भिवानी के शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने रचा इतिहास, 150 बार रक्तदान कर बनाया कीर्तिमान,98 बार रक्त और 52 बार प्लेटलेट्स दान
बाबा बंदा बहादुर के 10वें वंशज गुरु जितेंद्र सोढ़ी ने किया सम्मान, बोले : मानव सेवा की पराकाष्ठा हैं डुडेजा, युवाओं के लिए प्रेरणा
भिवानी, 03 अक्तूबर : रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी टूटती सांस को जिंदगी का उपहार देने का महायज्ञ है। इसी विचार को अपने जीवन का ध्येय बनाकर भिवानी के शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने मानव सेवा और समाज कल्याण की एक ऐसी अद्भुत मिसाल पेश की है, जो आज के युवा वर्ग के लिए दिशा-निर्देश और प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। अटूट निष्ठा और अनवरत सेवा पथ पर आगे बढ़ते हुए राजेश डुडेजा ने 150 बार रक्तदान करने का एक नया और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस अतुलनीय सेवा, जीवन रक्षा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और युवाओं को प्रेरित करने के निरंतर प्रयासों के सम्मान स्वरूप बाबा बंदा बहादुर के 10वें वंशज गुरु जितेंद्र सोढ़ी ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
राजेश डुडेजा का यह सफर केवल एक संख्या या आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अनगिनत परिवारों की खुशियों और तड़पते मरीजों को नया जीवन मिलने की ढेरों अनकही कहानियां छिपी हैं। अपने इस सेवा सफर में उन्होंने नियमित रूप से शिविरों और अस्पतालों में जाकर 98 बार सामान्य रक्तदान किया। वही आपातकालीन और अति-गंभीर स्थितियों में, जब मरीजों को प्लेटलेट्स की तत्काल आवश्यकता हुई, तब उन्होंने तत्परता दिखाते हुए 52 बार प्लेटलेट्स दान किए। जब भी किसी अस्पताल में गंभीर मरीज को प्लेटलेट्स या रक्त की सख्त आवश्यकता पड़ी, राजेश डुडेजा बिना किसी हिचकिचाहट के मदद के लिए सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे।
सम्मान समारोह के दौरान गुरु जितेंद्र सोढ़ी से सम्मान प्राप्त करने के बाद शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने कहा कि गुरु जी द्वारा मिला यह आशीर्वाद और सम्मान मेरे इस सेवा पथ को और अधिक मजबूती प्रदान करता है। मैंने यह राह कभी किसी पुरस्कार या ख्याति के लिए नहीं चुनी, बल्कि किसी तड़पते हुए मरीज और उसके चिंतित परिजनों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लाने के उद्देश्य से शुरू की थी। जब तक मेरा स्वास्थ्य अनुमति देगा, मैं अनवरत रक्तदान करता रहूँगा। मेरा एकमात्र लक्ष्य स्वयं रक्तदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाना है कि रक्तदान पूरी तरह से सुरक्षित है और यह हमारे स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। इस मोके पर एम्स बाड़सा से आयी टीम को भी सम्मानित किया गया
सम्मान समारोह के दौरान बाबा बंदा बहादुर के वंशज गुरु जितेंद्र सोढ़ी ने राजेश डुडेजा के नि:स्वार्थ प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि राजेश डुडेजा जैसे समाजसेवी हमारे जिले, प्रदेश और पूरे समाज के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि 150 बार रक्तदान करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है, यह किसी व्यक्ति के भीतर छिपी मानव सेवा की पराकाष्ठा और गहरी निष्ठा को दर्शाता है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है। ऐसे समाजसेवियों का सम्मान करना समाज और प्रशासन का परम कर्तव्य है, ताकि हमारी युवा पीढ़ी इनसे सीख लेकर रक्तदान जैसे महान अभियानों में बढ़-चढकऱ भाग ले सके।
गौरतलब होगा कि राजेश डुडेजा केवल स्वयं रक्तदान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भिवानी जिले और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को इस अभियान से जोडऩे के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वे विभिन्न सामाजिक मंचों, संवाद कार्यक्रमों और व्यक्तिगत संपर्कों के माध्यम से युवाओं के मन में रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों और डर को दूर करते हैं। डुडेजा युवाओं को निडर होकर रक्तदान शिविरों में भाग लेने और नियमित रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करते हैं। राजेश डुडेजा का यह संकल्प और नि:स्वार्थ भाव यह साबित करता है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो एक अकेला व्यक्ति भी समाज में परिवर्तन की बड़ी लहर ला सकता है। उनका यह कीर्तिमान आने वाले समय में लाखों युवाओं को रक्तदान के इस महायज्ञ से जोडऩे का काम करेगा।
Bhiwani, Bhiwani | Oct 3, 2026