे प्रथम पिंडदान किया जाता है ।इसके उपरांत श्रद्धालु गया जी जाकर श्राद्ध करते हैं। जिससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।