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पन्ना।रुंज मझगांय बांध में मुआवजा राशि न मिलने पर आदिवासी पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन के दौरान 
धरना प्रदर्शन के संरक्षक अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार को गिरफ्तार करने का आरोप मारपीट का आरोप 
आदिवासी महिलाओं के साथ में मारपीट का आरोप इसी संबंध में युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह परमार के नेतृत्व में हनुमतपुर चौकी का घैराव किया जा रहा है।
छतरपुर।जीतू पटवारी ने रुंज मझगांय बांध में आदिवासी आंदोलन में टीआई को रिपोर्ट न लिखने पर हड़काया
पुलिस पर आरोप बुजुर्ग महिला के साथ में मारपीट फिर उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया 
पीड़ित महिला रोते हुए पहुंची हनुमतपुर चौकी और युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह परमार को रो रोकर सुनाई अपनी कहानी।।
युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह परमार ने कहा अगर आदिवासियों कि मांगें नहीं मानी गई और आदिवासियों को पीटने वाले पुलिस वालों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई 

तो आएंगे जीतू पटवारी बैठेंगे धरने पर।
आदिवासी आंदोलन में नन्ही बच्ची भी बोल पड़ी होश में आओ होश में आओ..
पन्ना।जीतू पटवारी ने विडियो काॅल पर टीआई से कहा आदिवासियों कि रिपोर्ट नहीं लिखी तो आंदोलन में मैं भी आऊंगा
छतरपुर। जब मरीज गरीब हो और ऊपर से बुजुर्ग तो अस्पताल से ऐसी तस्वीरें आना आम हो जाती है।
अंत में लाईट जाने पर बुंदेली सुपरस्टार कक्कू भैया क्यों कहा हम ये भी जानते थें
एक सोच रहा और एक कर रहा है एक सोच भी नहीं सकता है और दूसरे को तुम करने से रोक भी नहीं सकते।
एक बाबा 22 एकड़ कब्जाने कि सोच रहा था और एक बाबा ने 500 एकड़ जमीन कब्जा कर छीन लिया है यहां स्ट्रींग करने कि जरुरत है यहां पहुंचों
कैसे बने कक्कू भैया बुंदेली सुपरस्टार..?
इंतजार कीजिए बुंदेली सुपरस्टार कक्कू भैया धमाकेदार इंटरव्यू ...!!
इंद्रपाल आदिवासी को पुलिस द्वारा ले जाने का आरोप, अमित भटनागर ने गिरफ्तारी देने की बात कही

छतरपुर। आंदोलन के संरक्षक अमित भटनागर ने आरोप लगाया है कि सत्याग्रह कर रहे इंद्रपाल आदिवासी को पुलिस दो दिन पहले अपने साथ ले गई थी। उनके अनुसार, इंद्रपाल के सिर, छाती और मुंह पर चोटें आई हैं और पुलिस द्वारा ले जाने के बाद से उनका पता नहीं चल रहा है।

अमित भटनागर ने दावा किया कि इंद्रपाल आदिवासी को दिव्या अहिरवार के साथ पुलिस अपने साथ लेकर गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इंद्रपाल को गिरफ्तार किया गया है तो उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इंद्रपाल को गायब तो नहीं कर दिया गया।

अमित भटनागर ने कहा कि आंदोलन और सत्याग्रह कर रहे लोगों के साथ कथित तौर पर की जा रही इस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मामले के विरोध में स्वयं गिरफ्तारी देने की घोषणा की।

उन्होंने प्रशासन से इंद्रपाल आदिवासी की स्थिति और उनके ठिकाने को स्पष्ट करने तथा मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की है।

हालांकि, इंद्रपाल आदिवासी को पुलिस द्वारा कहां ले जाया गया, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं—इस संबंध में पुलिस या प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
किसान ट्रैक्टर यात्रा में किसान ने कहा माल हमरा दाम तुम्हारा नहीं चलेगा
छतरपुर।ज्ञानेश कुमार के स्थीपा को लेकर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट में हल्ला बोल..
किसान यात्रा में किसानों ने सरकार को घेरा कहा फसल हमारी दाम तुम्हारे नहीं चलेंगे
छतरपुर के पूर्व बाइपास बगराजन मंदिर के पास गौशाला तिराहे पर किस बात कि वसूली चल रही है।

आखिर यहां क्या नगरपालिका ने अनुमति दे रखी है ?
छतरपुर। जनपद कार्यालय है या फिर बियर वार रूम है
Video 18
छतरपुर जनपद पंचायत कार्यालय बना बियर बार रूम?
रात 10 बजे जनपद CEO कार्यालय में क्या चल रहा था?

पत्रकारों को अंदर जाने से रोकने पर उठे सवाल, कर्मचारियों ने कहा—“थकान कम करने थोड़ी-बहुत चलती है!”

