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छतरपुर।भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष की निकलेगी कांवड़ यात्रा क्षेत्र वासियों को दिया आंमत्रण..
लखनऊ में Rapido ड्राइवर का अकाउंट 100 साल के लिए बैन! जातिसूचक टिप्पणियों का विरोध करना पड़ा भारी?

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में Rapido कैब चालक अंकित कुमार (30) का अकाउंट कथित तौर पर करीब 100 साल के लिए सस्पेंड किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। अंकित का आरोप है कि उन्होंने यात्रियों द्वारा की जा रही जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियों का विरोध किया था, जिसके बाद शिकायत होने पर कंपनी ने बिना उनका पक्ष सुने कार्रवाई कर दी।

जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। अंकित कुमार ने उतरठिया रेलवे स्टेशन से चार यात्रियों को चारबाग रेलवे स्टेशन ले जाने के लिए बुकिंग स्वीकार की थी। यात्रा के दौरान चारों यात्री अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को लेकर चर्चा कर रहे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान वे उस अधिकारी की आलोचना करते हुए पूरे दलित समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणियां करने लगे।

अंकित कुमार का कहना है कि उन्होंने यात्रियों को कई बार समझाने का प्रयास किया और कहा कि यदि किसी व्यक्ति से शिकायत है तो उसका नाम लेकर बात करें, किसी पूरी जाति को निशाना बनाना उचित नहीं है। लेकिन जब यात्री नहीं माने तो उन्होंने तेलीबाग क्षेत्र के पास वाहन रोककर उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया।

इस दौरान हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें अंकित यात्रियों से विवाद करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों ने Rapido से शिकायत की, जिसके बाद कंपनी ने उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया। अंकित का दावा है कि ऐप पर उनका अकाउंट 99 साल 11 महीने के लिए बैन दिखाया गया, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक अंकित कुमार पीजीआई क्षेत्र के निवासी हैं और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कैब चलाते हैं। उनका कहना है कि यात्रियों से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी और न ही वे उनकी जाति या धर्म के बारे में जानते थे। उन्होंने केवल जातिसूचक टिप्पणियों का विरोध किया था।

मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग अंकित कुमार के समर्थन में उतर आया है और इसे जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाने पर हुई कार्रवाई बता रहा है। वहीं, यात्रियों का विस्तृत पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। Rapido की ओर से भी इस पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रूप से ही सामने आई है।

यह घटना न केवल समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव के मुद्दे को उजागर करती है, बल्कि कैब एग्रीगेटर कंपनियों की शिकायत निवारण प्रक्रिया, ड्राइवरों के अधिकारों और यात्री-ड्राइवर विवादों के समाधान की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

फिलहाल, अंकित कुमार ने वीडियो जारी कर अपना अकाउंट बहाल करने और न्याय दिलाने की मांग की है। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
छतरपुर। क्षेत्र कि सुख समृद्धि के लिए आशीष कुशवाहा ने निकाली कांवड़ यात्रा..
वंदे मातरम से तिरंगे तक, राजनीति का नया राष्ट्रभक्ति टेस्ट

छतरपुर। देश में स्वतंत्रता दिवस का जश्न खत्म होते ही राष्ट्रभक्ति की राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वायरल हुए वीडियो को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा इसे राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" का अपमान बता रही है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि पूरा गीत गाया गया और सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं।

इधर छतरपुर में भाजपा नेताओं ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और सोनिया गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रगीत के दौरान इस तरह का व्यवहार देश का अपमान है और कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।

लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर और वीडियो का मुद्दा उठा दिया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री की जेब पर लगा तिरंगा प्रतीक उल्टा दिखाई दे रहा था, जो तिरंगे के सम्मान से जुड़ा मामला है।

जब इस मुद्दे पर भाजपा नेत्री अंकिता विश्वकर्मा से सवाल किया गया तो उन्होंने पहले इसे एआई की करामात बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने एआई से फोटो और वीडियो बनाकर वायरल किए हैं। लेकिन जब पत्रकारों ने बताया कि वही तस्वीर और वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी मौजूद है, तो जवाब कुछ बदला-बदला नजर आया।

अंकिता विश्वकर्मा ने कहा, "हो सकता है गलती से उल्टा पॉकेट में लग गया हो। इसकी मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री की तिरंगे का अपमान करने की कोई मंशा नहीं हो सकती।"

अब जनता भी असमंजस में है कि आखिर राष्ट्रभक्ति का पैमाना क्या है? अगर विपक्ष का इशारा राष्ट्र का अपमान है तो सत्ता पक्ष की गलती सिर्फ तकनीकी भूल कैसे बन जाती है? और अगर प्रधानमंत्री की मंशा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता, तो फिर सोनिया गांधी की मंशा पर फैसला वीडियो देखकर कैसे सुनाया जा रहा है?

