इंसानियत अभी जिंदा है: रायगढ़ की मां के लिए राजधानी तक दौड़ा हेल्पिंग हैंड्स क्लब, 5 घंटे में पहुंचाया अस्पताल
रायपुर,खरसिया। मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है, इस कहावत को एक बार फिर चरितार्थ किया है हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन ने।
16 सितंबर को फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य अविनाश बोस को सूचना मिली कि रायगढ़ जिले के एक गरीब परिवार की माता गंभीर रूप से बीमार हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि खाने तक के पैसे नहीं हैं, इलाज तो दूर की बात है। उनका इलाज केवल रायपुर में संभव था।
सूचना मिलते ही फाउंडेशन के सभी सदस्य मदद के लिए एकजुट हो गए।
▪️मदद की जिम्मेदारी ऐसे बंटी
- निशुल्क इलाज की व्यवस्था: प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने तुरंत श्री बालाजी हॉस्पिटल, मोवा, रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.देवेंद्र नायक से संपर्क किया। डॉ.नायक ने मानवता दिखाते हुए मरीज का निशुल्क इलाज करने की सहमति दी।
- दवाइयों की जिम्मेदारी: प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल एवं श्रीमती बबीता अग्रवाल ने ली।
- एंबुलेंस की व्यवस्था: सदस्य श्रीमती भारती मोदी एवं उपाध्यक्ष श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने रायगढ़ से रायपुर तक एंबुलेंस की पूरी व्यवस्था संभाली।
- रहने-खाने की व्यवस्था: सदस्य अविनाश बोस ने ली।
▪️तत्परता ऐसी कि मरीज से पहले डॉक्टर तैयार
17 सितंबर को सुबह 11 बजे मरीज को रायगढ़ हॉस्पिटल से एंबुलेंस द्वारा रायपुर के लिए रवाना किया गया। शाम 4:30 बजे एंबुलेंस श्री बालाजी हॉस्पिटल पहुंची। सराहनीय बात यह रही कि एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही हेल्पिंग हैंड्स क्लब के सदस्य और डॉ.देवेंद्र नायक की पूरी टीम अस्पताल में तैयार खड़ी थी और आते ही तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया।
संस्था ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई जरूरतमंद मरीजों को फाउंडेशन द्वारा श्री बालाजी हॉस्पिटल भेजा गया है, जिनका डॉ.देवेंद्र नायक द्वारा निशुल्क उपचार किया गया है।
इस नेक कार्य के लिए फाउंडेशन ने श्री बालाजी हॉस्पिटल और डॉ.देवेंद्र नायक का आभार व्यक्त किया है।
फाउंडेशन के प्रदेश संरक्षक मनोज गोयल, प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल एवं सभी सदस्यों ने कहा, हमारा प्रयास रहेगा कि पैसों के अभाव में किसी की जान न जाए। हम इसी तरह जरूरतमंदों की मदद करते रहेंगे।