रात 10 बजे सरकारी दफ्तर… और अंदर से आती ऐसी तस्वीरें, जिन्होंने कई सवाल खड़े कर दिए।

आमतौर पर जिस जनपद CEO कार्यालय में दिन के समय सरकारी कामकाज होता है, वहां रात करीब 10 बजे कुछ कर्मचारी मौजूद नजर आए। मामला तब और चर्चा में आ गया, जब पत्रकार कार्यालय के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन चपरासी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।

अब सवाल यह है कि रात 10 बजे कार्यालय में ऐसा क्या चल रहा था, जिसे देखने के लिए पत्रकारों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी?

वीडियो में एक कर्मचारी कथित तौर पर यह स्वीकार करता दिखाई दे रहा है कि “हम शराब पीए हैं।” वहीं कुछ कर्मचारियों की बातचीत में यह भी सुनाई देता है कि दिनभर की थकान कम करने के लिए “थोड़ी-बहुत” चलती है।

उधर, जनपद CEO की ओर से अलग स्पष्टीकरण सामने आया। उनका कहना है कि सुकमा में उपचुनाव की ड्यूटी/कार्यक्रम के चलते वे अभी लौटे थे और दिनभर की थकान के कारण कार्यालय में मौजूद थे।

लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है—

अगर दिनभर की थकान थी तो सरकारी कार्यालय ही आराम की जगह क्यों बना?
अगर सब कुछ सामान्य था तो पत्रकारों को अंदर जाने से रोकने की जरूरत क्यों पड़ी?
और अगर कर्मचारी शराब पी रहे थे, तो क्या सरकारी कार्यालय इसके लिए निर्धारित जगह है?

सरकारी दफ्तर जनता के काम के लिए होते हैं। वहां रात के समय कर्मचारियों की मौजूदगी अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन अगर कार्यालय परिसर में शराब पीने जैसी बात सामने आती है, तो इसकी जांच होना जरूरी है कि वास्तव में वहां क्या हुआ था और किसकी मौजूदगी में हुआ।

अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले को सिर्फ “दिनभर की थकान” मानकर छोड़ते हैं या फिर रात 10 बजे सरकारी कार्यालय में हुई गतिविधियों की जांच भी कराई जाती है।

क्योंकि सवाल सिर्फ शराब का नहीं है… सवाल सरकारी कार्यालय में रात 10 बजे चल रही “महफिल” का है!
मध्य प्रदेश के सरपंच भोपाल क्यों पहुंच रहे हैं?

 सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद पटेल ने क्या कहा ?
बलात्कार मामले में फरार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग, एसपी से शिकायत

छतरपुर। खजुराहो थाना क्षेत्र के गांव की एक महिला ने बलात्कार के मामले में फरार चल रहे आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक छतरपुर को लिखित शिकायत दी है। महिला ने अपनी शिकायत में आरोपी पर धमकी देने और परिवार पर समझौते का दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार, महिला का आरोप है कि 20 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे वह घर से खेत की ओर गई थी। इसी दौरान जटकरा निवासी काशी पटेल मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा और उसका रास्ता रोककर उसे खेत की ओर ले गया। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने और चिल्लाने पर उसके साथ मारपीट की गई तथा खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

शिकायत में बताया गया है कि महिला की आवाज सुनकर उसके चाचा मौके पर पहुंचे और आवाज लगाई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। महिला के अनुसार, 21 सितंबर को खजुराहो थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी काशी पटेल के खिलाफ अपराध क्रमांक 252/2026 में बीएनएस की धारा 64(1), 296(बी), 351(2) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

समझौते के लिए धमकी देने का आरोप

महिला ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बाद आरोपी और उसके साथियों की ओर से परिवार पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपी परिवार को गांव में नहीं रहने देने और जान से मारने की धमकी दे रहा है।

महिला ने यह भी कहा है कि कथित धमकियों के कारण उसका परिवार भय के माहौल में है और खेतों में कृषि कार्य के लिए जाने में भी परेशानी हो रही है। परिवार कृषि पर निर्भर होने के कारण उसने सुरक्षा की मांग की है।

पुलिस से शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग

शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी काशी पटेल की शीघ्र गिरफ्तारी कराने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। महिला ने आशंका जताई है कि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता की पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के प्रकाशन तक नहीं हुई है। पुलिस की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप, मासूम के पैर में फैला संक्रमण; आखिरकार काटना पड़ा पैर

छतरपुर। जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पठाड़ा निवासी बालमुकुंद यादव ने अपनी बेटी खुशबू के इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। परिजनों का दावा है कि पैर में चोट लगने के बाद निजी क्लीनिक में कराए गए इलाज के बाद बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई और संक्रमण गंभीर होने के बाद उसका पैर काटना पड़ा।
छतरपुर। गोरैया गांव में गौ साला कि जमीन पर कब्जा किया फिर दलित के साथ मारपीट कर दी..

ग्रामीण पहुंचे एसपी कार्यालय...