फिलहाल राजनीति में राष्ट्रभक्ति का नया सीजन शुरू हो चुका है। एक पक्ष वंदे मातरम की व्याख्या कर रहा है, दूसरा तिरंगे की दिशा नाप रहा है। जनता बस यही सोच रही है कि देशभक्ति का फैसला अब संविधान करेगा या फिर सोशल मीडिया की वायरल रीलें?

(नोट: इस मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कांग्रेस कार्यक्रम में वंदे मातरम पूरा गाया गया था।)
नागपंचमी महोत्सव 2026 : दो दिवसीय आयोजन में होगा प्रतिभाओं का सम्मान, परिचय सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम

छतरपुर। चौरसिया समाज, जिला छतरपुर द्वारा 16 एवं 17 अगस्त 2026 को दो दिवसीय नागपंचमी महोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर समाज की ओर से आमंत्रण पत्र जारी किया गया है, जिसमें समाज के सभी परिवारों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है।

महोत्सव का शुभारंभ 16 अगस्त, रविवार को सुबह 11 बजे से होगा। पहले दिन बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं, महिलाओं की आकर्षक प्रतियोगिताएं, सामान्य ज्ञान एवं आध्यात्मिक विषयों पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं लड़कियों के लिए फूलों की रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता भी रखी गई है। शाम 3 बजे से विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन तथा शाम 6 बजे से सहभोज का आयोजन होगा।

दूसरे दिन 17 अगस्त, सोमवार को सुबह 10 बजे नागवेल पूजन किया जाएगा। इसके बाद अतिथियों का आगमन, दीप प्रज्ज्वलन, स्वागत समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं उद्बोधन आयोजित होंगे। दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाएगा। शाम को सामाजिक सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

आयोजकों के अनुसार इस वर्ष भी समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी, स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर निर्धारित अंकों से अधिक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ आईआईटी, नीट एवं शासकीय नौकरी में चयनित युवाओं का भी सम्मान किया जाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन चौरसिया सत्संग भवन, श्री सांवरी मंदिर लोक कल्याण न्यास (ट्रस्ट), गायत्री मंदिर के पास, छतरपुर में किया जाएगा। समाज के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत बनाने की अपील की है।
स्वर्गेश्वर धाम से मतंगेश्वर महादेव तक निकली दो दिवसीय भव्य कांवड़ यात्रा, जगह-जगह भव्य स्वागत, हजारो की संख्या मे शिवभक्त झूमते दिखे...

विधायक अरविंद पटेरिया के नेतृत्व में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से शिवमय हुआ राजनगर क्षेत्र।।

सावन माह के पावन अवसर पर राजनगर विधानसभा क्षेत्र में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया के नेतृत्व में स्वर्गेश्वर धाम से विश्व प्रसिद्ध मतंगेश्वर महादेव मंदिर, खजुराहो तक दो दिवसीय भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और शिवभक्त उत्साह के साथ शामिल हुए।

कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु पवित्र जल लेकर मतंगेश्वर महादेव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया। श्रद्धालुओं में भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।

यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आमजन भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। जगह-जगह ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ यात्रियों का फूल-मालाओं, तिलक एवं जलपान के साथ भव्य स्वागत किया गया।

सावन के पावन महीने में निकली इस धार्मिक यात्रा से पूरे राजनगर क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। कांवड़ यात्रियों ने भगवान मतंगेश्वर महादेव से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और सभी के मंगल की कामना की।

विधायक बोले—भोलेनाथ को प्रसन्न करना हमारा धर्म

इस अवसर पर विधायक अरविंद पटेरिया ने कहा कि भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और श्रद्धा हमारी सनातन परंपरा का हिस्सा है। भोलेनाथ को प्रसन्न करना और उनकी भक्ति करना हमारा धर्म है। सावन के पावन महीने में आयोजित यह कांवड़ यात्रा क्षेत्र में धार्मिक एकता, आस्था और भाईचारे का संदेश देती है।
छतरपुर लखेरी सरपंच डॉ हरिप्रसाद पटेल ने लखेरी से जटाशंकर धाम के लिए निकल कावड़ यात्रा हजारों श्रद्धालु शामिल हुए
छतरपुर।देश में एकता और समानता के स्वरूप तिरंगे के नीचे दलित प्रिंसिपल को जातीय भेदभाव के कारण भाजपा मंडल अध्यक्ष ने ध्वजारोहण नहीं करने दिया।

