दिनांक: 13.10.2026...
दुर्गा पूजा, विजयादशमी, मूर्ति विसर्जन एवं रावण दहन को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित
पूजा पंडालों के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों, विसर्जन जुलूस के निर्धारित मार्ग, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं रावण दहन कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
समस्तीपुर। आगामी दुर्गा पूजा के अंतर्गत सप्तमी, अष्टमी, नवमी एवं विजयादशमी के अवसर पर जिले में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा मूर्ति विसर्जन, विसर्जन जुलूस एवं रावण दहन कार्यक्रम के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, पूजा पंडालों की स्थापना एवं लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, जुलूस के मार्ग एवं समय निर्धारण, संवेदनशील स्थलों पर निगरानी, यातायात नियंत्रण, मूर्ति विसर्जन स्थलों की व्यवस्था तथा रावण दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक तैयारियां समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया गया।
1. पूजा पंडालों की स्थापना एवं लाइसेंस की व्यवस्था
बैठक में दुर्गा पूजा के अवसर पर स्थापित किए जाने वाले पूजा पंडालों के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पूजा समितियों द्वारा पंडाल स्थापना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप लाइसेंस प्राप्त करने, संबंधित विवरण उपलब्ध कराने तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
पूजा पंडालों के स्थान, प्रवेश एवं निकास द्वार, श्रद्धालुओं की आवाजाही, संभावित भीड़ तथा आसपास की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूजा स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तथा कमियों को समय रहते दूर कराने पर बल दिया गया।
2. पूजा पंडालों में सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्था
पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। पंडालों में पर्याप्त प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, भीड़ के सुचारु आवागमन तथा आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विद्युत तारों, अस्थायी विद्युत कनेक्शन, जनरेटर एवं प्रकाश व्यवस्था की सुरक्षा की जांच करने तथा ज्वलनशील सामग्री के उपयोग में आवश्यक सावधानी बरतने पर बल दिया गया। अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन वाहनों के पहुंचने के लिए आवश्यक स्थान तथा अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के पूजा पंडालों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लें और किसी भी प्रकार की संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए आवश्यक निरोधात्मक उपाय सुनिश्चित करें।
3. विधि-व्यवस्था एवं संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी
बैठक में जिले के संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की स्थिति पर सतत निगरानी रखने, स्थानीय स्तर पर आवश्यक समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका को गंभीरता से लेने पर बल दिया गया।
पूजा स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, जुलूस मार्गों एवं विसर्जन स्थलों पर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाने तथा आवश्यकता के अनुरूप गश्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार पर निगरानी रखने तथा किसी भी सूचना की सत्यता की जांच के बाद ही आवश्यक कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
4. मूर्ति विसर्जन जुलूस के मार्ग एवं समय का निर्धारण
मूर्ति विसर्जन के दौरान विधि-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विसर्जन जुलूस के मार्ग, समय एवं संचालन की व्यवस्था की समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित मार्गों एवं समय-सारणी के अनुरूप जुलूस के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
जुलूस मार्गों पर आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका वाले स्थानों की पहचान करने, संकरी सड़कों, प्रमुख चौक-चौराहों तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष ध्यान देने और आवश्यकतानुसार यातायात प्रबंधन की योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
जुलूस के दौरान विभिन्न पूजा समितियों के बीच समन्वय बनाए रखने, अनावश्यक अवरोध से बचने तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप कार्यक्रम संपन्न कराने पर बल दिया गया। साथ ही, जुलूस मार्ग पर आपातकालीन सेवाओं एवं आवश्यक वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं होने देने के लिए समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
5. विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधाएं
बैठक में मूर्ति विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को विसर्जन के लिए उपयुक्त स्थलों की व्यवस्था, पहुंच मार्गों की स्थिति तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
विसर्जन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग की आवश्यकता, पुलिस बल की तैनाती तथा जलाशयों एवं नदियों में विसर्जन के दौरान संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने पर जोर दिया गया। आवश्यकता के अनुरूप गोताखोरों, बचाव दल, नाव एवं अन्य आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा की गई।
श्रद्धालुओं को निर्धारित एवं सुरक्षित विसर्जन स्थलों का उपयोग करने के लिए जागरूक करने तथा खतरनाक स्थानों पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित होने से रोकने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
6. यातायात प्रबंधन एवं आम नागरिकों की सुविधा
दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं मूर्ति विसर्जन के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन की समुचित योजना तैयार करने पर जोर दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों, पूजा स्थलों एवं जुलूस मार्गों पर यातायात की स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यकता के अनुरूप यातायात नियंत्रण एवं वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था पर विचार करने को कहा गया।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश से बचाव, पैदल श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही तथा एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए मार्ग उपलब्ध रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने तथा पर्व के दौरान आवश्यक सेवाओं के संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
7. रावण दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
बैठक में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर संभावित भीड़, दर्शकों की आवाजाही, प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा सुरक्षित दर्शक क्षेत्र की व्यवस्था का आकलन करने पर बल दिया गया।
रावण दहन स्थल पर निर्धारित सुरक्षा दूरी बनाए रखने, आवश्यक बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण एवं पुलिस बल की तैनाती की योजना तैयार करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। आतिशबाजी अथवा ज्वलनशील सामग्री के उपयोग की स्थिति में लागू नियमों एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सहायता तथा किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
8. पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश एवं अन्य नागरिक सुविधाएं
पर्व के दौरान पूजा स्थलों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा आवश्यकतानुसार पेयजल की व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थलों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देने के लिए संबंधित निकायों एवं विभागों के बीच समन्वय पर बल दिया गया।
9. स्वास्थ्य सेवाएं एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया
बैठक में पर्व के दौरान किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। आवश्यकता के अनुसार प्राथमिक चिकित्सा, एम्बुलेंस सेवा तथा निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संभावित जोखिमों का आकलन करते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
10. पूजा समितियों एवं स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय
बैठक में पूजा समितियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। पूजा समितियों को प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन करने, विसर्जन जुलूस के निर्धारित मार्ग एवं समय का पालन करने तथा पंडालों एवं कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान करने तथा किसी भी गंभीर स्थिति की सूचना तत्काल वरीय पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
11. अनुमंडल, प्रखंड एवं थाना स्तर पर सतत निगरानी
बैठक में अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करने पर जोर दिया गया। पूजा पंडालों, विसर्जन मार्गों, विसर्जन स्थलों तथा रावण दहन कार्यक्रमों से संबंधित व्यवस्थाओं का समन्वित आकलन करने एवं आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण करने पर बल दिया गया।
पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के बीच नियमित समन्वय बनाए रखने तथा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था से संबंधित किसी भी सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
12. शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व संपन्न कराने पर जोर
जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि दुर्गा पूजा, विजयादशमी, मूर्ति विसर्जन एवं रावण दहन के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सजगता एवं आपसी समन्वय के साथ करने की आवश्यकता बताई गई।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने पर बल दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त समस्तीपुर श्री सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता समस्तीपुर श्री ब्रजेश कुमार, नगर आयुक्त समस्तीपुर श्री गौतम कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर सदर श्री राकेश सहित संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं, क्षेत्रीय पदाधिकारी अपने-अपने अनुमंडल, प्रखंड एवं संबंधित अंचलों से बैठक में जुड़े हुए थे।
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Samrat Choudhary
Patna, Bihar | Oct 13, 2026