आयुक्त ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बाँदा का किया औचक निरीक्षण
चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शासकीय चिकित्सा संस्थानों की व्यवस्थाओं को निरंतर सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार द्वारा आज रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बाँदा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा, सिटी मजिस्ट्रेट, बाँदा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बाँदा तथा सहायक आयुक्त औषधि, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुक्त द्वारा मेडिकल कॉलेज में साफ-सफाई व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान एक्स-रे एवं सीटी स्कैन मशीनों की क्रियाशीलता भी संतोषजनक पाई गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थान में उपलब्ध सभी संसाधनों एवं मशीनों का नियमित रूप से रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी उपकरण के खराब होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे क्रियाशील कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा अवगत कराया गया कि मेडिकल कॉलेज के लिए फायर एन0ओ0सी0 प्राप्त किए जाने हेतु संबंधित स्तर से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं, किंतु अग्निशमन विभाग के स्तर से एन0ओ0सी0 अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इस पर आयुक्त ने मौके पर उपस्थित अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज का स्थलीय/भौतिक सत्यापन तत्काल पूर्ण कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए फायर एन0ओ0सी0 यथाशीघ्र जारी किया जाना सुनिश्चित करें।
आयुक्त ने मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया कि एक्स-रे एवं सीटी स्कैन की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से मेडिकल कॉलेज में बुलाने की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। मरीजों को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को बार-बार अस्पताल आने की अनावश्यक परेशानी न हो और समय एवं धन की बचत हो सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में स्थापित सभी चिकित्सा मशीनों एवं उपकरणों पर ए0एम0सी0 (Annual Maintenance Contract) तथा एस0ओ0पी0 (Standard Operating Procedure) से संबंधित टैग/विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। मशीनों के संचालन हेतु तैनात तकनीशियन निर्धारित समय पर उपलब्ध रहें तथा संबंधित कार्मिकों द्वारा ड्यूटी रोस्टर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर भी ऐसे सार्वजनिक एवं सहज दृश्य स्थान पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को संबंधित चिकित्सक की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके।
आयुक्त ने मेडिकल कॉलेज परिसर में भौतिक सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि जहां कहीं भी टाइलें टूटी अथवा उखड़ी हुई हैं, उनका तत्काल मरम्मतीकरण कराया जाए। सभी वार्डों में मरीजों की सुविधा के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में कूलर, पंखे एवं ए0सी0 की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए। आर्थोपेडिक वार्ड की लिफ्ट को भी यथाशीघ्र क्रियाशील कराते हुए मरीजों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
आयुक्त ने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कार्यप्रणाली में अनुशासन एवं पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि सभी चिकित्सक निर्धारित ड्रेस कोड एवं नेम प्लेट के साथ ही ड्यूटी पर उपस्थित रहें। मरीजों को अनावश्यक रूप से अन्यत्र रेफर न किया जाए तथा मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों एवं विशेषज्ञ सेवाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों को यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखी जाएं तथा मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता निरंतर सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त ने एम्बुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज में एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा उनकी नियमित मॉनीटरिंग की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं तथ्यहीन खबरों के संबंध में भी तत्काल संज्ञान लेकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यकतानुसार तथ्यात्मक खण्डन जारी कराने के निर्देश दिए, ताकि आमजन के मध्य किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।
आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। शासकीय चिकित्सा संस्थानों में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक व्यवहार, सुगम चिकित्सा सुविधा तथा आवश्यक उपचार उपलब्ध होना चाहिए। चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक असुविधा न हो तथा प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मरीज एवं उनके परिजन चिकित्सा व्यवस्था के केंद्र में हैं और उनकी सुविधा, सुरक्षा एवं संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति, उपकरणों की क्रियाशीलता तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सा सेवाओं में सुधार एवं मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासकीय चिकित्सा संस्थानों का नियमित निरीक्षण एवं सतत अनुश्रवण आगे भी जारी रहेगा।