ग्रामीण पहुंचे छतरपुर कलेक्टर के पास
अगर आपने OLA स्कूटी खरीदी है और खराब हो गई रिपेयरिंग नहीं हुई है तो अपना संपर्क नंबर कमेंट करें 
ग्राहकों का लाखों रुपए लेकर ग़ायब कंपनी प्रशासन मौन क्यों देख रहा है ?
जन-जागरूकता एवं स्वच्छता अपील अभियान
छतरपुर जिले के बजाना के विद्यालय में दलित प्रचार को भाजपा मंडल अध्यक्ष पर तिरंगा ना फहराने का आरोप लगा कांग्रेस नेता ग्रामीणों के साथ पहुंचे कलेक्ट्रेट..
छतरपुर।दो नाबालिक बच्चे बाइक से स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल जा रहे थे चार पहिया वाहन ने पीछे से टक्कर मारी मौत
ब्रेकिंग छतरपुर 
बजाना स्कूल में प्रिंसिपल को तिरंगा नहीं फहराने दिया 
ग्रामीण पहुंचे छतरपुर कलेक्ट्रेट
ब्रेकिंग न्यूज़। छतरपुर 
लवकुश नगर थाना अंतर्गत गुड़हाकला में अनिल अहिरवार और लोकेश बसोर सुबह बाइक से स्वतंत्रता दिवस मनाने स्कूल जा रहे थे तभी पीछे से एक गाड़ी ने टक्कर मार दी जिसमें अनिल अहिरवार की मौके पर मौत हुई और लोकेश बसर की छतरपुर जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित किया।
ओला कंपनी पर क्यों लगा ताला,जिले भर के ओला ग्राहक ठगा महसूस कर रहे है 
गरीब किसानों ने मंहगाई के भारी बोझ को कम करने ओला कंपनी कि स्कूटियां खरीदी लेकिन हुआ वही महंगाई से ज्यादा नुक्सान झेलना पड़ रहा।
ओला कंपनी क्यों अपनी जिम्मेदारी लेने से बच रही, ऐसी गारंटी का क्या फायदा?

ग्राहक कंपनी को खोज रहे हैं लेकिन अब कंपनी गायब
छतरपुर जिले में OLA स्कूटी से कितने ग्राहक परेशान हैं और कितने लोगों की गाड़ियां बंद पड़ी आप लोग अपना संपर्क नंबर कमेंट बॉक्स में लिखें।
गया प्रसाद पटेल ने देश वासियों को स्वतंत्रता दिवस पर दी बधाई
ओला का खेला! स्कूटी घर पर खड़ी, EMI दौड़ रही — छतरपुर के ग्राहक आखिर जाएं तो जाएं कहां?

छतरपुर। डिजिटल इंडिया, स्मार्ट मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक क्रांति के बड़े-बड़े दावों के बीच छतरपुर जिले के कई ओला स्कूटर ग्राहक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। आरोप है कि शहर में स्थित ओला सर्विस सेंटर पर पिछले लगभग एक माह से ताला लटका हुआ है, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों ग्राहकों की स्कूटियां खराब होकर घरों में खड़ी हैं और उनकी EMI लगातार कट रही है।

ग्राहकों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर उन्होंने ओला की इलेक्ट्रिक स्कूटियां खरीदी थीं। कंपनी ने बेहतर तकनीक, कम खर्च और शानदार सर्विस का वादा किया था, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि स्कूटी खराब होने पर उसे ठीक कराने के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति तक नहीं मिल रहा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सर्विस सेंटर ही बंद है तो खराब स्कूटी लेकर ग्राहक कहां जाएं? जिन लोगों ने फाइनेंस पर वाहन खरीदे हैं, उनकी किस्तें समय पर वसूली जा रही हैं, लेकिन सर्विस देने के समय कंपनी नदारद दिखाई दे रही है।

कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी स्कूटियां कई दिनों से बंद पड़ी हैं। कोई बैटरी की समस्या से परेशान है तो किसी की गाड़ी स्टार्ट नहीं हो रही। कुछ ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने बार-बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं मिला।

अब जिले में यह चर्चा का विषय बन गया है कि यदि किसी कंपनी का सर्विस नेटवर्क ही ठप हो जाए तो उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्राहक किसके पास अपनी शिकायत लेकर जाएं? और सबसे महत्वपूर्ण बात, यदि वाहन उपयोग में नहीं है तो उसकी EMI का बोझ आखिर क्यों उठाएं?

उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि वास्तव में सर्विस सेंटर लंबे समय से बंद है तो जिला प्रशासन, उपभोक्ता संरक्षण विभाग और संबंधित जिम्मेदार एजेंसियों को मामले की जांच करनी चाहिए। लोगों की मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहन घरों में धूल खा रहे हैं और उपभोक्ता परेशान घूम रहे हैं।

अब छतरपुर के ग्राहकों का सीधा सवाल है — स्कूटी बंद है, सर्विस सेंटर बंद है, लेकिन EMI चालू है... आखिर यह कैसा डिजिटल विकास है?

(नोट: यह समाचार ग्राहकों द्वारा लगाए गए आरोपों और स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों पर आधारित है। संबंधित कंपनी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
छतरपुर।राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सुबह पुलिस लाइन परेड मैदान में फहरायेंगे तिरंगा
गुलाब सिंह पटेल की स्मृति में प्रतिमा और इतिहास स्थापित किया जाएगा : विधायक ललिता यादव

छतरपुर। भारत छोड़ो आंदोलन के युवा शहीद और स्वतंत्रता सेनानी गुलाब सिंह पटेल के शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में छतरपुर विधायक ललिता यादव ने उनके बलिदान को नमन करते हुए कहा कि गुलाब सिंह पटेल केवल एक समाज या क्षेत्र के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उनका त्याग और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

विधायक ललिता यादव ने कहा कि जहां भी समाज के लोग उचित स्थान चिन्हित करेंगे, वहां गुलाब सिंह पटेल की प्रतिमा स्थापित कर उनके जीवन और संघर्ष से जुड़ा इतिहास भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी उनके बलिदान से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूतों का सम्मान केवल स्मारकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को समाज तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि गुलाब सिंह पटेल ने मात्र 16 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी का इतिहास केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में उनके योगदान को पढ़ाया और लिखा जाना चाहिए। इससे युवाओं में राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की भावना मजबूत होगी।

ललिता यादव ने कहा कि आजादी के आंदोलन में अनेक गुमनाम और कम चर्चित वीरों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, लेकिन उन्हें वह पहचान नहीं मिल सकी जिसके वे हकदार थे। गुलाब सिंह पटेल जैसे शहीदों के जीवन और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी गुलाब सिंह पटेल के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर-एसपी सहित जिला प्रशासन का अमला बस से बक्सवाहा रवाना

छतरपुर। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान वर्ष 2026 के अंतर्गत शुक्रवार को कलेक्टर मृणाल मीना एवं पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा सहित जिला प्रशासन का पूरा अमला बस द्वारा बक्सवाहा क्षेत्र के भ्रमण के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों का एक साथ बस से भ्रमण पर जाना प्रशासनिक समन्वय, टीम वर्क तथा शासकीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण माना जा रहा है।

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी बस में मौजूद रहे। सामूहिक बस यात्रा के माध्यम से प्रशासन ने सरकारी खर्च में मितव्ययता एवं संसाधनों के सदुपयोग का संदेश भी दिया।

कलेक्टर मृणाल मीना बक्सवाहा क्षेत्र में विभिन्न शासकीय संस्थाओं, विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का निरीक्षण करेंगे। साथ ही आमजन, विद्यार्थियों एवं हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेंगे।

जनपद पंचायत बक्सवाहा स्थित कैंप स्थल पर आमजन की समस्याओं एवं प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत बीरमपुरा में आयोजित जल संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं, सुझाव एवं स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली जाएगी।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। अभियान के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छतरपुर में किसानों मोर्चा ने निकाली तिरंगा यात्रा
कैदी वार्ड में फिर लापरवाही? भोपाल की घटना के बाद छतरपुर जिला अस्पताल का वीडियो उठा रहा सवाल

छतरपुर। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए लाए गए एक कैदी द्वारा जेल प्रहरी से मारपीट कर फरार होने की घटना ने प्रदेश की जेल और अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कैदी इलाज के दौरान प्रहरी को धक्का देकर और मारपीट कर अस्पताल से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

इधर, छतरपुर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड का एक वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में कैदी वार्ड का गेट खुला दिखाई दे रहा है। वहीं हत्या के प्रयास और पुलिस पर हमला करने के मामले में जेल भेजे गए आरोपी के हाथों में हथकड़ी भी नजर नहीं आ रही है।

वीडियो में एक महिला नर्स आरोपी को खाना खिलाती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित नर्स उस समय ड्यूटी पर नहीं थी, इसके बावजूद वह कैदी वार्ड के अंदर पहुंच गई। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना अनुमति कोई व्यक्ति कैदी वार्ड तक कैसे पहुंच गया और सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उसे अंदर जाने की अनुमति क्यों दी?

गौरतलब है कि कुछ माह पहले भी छतरपुर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड से एक खूंखार आरोपी पुलिस की बंदूक लेकर फरार हो गया था। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए गए थे, लेकिन अब सामने आए वीडियो ने उन दावों की पोल खोल दी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भोपाल जैसे बड़े अस्पताल से कैदी फरार हो सकता है, तो क्या छतरपुर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है? क्या खुले गेट, बिना हथकड़ी के आरोपी और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही किसी बड़ी घटना को निमंत्रण नहीं दे रही?

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों की जांच कर जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
सटई में निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए विधायक बब्लू शुक्ला
चंदला विधानसभा:तिरंगा यात्रा में राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार सामिल हुए