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भानु प्रताप सिंह राठौड़

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जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुं�
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 7
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 11
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 3
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सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 10
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 6
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 9
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 4
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सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी। का पार्ट 5
जसापुर से पहली बार निकली डाक कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने भक्ति भाव से दी विदाई

सेंगुर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन भोले बाबा मंदिर से रविवार शाम 6 बजे पहली बार डाक कांवड़ यात्रा बिठूर के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरा गांव शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने एकत्रित होकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा डाक कांवड़ लेकर रवाना हुए शिवभक्तों का तिलक, पुष्पवर्षा और 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भव्य विदाई दी।
पूरे गांव में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ग्रामवासी पूरी श्रद्धा के साथ एकजुट होकर कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते रहे। मंदिर परिसर में गूंजते शिवभक्ति के जयघोषों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
डाक कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त बिठूर पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरेंगे और सोमवार प्रातः जसापुर स्थित भोले बाबा मंदिर में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। गांव से पहली बार निकली इस डाक कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल रहा। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का यह अनुपम दृश्य पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार निकली यह डाक कांवड़ यात्रा आने वाले वर्षों में गांव की एक गौरवशाली धार्मिक परंपरा के रूप में स्थापित होगी।
जय माँ पीताम्बरा! 🙏
आज दतिया (मध्यप्रदेश) स्थित माँ पीताम्बरा के पावन दरबार में दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। माँ के चरणों में उपस्थित होकर मन को अद्भुत शांति, अपार श्रद्धा और दिव्य ऊर्जा का अनुभव हुआ। यह यात्रा जीवन की अविस्मरणीय एवं अत्यंत सुखद अनुभूति रही।
इस पुण्य यात्रा में मेरे साथ आदरणीय गोपाल सिंह राठौड़ एडवोकेट (पूर्व प्रधान, जसापुर), राहुल राजपूत (जल निगम ठेकेदार), अजीत भदौरिया (सुरासी), गौरव सिंह गौर (कार बाजार, मंगलपुर) एवं रमेश गुप्ता (मंगलपुर) भी साथ रहे।
माँ पीताम्बरा की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे।
जय माँ पीताम्बरा! 🌺🚩
<nis:link nis:type=tag nis:id=धूमावती nis:value=धूमावती nis:enabled=true nis:link/> माता, दतिया (मध्यप्रदेश) के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं की अपार आस्था के चलते मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ी। कई घंटों तक लंबी कतार में प्रतीक्षा करने के बाद माँ के दिव्य दर्शन हुए। जैसे ही माता के चरणों में शीश झुकाया, सारी थकान पलभर में दूर हो गई और मन अद्भुत शांति व भक्ति से भर उठा।
जय माँ धूमावती! 🙏🚩
<nis:link nis:type=tag nis:id=पीतांबरा nis:value=पीतांबरा nis:enabled=true nis:link/> पीठ की ओर आस्था के कदम… 🚶‍♂️🙏
माँ के दरबार तक हर कदम एक प्रार्थना है।
जय माँ पीतांबरा! 🕉️💛
15 अगस्त की रात्रि का माहौल
15 अगस्त की रात्रि भारत की आज़ादी, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता का अनुपम प्रतीक होती है। जैसे ही रात का अंधकार गहराता है, तिरंगे की शान और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे सरकारी भवन, ऐतिहासिक स्मारक और सार्वजनिक स्थल पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग देते हैं। चारों ओर राष्ट्रभक्ति के गीत गूंजते हैं और हर भारतीय के मन में अपने देश के प्रति सम्मान, गर्व और समर्पण की भावना जाग उठती है।
इतिहास के पन्नों में 14–15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। इसी ऐतिहासिक क्षण भारत ने लगभग दो शताब्दियों की ब्रिटिश दासता से मुक्ति पाकर स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में नई यात्रा शुरू की। लोगों ने "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिंद" के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। मिठाइयाँ बाँटी गईं, दीप जलाए गए और आज़ादी का उल्लास पूरे देश में दिखाई दिया।
हालाँकि, यह रात केवल उत्सव की नहीं थी। देश के विभाजन का दर्द भी लाखों परिवारों ने उसी समय झेला। अनेक लोग अपने घर-परिवार से बिछड़ गए और असंख्य लोगों को विस्थापन की पीड़ा सहनी पड़ी। इसलिए 15 अगस्त की यह ऐतिहासिक रात्रि एक ओर स्वतंत्रता के अमूल्य आनंद का प्रतीक है, तो दूसरी ओर विभाजन की वेदना की भी याद दिलाती है।
आज भी 15 अगस्त की रात्रि हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर देती है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्र भारत का गौरवशाली भविष्य सौंपा। यह रात हमें राष्ट्रहित, एकता और अखंडता के प्रति अपने कर्तव्यों का भी एहसास कराती है।
✍️ लेखक: पत्रकार भानुप्रताप सिंह राठौड़
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<nis:link nis:type=tag nis:id=दतिया nis:value=दतिया nis:enabled=true nis:link/> स्थित माँ पीताम्बरा पीठ के पावन दर्शन के लिए प्रस्थान।
माँ की कृपा सभी पर बनी रहे।
जय माँ पीताम्बरा! 🙏🌺
Video 15
🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳

