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कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के सभी विद्यालयों, छात्रावासों और आश्रम शालाओं में प्रत्येक मंगलवार को बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार आयरन की गोली खिलाई जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को एनीमिया से बचाव, पहचान और आयरन युक्त खानपान के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री वर्मा ने शिक्षकों को निर्देश दिए है कि वे समय-समय पर बच्चों को एनीमिया से बचाव के बारे में जागरूक करते रहें और हर मंगलवार को अपनी उपस्थिति में सभी बच्चों को आयरन की गोली जरूर खिलाएं। एनीमिया यानी खून की कमी एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है। यह बीमारी बच्चों, किशोरियों और महिलाओं में सबसे ज्यादा पाई जाती है। शरीर में आयरन की कमी, पोषण की कमी और बार-बार बीमार पड़ना इसके मुख्य कारण हैं। एनीमिया होने पर बच्चे जल्दी थक जाते हैं, पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता, चक्कर आते हैं और शरीर कमजोर रहता है। जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर श्री जितेंद्र पटेल ने बताया कि आज मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयरन की गोली खिलाई गई। साथ ही पोषण संवाद के माध्यम से बच्चों को बताया कि एनीमिया के लक्षणों में थकान, चक्कर आना, हाथ-पैर के नाखून और आंखें पीली पड़ना और सांस फूलना शामिल हैं। आयरन के अच्छे स्रोतों में हरी पत्तेदार सब्जियां, चना, मसूर दाल, गुड़, अनार शामिल हैं। बच्चों को समझाया गया कि आयरन की गोली हमेशा खाना खाने के बाद लें, खाली पेट न लें और गोली को चबाएं नहीं बल्कि पानी के साथ पूरा निगल लें। साथ ही हाथ धोने के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे घर पर बच्चों के खाने में हरी सब्जियां, दालें और आयरन युक्त भोजन शामिल करें जिससे बच्चे एनीमिया से बचे रहें और स्वस्थ रहें। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Directorate of Health Services, Madhya Pradesh Collector Shivpuri #shivpuri - Shivpuri News