*मंदाकिनी उफान पर: रामघाट का प्लेटफॉर्म डूबा, 100 से ज्यादा दुकानों में घुसा पानी, लंका तिराहे पर सड़क पर चल रही नाव*
*आरोग्यधाम मार्ग पर 5 फीट पानी, रपटा 6 फीट डूबा; गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया मार्ग भी बंद, श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी*
सतना। तराई और चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद गुरुवार को मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर करीब 1.5 से 2 मीटर बढ़ने के बाद खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। अचानक बढ़े जलस्तर से चित्रकूट के रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। रामघाट का पूरा प्लेटफॉर्म पानी में डूब गया, जबकि घाट के आसपास की 100 से अधिक दुकानों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। बाद की वजह से हालात इस तरह के बन गए है कि पुरानी लंका तिराहे पर सड़कों पर नाव चल रही है।
जलस्तर बढ़ते ही रामघाट पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने घाट की ओर जाने वाले दोनों रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात कर दिया। यहां आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। पुलिसकर्मी लोगों को नदी और घाट की ओर जाने से रोक रहे हैं।
*आरोग्यधाम मार्ग पर 5 फीट पानी, रपटा 6 फीट डूबा*
बाढ़ का असर चित्रकूट के प्रमुख मार्गों पर भी पड़ा है। रामघाट जाने वाले आरोग्यधाम मार्ग पर करीब 5 फीट पानी बह रहा है। वहीं भरतघाट-रामघाट को जोड़ने वाला रपटा 6 फीट से अधिक पानी में डूब गया है। दोनों मार्गों पर आवागमन बंद कर दिया गया है।
सती अनुसुइया जाने वाला मार्ग भी बंद है। गुप्त गोदावरी में पानी भरने के कारण दर्शन रोक दिए गए हैं। जानकी चरण चिन्ह स्थल भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। प्रशासन और पुलिस श्रद्धालुओं को इन स्थानों की ओर जाने से रोक रही है।
*दुकानदारों को सामान खराब होने की चिंता*
रामघाट का प्लेटफॉर्म पूरी तरह जलमग्न होने के साथ आसपास की 100 से अधिक दुकानों में पानी पहुंच गया है। अचानक पानी बढ़ने से दुकानदारों को सामान के नुकसान की चिंता सताने लगी है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
*नदी किनारे नहीं जाने की अपील*
मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घाटों पर आवाजाही रोककर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जलस्तर में बदलाव के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।