श्रीमती सोनकली यादव
पत्नी श्री यतेंद्र सिंह यादव
ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत मुंडेरा किन्नर सिंह

की ओर से समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों को
79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अनंत मंगलकामनाएँ।

आइए, हम सभी राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए
मिलकर कार्य करें तथा अपने गाँव और देश के विकास में
अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

"वंदे मातरम् • जय हिन्द"

📞 संपर्क सूत्र:
+91 63863 08646
🇮🇳 15 अगस्त | स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ 🇮🇳
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।"
आज स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सिकंदरा थाना प्रभारी श्री सुधाकर सिंह जी से आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण मुलाकात का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है। ऐसे सभी वीर पुलिसकर्मियों और देश के जवानों को हृदय से नमन, जिनकी बदौलत हम स्वतंत्रता, शांति और सम्मान के साथ अपना जीवन जी रहे हैं।
🇮🇳 नारा 🇮🇳
"तिरंगा हमारी शान है, भारत हमारी पहचान है;
देश की आन, बान और सम्मान के लिए हर हिंदुस्तानी सदैव तैयार है।"
जय हिंद!
वंदे मातरम्!
भारत माता की जय! 🇮🇳
🇮🇳 15 अगस्त | स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ 🇮🇳
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।"
आज स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सिकंदरा थाना प्रभारी श्री सुधाकर सिंह जी से आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण मुलाकात का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है। ऐसे सभी वीर पुलिसकर्मियों और देश के जवानों को हृदय से नमन, जिनकी बदौलत हम स्वतंत्रता, शांति और सम्मान के साथ अपना जीवन जी रहे हैं।
🇮🇳 नारा 🇮🇳
"तिरंगा हमारी शान है, भारत हमारी पहचान है;
देश की आन, बान और सम्मान के लिए हर हिंदुस्तानी सदैव तैयार है।"
जय हिंद!
वंदे मातरम्!
भारत माता की जय! 🇮🇳
🇮🇳 15 अगस्त – स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳
आज जब तिरंगा आसमान में शान से लहराता है, तब केवल एक झंडा नहीं, बल्कि उन लाखों वीर सपूतों के अधूरे सपने, अनगिनत बलिदान और मातृभूमि के लिए समर्पित जीवन हमारी आँखों के सामने जीवंत हो उठते हैं।
यह आज़ादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्कि शहीदों के लहू, माताओं के आँसुओं और अनगिनत परिवारों के त्याग से मिली है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम इस स्वतंत्रता का सम्मान करें, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें तथा अपने कर्मों से भारत माता का गौरव बढ़ाएँ।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल उत्सव ही न मनाएँ, बल्कि यह भी संकल्प लें कि सत्य, ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और मानवता के मार्ग पर चलते हुए अपने देश और समाज की सेवा करेंगे। यही उन अमर शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
🇮🇳 जय हिन्द!
🇮🇳 वन्दे मातरम्!
🇮🇳 भारत माता की जय!
— भानु प्रताप सिंह राठौड़
पत्रकार | पब्लिक ऐप | सोशल मीडिया
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🇮🇳 15 अगस्त – स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳
आज जब तिरंगा आसमान में शान से लहराता है, तब केवल एक झंडा नहीं, बल्कि उन लाखों वीर सपूतों के अधूरे सपने, अनगिनत बलिदान और मातृभूमि के लिए समर्पित जीवन हमारी आँखों के सामने जीवंत हो उठते हैं।
यह आज़ादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्कि शहीदों के लहू, माताओं के आँसुओं और अनगिनत परिवारों के त्याग से मिली है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम इस स्वतंत्रता का सम्मान करें, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें तथा अपने कर्मों से भारत माता का गौरव बढ़ाएँ।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल उत्सव ही न मनाएँ, बल्कि यह भी संकल्प लें कि सत्य, ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और मानवता के मार्ग पर चलते हुए अपने देश और समाज की सेवा करेंगे। यही उन अमर शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
🇮🇳 जय हिन्द!
🇮🇳 वन्दे मातरम्!
🇮🇳 भारत माता की जय!
— भानु प्रताप सिंह राठौड़
पत्रकार | पब्लिक ऐप | सोशल मीडिया
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<nis:link nis:type=tag nis:id=15 nis:value=15 nis:enabled=true nis:link/> अगस्त से पहले 14 अगस्त का दिन

