ग्राम कढ़ाई में कचरा डंपिंग पर भड़के ग्रामीण
अधिकारियों का घेराव कर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
कचरा नहीं हटाने पर हाईवे जाम करने की चेतावनी
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बैतूल। ग्राम कढ़ाई की गौशाला में कचरा डंपिंग को लेकर गांव में 14 अक्टूबर को आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने तीखा विरोध दर्ज कराया। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एम.पी. तिवारी और अपर कलेक्टर वंदना जाट की मौजूदगी में ग्रामीणों ने कचरा डंपिंग को ग्रामसभा की असहमति और स्थानीय निकायों की कथित अनापत्ति के बावजूद जारी रखने पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने कचरा डंपिंग को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, कचरा हटाने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और जबलपुर हाईकोर्ट में कानूनी कार्रवाई के साथ मुख्य हाईवे पर चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी।
ग्रामीण महेश उइके ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी एम.पी. तिवारी ने चर्चा को मुख्य मुद्दे से हटाकर इसे केवल पर्यावरण का विषय बताने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियों को लिखित दस्तावेज के रूप में अधिकारियों को सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि कचरा डंपिंग का मामला पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामसभा और ग्राम पंचायत के वैधानिक अधिकारों की अनदेखी का मुद्दा भी शामिल है।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने क्षेत्रीय अधिकारी एम.पी. तिवारी और उनके सहयोगी संजय राजपूत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जवाब मांगा। ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम कढ़ाई में लगभग एक हजार डंपर कचरा जमा होने के बावजूद दस्तावेजों में इसकी मात्रा केवल एक टन दर्शाई गई और इसी आधार पर पुरानी शिकायतों को नस्तीबद्ध करने की सिफारिश की गई। ग्रामीणों ने इस कथित विसंगति पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा ने कचरा डंपिंग का कड़ा विरोध किया था, इसके बावजूद वहां कचरा डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जनपद पंचायत बैतूल और जिला पंचायत बैतूल ने नगर पालिका को संबंधित स्थान पर कचरा डंप करने की सहमति नहीं दी है। ऐसे में ग्रामीणों ने कचरा डंपिंग की वैधानिकता और भूमि आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
जनसुनवाई समाप्त होने के बाद नाराज ग्रामीणों ने क्षेत्रीय अधिकारी एम.पी. तिवारी के वाहन को रोककर उनका घेराव किया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन और कानूनी लड़ाई की तैयारी में हैं। ग्रामीण नेता महेश उइके और राजा धुर्वे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भोपाल जाकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। वहीं, इसी माह जबलपुर हाईकोर्ट में भूमि आवंटन के खिलाफ याचिका दायर करने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि डंप किया गया कचरा तत्काल नहीं हटाया गया और जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हुआ, तो वे मुख्य हाईवे पर चक्काजाम करेंगे।