जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई
सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 10