ओला का खेला! स्कूटी घर पर खड़ी, EMI दौड़ रही — छतरपुर के ग्राहक आखिर जाएं तो जाएं कहां?
छतरपुर। डिजिटल इंडिया, स्मार्ट मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक क्रांति के बड़े-बड़े दावों के बीच छतरपुर जिले के कई ओला स्कूटर ग्राहक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। आरोप है कि शहर में स्थित ओला सर्विस सेंटर पर पिछले लगभग एक माह से ताला लटका हुआ है, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों ग्राहकों की स्कूटियां खराब होकर घरों में खड़ी हैं और उनकी EMI लगातार कट रही है।
ग्राहकों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर उन्होंने ओला की इलेक्ट्रिक स्कूटियां खरीदी थीं। कंपनी ने बेहतर तकनीक, कम खर्च और शानदार सर्विस का वादा किया था, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि स्कूटी खराब होने पर उसे ठीक कराने के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति तक नहीं मिल रहा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सर्विस सेंटर ही बंद है तो खराब स्कूटी लेकर ग्राहक कहां जाएं? जिन लोगों ने फाइनेंस पर वाहन खरीदे हैं, उनकी किस्तें समय पर वसूली जा रही हैं, लेकिन सर्विस देने के समय कंपनी नदारद दिखाई दे रही है।
कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी स्कूटियां कई दिनों से बंद पड़ी हैं। कोई बैटरी की समस्या से परेशान है तो किसी की गाड़ी स्टार्ट नहीं हो रही। कुछ ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने बार-बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं मिला।
अब जिले में यह चर्चा का विषय बन गया है कि यदि किसी कंपनी का सर्विस नेटवर्क ही ठप हो जाए तो उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्राहक किसके पास अपनी शिकायत लेकर जाएं? और सबसे महत्वपूर्ण बात, यदि वाहन उपयोग में नहीं है तो उसकी EMI का बोझ आखिर क्यों उठाएं?
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि वास्तव में सर्विस सेंटर लंबे समय से बंद है तो जिला प्रशासन, उपभोक्ता संरक्षण विभाग और संबंधित जिम्मेदार एजेंसियों को मामले की जांच करनी चाहिए। लोगों की मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहन घरों में धूल खा रहे हैं और उपभोक्ता परेशान घूम रहे हैं।
अब छतरपुर के ग्राहकों का सीधा सवाल है — स्कूटी बंद है, सर्विस सेंटर बंद है, लेकिन EMI चालू है... आखिर यह कैसा डिजिटल विकास है?
(नोट: यह समाचार ग्राहकों द्वारा लगाए गए आरोपों और स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों पर आधारित है। संबंधित कंपनी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)