बस्ती में रक्षाबंधन का विराट आयोजन
मनीष भैया को बाँधी राखी, सभी को मिली साड़ी और नेग; बुजुर्ग माता ने किया निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का शुभारंभ
बस्ती, 26 अगस्त। अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह, बस्ती में आज आयोजित रक्षाबंधन समारोह भाई-बहन के आत्मीय संबंध और मातृशक्ति के सम्मान का विराट उत्सव बन गया। कार्यक्रम में तीन हजार महिलाओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपने मनीष भैया को राखी बाँधने के लिए सुबह से ही महिलाओं का ताँता लग गया और करीब दस हजार बहनें आयोजन में पहुँच गईं।
महिलाओं ने मनीष मिश्रा को तिलक लगाया, उनकी आरती उतारी और उन्हें राखी बाँधी। मनीष भैया ने भी सभी बहनों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उनकी आरती उतारी। अपेक्षा से तीन गुना अधिक संख्या होने के बावजूद किसी को निराश नहीं लौटने दिया गया। करीब दस हजार बहनों को सम्मानपूर्वक साड़ियाँ और पारंपरिक नेग प्रदान किया गया।
समारोह के दौरान हजारों महिलाओं ने एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया। महिलाओं ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान वैधानिक संरक्षण देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
इसके बाद पूरा प्रेक्षागृह राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी नारों से गूँज उठा। महिलाओं ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और सांसद निशिकांत दुबे के समर्थन में भी जोरदार नारे लगे।
बुजुर्ग माता को सौंपा उद्घाटन का सम्मान
इस अवसर पर बस्ती के लिए शुरू की गई निःशुल्क एम्बुलेंस एवं चलित स्वास्थ्य सेवा का भी औपचारिक शुभारंभ हुआ। पहले इसका उद्घाटन मनीष मिश्रा को करना था, लेकिन ऐन समय पर उन्होंने कहा, “इस सेवा का उद्घाटन मैं नहीं, बस्ती की हमारी कोई बुजुर्ग माता करेंगी।” इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित एक बुजुर्ग माता के हाथों एम्बुलेंस सेवा का उद्घाटन कराया गया।
यह चलित स्वास्थ्य सेवा बस्ती के गाँव-गाँव जाकर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाएगी। इसके माध्यम से रक्त-जाँच, मधुमेह की जाँच, नेत्र परीक्षण, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मनीष मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ के संकल्प को साकार करते हुए यह सेवा बिना किसी जातिगत अथवा सामाजिक भेदभाव के प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुँचेगी। जिस प्रकार ‘रामजी का पेड़ा’ और ‘रामजी का झोला’ जैसी पहलों में कभी जाति-पाँति नहीं देखी गई, उसी प्रकार इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ भी बस्ती के प्रत्येक परिवार को मिलेगा।
Basti, Basti | Aug 26, 2026