निजी वाहन मालिकों को बड़ी राहत, 7 से 9 सीटर गाड़ियों की 2 साल वाली फिटनेस खत्म
15 साल बाद सीधे 5 साल का होगा री-रजिस्ट्रेशन, चक्कर काटने से मिली मुक्ति
निजी गाड़ियों को फिटनेस की झंझट से आजादी, कमर्शियल वाहनों पर लागू रहेंगे पुराने नियम
बहराइच के निजी वाहन मालिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने और बार-बार फिटनेस टेस्ट कराने की झंझट से अब निजी वाहन चालकों को मुक्ति मिल गई है।
बहराइच आरटीओ सुशील कुमार ने नए नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि 7 से 9 सीटर वाले निजी वाहनों को अब फिटनेस प्रक्रिया से बड़ी राहत दी गई है।
अब नए नियमों के तहत 8 साल पुराने वाहनों पर हर 2 साल में लगने वाली अनिवार्य फिटनेस की शर्त को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। यानी अब निजी गाड़ी मालिकों को 15 साल पूरे होने से पहले फिटनेस के लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
15 साल की समय सीमा पूरी होने पर वाहनों का सीधे 5 साल के लिए री-रजिस्ट्रेशन (पुनः पंजीकरण) किया जाएगा। इस फैसले से बहराइच के हजारों कार और निजी वाहन मालिकों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
हालांकि, आरटीओ सुशील कुमार ने यह साफ कर दिया है कि यह छूट केवल निजी (Personal) इस्तेमाल में आने वाले वाहनों के लिए ही है। कमर्शियल या व्यावसायिक वाहनों पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे और उन्हें तय समय पर फिटनेस टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।
अगर आपके पास भी 7 से 9 सीटर की निजी गाड़ी है, तो अब आपको फिटनेस की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यातायात और आरटीओ से जुड़ी ऐसी ही तमाम अहम खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।
Arto Bahraich