जिला जनसम्पर्क कार्यालय दतिया (म.प्र.)
मध्यप्रदेश शासन
समाचार
कलेक्टर श्री वानखड़े ने जन सुनवाई के दौरान सुनी 88 से अधिक आवेदकों की समस्याएं
दतिया 29 सितम्बर 2026 / नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आज मंगलवार को न्यू कलेक्ट्रेट कार्यलय के सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े द्वारा जिले के विभिन्न अंचलों से आए 88 आवेदकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिए निर्देशित किया। अनिराकृत आवेदनों के लिये समय-सीमा निर्धारित कर अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। जन सुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र सिंह कुशवाहा, सीईओ जिला जिला पंचायत श्री शौलेन्द्र सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जन सुनवाई के दौरान रास्ता अवरूद्ध करने, नाली के पानी की निकासी, वृद्धवस्था पेंशन, सीमांकन, नामांतरण, बटवारा, बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, सड़क निर्माण, साफ-सफाई व्यवस्था, खाद्यान वितरण, आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति आदि से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए जिसके निराकरण हेतु कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए तथा कुछ आवेदकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया।
क्रमांक 97/2026
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सेवा से संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न
दतिया 29 सितम्बर 2026 / जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े के कुशल निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के सतत मार्गदर्शन में जिले में संचालित सेवा से संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में तृतीय दिवस की गतिविधियों में महिला एवं बाल कल्याण को बढ़ावा देने तथा सरकारी योजनाओं के जमीनी प्रभाव को रेखांकित करने के उद्देश्य से आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ’मेरी कहानी, मेरी सफलता लाभार्थी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुई महिलाओं की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाना और अन्य महिलाओं को जागरूक करना था।
जिले के समस्त आंगनबाडी केन्दों पर कार्यक्रम की शुरुआत में लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों और उनके जीवन में आए बदलावों पर आधारित विशेष वीडियो क्लिप प्रदर्शित की गईं। इन वीडियो के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक व जमीनी प्रभाव को बेहद प्रभावी ढंग से दिखाया गया। उपस्थित महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई। यह जानकारी बेहद सरल और आम बोलचाल की स्थानीय भाषा में दी गई, ताकि हर महिला इसे आसानी से समझ सके और भविष्य में योजनाओं का पूरा लाभ उठा सके।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी माताओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। माताओं ने बताया कि किस प्रकार इन योजनाओं ने उनके बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य स्तर को सुधारने में मदद की। संवाद के दौरान महिलाओं ने खुलकर बात की और साझा किया कि योजनाओं से जुड़ने के बाद उनके और उनके परिवार के जीवन स्तर में क्या-क्या सकारात्मक बदलाव आए हैं। इसने उपस्थित अन्य ग्रामीण व स्थानीय महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जगाया। कार्यक्रम के समापन सत्र को बच्चों के लिए आनंदमय बनाया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री हरनोद शर्मा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाना तथा कुपोषण व एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इस लाभार्थी संवाद कार्यक्रम ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के सही क्रियान्वयन से महिला सशक्तिकरण और बाल पोषण के क्षेत्र में बड़े और स्थाई बदलाव लाए जा सकते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व बच्चे उपस्थित रहे।
क्रमांक 98/2026
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कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए समिति गठन के निर्देश
दतिया 29 सितम्बर 2026 / कलेक्टर श्री स्वपिनल वानखड़े द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं निवारण के संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में जिले के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी एवं अन्य कार्यालयों में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार ऐसे प्रत्येक कार्यालय/संस्था, जहां निर्धारित संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना आवश्यक है।
जिला प्रशासन द्वारा संबंधित कार्यालयों एवं संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समिति का गठन कर उसकी जानकारी संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने तथा शिकायतों के निराकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में इसकी सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्रमांक 99/2026
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1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर होंगे कार्यक्रम
दतिया 29 सितम्बर 2026 / सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में विभाग द्वारा जिले के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों में वृद्धजनों के सम्मान एवं उनके प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कार्यक्रमों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर निर्धारित गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करते हुए उनकी जानकारी एवं प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
क्रमांक 100/2026
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// सफलता की कहानी //
डिजिटल पंजीयन से श्रमिकों को रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की पहल
दतिया 29 सितम्बर 2026 / श्रम विभाग, दतिया द्वारा श्रमिकों को डिजिटल रोजगार के अवसरों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर जागरूकता एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इसी पहल के तहत डिजिटल लेबर चौक ऐप के माध्यम से अब तक 124 श्रमिकों एवं 20 नियोजकों का पंजीयन किया जा चुका है।
श्रम विभाग की टीम द्वारा लेबर चौक, जन विश्वास अभियान शिविर, युवा संगम कार्यक्रम तथा विभिन्न निर्माण स्थलों पर पहुंचकर श्रमिकों को ऐप की उपयोगिता एवं पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। मौके पर ही श्रमिकों एवं नियोजकों का डिजिटल पंजीयन कराया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सुविधा मिल रही है।
इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिले में अब तक 1,612 श्रमिकों का योजना के लाभ हेतु पंजीयन किया जा चुका है। श्रमिकों को योजना की पात्रता, पेंशन संबंधी प्रावधानों एवं पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी प्रदान की जा रही है।
श्रम विभाग के इन प्रयासों से अधिक से अधिक श्रमिक डिजिटल रोजगार के अवसरों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आ रहे हैं। विभाग द्वारा मैदानी स्तर पर लगातार जागरूकता एवं पंजीयन अभियान संचालित कर श्रमिकों को शासन की श्रमिक हितैषी योजनाओं का लाभ सुगमता से दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुश्री निहारिका मीना
सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया
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// खुशियांे की दांस्ता //
पक्की छत ने बदली जिंदगी की तस्वीर - प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रेमवती आदिवासी को मिला नया जीवन
दतिया 29 सितम्बर 2026 / दतिया जिले अंतर्गत अनुभाग भांडेर के ग्राम हंसापुर की रहने वाली श्रीमती प्रेमवती आदिवासी अपने पति और बच्चों के साथ लंबे समय से कच्चे मकान में जिंदगी बसर कर रही थीं। बरसात के मौसम में कच्चे घर की टपकती छत और दीवारों की बदहाली पूरे परिवार के लिए भारी आफत बन जाती थी। आर्थिक तंगी के चलते पक्का मकान बनाना उनके लिए केवल एक सपना था, लेकिन शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई।
इस योजना के तहत स्वीकृति मिलते ही प्रेमवती का पक्का आवास बनकर तैयार हुआ। इस नए और मजबूत घर ने परिवार को न केवल मौसम की मार और असुरक्षा से मुक्ति दिलाई, बल्कि उनके जीवन में खुशहाली, स्थायित्व और सम्मान का भाव भी भर दिया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रेमवती कहती हैं कि पहले कच्चे मकान में बारिश के दिनों में बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती थीं, पर अब पक्का मकान मिलने से उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है और वे सम्मान के साथ जीवन जी रही हैं।
अनुभाग भांडेर में योजना का क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सुमन चक के अनुसार क्षेत्र में निरंतर निगरानी और समीक्षा के जरिए पिछले दो माह में 80 से अधिक प्रधानमंत्री आवास और 18 पीएम जनमन आवासों का निर्माण पूरा कराया गया है। योजना का मूल ध्येय हर बेघर परिवार को शौचालय, रसोईघर और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवास देकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। प्रेमवती आदिवासी की यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि शासन की जनकल्याणकारी नीतियां किस तरह ग्रामीण परिवारों के सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन की नींव मजबूत कर रही हैं।
सुश्री निहारिका मीना
सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया
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