अलविदा अब्दुल हसीब साहब… एक ऐसा नाम जो हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहेगा
हिंदपीढ़ी की एक पहचान हुई खामोश, समाजसेवा का चमकता सितारा अब्दुल हसीब साहब नहीं रहे
रांची: राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत नाला रोड स्थित मुन्ना गली ने मंगलवार की शाम अपने एक ऐसे शख्स को हमेशा के लिए खो दिया, जिनकी पहचान सिर्फ एक समाजसेवी के रूप में नहीं, बल्कि हर दिल अज़ीज़, नेकदिल और मददगार इंसान के रूप में थी। जाने-माने समाजसेवी अब्दुल हसीब साहब का इलाज के दौरान राज अस्पताल में इंतकाल हो गया।
बताया जाता है कि अब्दुल हसीब साहब पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। मंगलवार शाम अचानक उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल राज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके निधन की खबर फैलते ही हिंदपीढ़ी, नाला रोड, मुन्ना गली सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक और विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। लोगों का कहना है कि अब्दुल हसीब साहब हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहते थे और अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व तथा समाज सेवा के कारण सभी के बीच बेहद सम्मानित थे।
उनका यूँ अचानक दुनिया से रुख़्सत हो जाना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा है। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
दुआ:
अल्लाह तआला मरहूम अब्दुल हसीब साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी तमाम खताओं को माफ़ फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके तमाम अहल-ए-खाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब तथा चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन सुम्मा आमीन।