नन्हें कंधों पर भक्ति की कांवड़, भावविभोर हुआ खरसिया
▪️गंजबाजार हनुमान मंदिर से भगत तालाब शिव मंदिर तक निकली बाल कांवड़ यात्रा, माताएं भी बनीं सहभागी
खरसिया। सावन का महीना और उसमें नन्हें-नन्हें बच्चों के कंधों पर सजी कांवड़... ये दृश्य किसी को भी मोहित कर दे। भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का ऐसा संगम आज खरसिया की गलियों में देखने को मिला।
आज गंजबाजार स्थित हनुमान मंदिर से भगत तालाब स्थित शिव मंदिर तक करीब सौ नन्हें शिवभक्तों ने बाल कांवड़ यात्रा निकाली। यूं तो यह यात्रा ज्यादा लंबी नहीं थी, पर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।
भगवा वस्त्र, गले में रुद्राक्ष की माला और हाथों में सजी हुई छोटी-छोटी कांवड़ लेकर बच्चे जब बोल बम... हर हर महादेव के जयकारों के साथ झूमते-गाते चले तो नगर की गलियों का पूरा माहौल शिवमय हो गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नन्हें पैर भी थिरक रहे थे।
इस यात्रा की सबसे खूबसूरत बात ये रही कि छोटे-छोटे बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए उनकी माताएं भी साथ चल रही थीं। माताओं की आंखों में अपने बच्चों के लिए गर्व और शिवजी के प्रति श्रद्धा साफ झलक रही थी।
भक्ति से सराबोर यह पूरा माहौल अविस्मरणीय रहा। राहगीर भी कुछ देर रुककर इस अनुपम दृश्य को निहारते रहे और बोल-बम के नारे लगाते बच्चों पर पुष्प वर्षा करते रहे।
सावन में शिवभक्ति का यह रूप यह संदेश दे गया कि आस्था की जड़ें कितनी गहरी हैं और आने वाली पीढ़ी भी धर्म और संस्कारों से जुड़ी हुई है।