*जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से बदली अब्दुल रहमान की जिंदगी, रेस्क्यू के बाद परिवार से हुआ मिलन*
*छपरा जंक्शन पर बेसहारा मिला अब्दुल रहमान, जिला प्रशासन ने कराया रेस्क्यू; उपचार, काउंसिलिंग और देखभाल के बाद 15 अगस्त को अपनों के बीच लौटा*
सारण। कभी छपरा जंक्शन पर बेसहारा और असहाय अवस्था में मिला अब्दुल रहमान आज अपने पिता के साथ अपने घर लौट गया। जिला प्रशासन, सारण के संवेदनशील प्रयासों, सेवा कुटीर सारण की देखभाल, उपचार एवं लगातार काउंसिलिंग के बाद अब्दुल रहमान का अपने परिवार से पुनर्मिलन संभव हुआ।
15 अगस्त 2026 का दिन अब्दुल रहमान के लिए केवल स्वतंत्रता दिवस नहीं, बल्कि अपने परिवार और अपनों के बीच लौटने का दिन बन गया।
रेस्क्यू से पुनर्वास और फिर परिवार तक—जिला प्रशासन की मानवीय पहल
वर्ष 2025 में अब्दुल रहमान को छपरा जंक्शन पर भीख मांगते हुए पाया गया था। मानसिक परेशानी के कारण वह अपने घर और परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं था। जिला प्रशासन की पहल पर उसे रेस्क्यू कर सेवा कुटीर सारण लाया गया, जहां उसके रहने, भोजन, वस्त्र, स्वच्छता एवं आवश्यक देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई।
इसके बाद मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसका उपचार एवं काउंसिलिंग शुरू की गई। सेवा कुटीर सारण के परामर्शदाता सह समस्या प्रबंधक श्री रजनीश कुमार सहित संस्था के कर्मियों के निरंतर प्रयास से धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ।
लगातार काउंसिलिंग और उपचार के बाद अब्दुल रहमान अपने गांव एवं परिवार से जुड़ी जानकारी देने में सक्षम हुआ। प्राप्त जानकारी के आधार पर जिला प्रशासन एवं संबंधित टीम द्वारा उसके परिजनों की तलाश की गई और ग्राम रसूलपुर परवा, थाना बड़हरिया, पोस्ट परवा, जिला सिवान स्थित उसके परिवार से संपर्क स्थापित किया गया।
15 अगस्त को पिता लेने पहुंचे, भावुक हुआ पूरा माहौल
15 अगस्त 2026 को अब्दुल रहमान के पिता मोहम्मद मुन्ना एवं चचेरे भाई अली अख्तर उसे लेने सेवा कुटीर सारण पहुंचे। लंबे समय बाद पिता और बेटे का मिलन बेहद भावुक क्षण था।
जिस युवक को कभी छपरा जंक्शन पर अकेले और असहाय अवस्था में पाया गया था, वह आज अपने पिता का हाथ थामकर अपने घर लौट रहा था।
इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सारण के सहायक निदेशक श्री राहुल कुमार, बुनियाद केंद्र सारण की डीपीएम श्रीमती नीलू कुमारी, सेवा कुटीर सारण के गृह अधीक्षक श्री राकेश रंजन सिंह, परामर्शदाता सह समस्या प्रबंधक श्री रजनीश कुमार, क्षेत्र समन्वयक श्री अरुण कुमार, श्री विक्रम कुमार, एएनएम श्रीमती पूनम कुमारी सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
एक रेस्क्यू, जिसने बदल दी पूरी जिंदगी
अब्दुल रहमान की कहानी जिला प्रशासन की संवेदनशीलता, सेवा कुटीर की निरंतर देखभाल, उपचार एवं काउंसिलिंग तथा परिवार के सहयोग की ऐसी प्रेरणादायक मिसाल है, जिसने एक बेसहारा व्यक्ति को फिर से उसके अपनों तक पहुंचाया।
आज अब्दुल रहमान अपने घर लौट चुका है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की घर वापसी नहीं, बल्कि इंसानियत, संवेदना और प्रशासनिक पहल की जीत है।
«“जहां एक वक्त वह अपनों से दूर और बेसहारा था, वहीं आज अपने पिता के साथ घर लौट रहा है—यही है संवेदनशील प्रशासन की असली पहचान।” ❤️»
16 views | Saharsa, Bihar | Aug 15, 2026