14 अगस्त का दिन स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या का दिन होता है। इस दिन पूरे देश में उत्साह और देशभक्ति का वातावरण दिखाई देता है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में 15 अगस्त के कार्यक्रमों की अंतिम तैयारियाँ की जाती हैं। राष्ट्रीय ध्वज, रंग-बिरंगी सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अभ्यास हर जगह देखने को मिलता है।

लोग अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को भी सजाते हैं तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हैं। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह रहता है। बाजारों में तिरंगे, झंडियाँ और देशभक्ति से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी बढ़ जाती है।

इस प्रकार 14 अगस्त का दिन केवल तैयारियों का ही नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, गर्व और एकता की भावना को मजबूत करने का भी दिन होता है। अगले दिन मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के लिए यह दिन पूरे देश में उल्लास और उमंग का संदेश लेकर आता है।
जय हिन्द
🌅 गुड मॉर्निंग दोस्तों!
हर नई सुबह एक नया अवसर लेकर आती है।
मुस्कुराइए, सकारात्मक सोचिए और पूरे जोश के साथ अपने सपनों की ओर बढ़िए।
आपका दिन मंगलमय और सफल हो! 🌸✨
पूर्व सांसद राजाराम पाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, मंदिरों और पंडितों को लेकर टिप्पणी का दावा
कानपुर देहात। अकबरपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे पूर्व सांसद राजाराम पाल का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में राजाराम पाल ब्राह्मण समाज, धार्मिक परंपराओं और मंदिरों को लेकर टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं।
वायरल हो रहे वीडियो में वह लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और देश के मंदिरों का जिक्र करते हुए पंडितों पर निशाना साधते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो के एक हिस्से में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि देश के मंदिरों को अहिल्याबाई होलकर ने बचाया, जबकि उनका “माल पंडित उड़ा रहे हैं।” उनके इसी कथित बयान का अंश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हालांकि, यह वीडियो कब का है और किस स्थान पर बनाया गया था, इसकी फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि वीडियो किसी निजी कार्यक्रम का है।
वीडियो वायरल होने के बाद राजाराम पाल की ओर से कथित तौर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एडिटेड वीडियो बताया गया है। ऐसे में वीडियो के पूरे संदर्भ और वास्तविकता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
महत्वपूर्ण: सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में कही गई बातों और उसके संदर्भ की पुष्टि संबंधित मूल वीडियो या विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत से होना अभी बाकी है।