मृत्यु के बाद भी मानव सेवा की एक मिसाल — देहदान
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर में एक परिवार ने अपनी परिजन के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर मेडिकल छात्रों की शिक्षा एवं प्रायोगिक अध्ययन के लिए दान किया।
परिवार के अनुसार, यह निर्णय संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित होकर और सभी परिजनों की सहमति से लिया गया।
वीडियो में CIMS के एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष ने बताया कि मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना समझने के लिए देह की आवश्यकता होती है और देहदान मेडिकल शिक्षा में उपयोगी होता है।
देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट और जानिए देहदान के महत्व के बारे में।
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