पटना में AISA – RYA के आह्वान पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों नौजवान शांतिपूर्ण तरीके से राजभवन मार्च पर निकले। लेकिन छात्रों-नौजवानों की आवाज़ सुनने के बजाय पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोकने की कोशिश की।
जंतर-मंतर की तरह यहाँ भी बैरिकेडिंग के सहारे आंदोलन को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन बिहार के छात्र-नौजवान डरने वाले नहीं हैं!
एक के बाद एक बैरिकेड तोड़ते हुए छात्र-नौजवान डाकबंगला चौराहे तक पहुँचे। इसी दौरान कई छात्र-युवाओं को पुलिस ने सड़क पर घसीटा और हिरासत में ले लिया। पालीगंज के विधायक कॉमरेड संदीप सौरव के साथ भी धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया।