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crime news : पिता ने 3 बेटियों को उतारा मौत के घाट, ईलाके में... - Jharkhand News
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Jharkhand, India
| Jun 8, 2026
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Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 18, 2026
चाईबासा में जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों का उपायुक्त ने किया स्थल निरीक्षण अमला टोला में क्षतिग्रस्त मकान का लिया जायजा, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर स्थानीय लोगों से की चर्चा पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा जलजमाव एवं जल निकासी की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलजमाव के कारण उत्पन्न समस्याओं, जल निकासी की व्यवस्था तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संजय कुमार, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष श्री नितिन प्रकाश, सदर चाईबासा अंचल अधिकारी श्री उपेंद्र कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री विकास शर्मा एवं नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती संतोषनी मुर्मू सहित संबंधित पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अमला टोला में क्षतिग्रस्त मकान का किया स्थल अवलोकन उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत अमला टोला पहुंचकर जलजमाव से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलजमाव के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकान का स्थल अवलोकन किया तथा वहां की परिस्थितियों की जानकारी ली। उपायुक्त ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर जल निकासी की वर्तमान स्थिति, जलजमाव के कारण उत्पन्न हो रही परेशानियों तथा पानी की निकासी में आ रही बाधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। स्थानीय नागरिकों ने उपायुक्त को क्षेत्र में जलजमाव की समस्या एवं पानी निकासी से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जल निकासी को सुचारू बनाने के साथ-साथ भविष्य में जलजमाव की समस्या की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थायी एवं प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्थायी जल निकासी व्यवस्था पर दिया जोर उपायुक्त ने कहा कि जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, ऐसे स्थानों को चिह्नित कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य किया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं नगर परिषद के अधिकारियों को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जल प्रवाह एवं निकासी मार्ग का समुचित आकलन करते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों को भी सुना तथा कहा कि प्रशासन द्वारा स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की सुगम एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खिरवाल धर्मशाला में प्रभावित परिवारों से किया संवाद निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने खिरवाल धर्मशाला पहुंचकर वहां ठहराए गए जलजमाव प्रभावित एवं पीड़ित परिवारों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से उनकी समस्याओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत व्यवस्था का जायजा लिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो और उन्हें आवश्यकतानुसार भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा सहित अन्य जरूरी राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का नियमित रूप से आकलन करते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों से बचाव के निर्देश बारिश एवं जलजमाव के कारण मच्छरों के प्रजनन की संभावना को देखते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरदानी का वितरण सुनिश्चित करने तथा मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित निगरानी रखी जाए तथा बुखार अथवा मलेरिया के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों को भी मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन की प्राथमिकता- सुरक्षित एवं सुगम जल निकासी उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा, राहत एवं स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को सक्रिय एवं संवेदनशील होकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 18, 2026
भारी बारिश के बीच चक्रधरपुर पहुंचे डीसी मनीष कुमार, संजय नदी के बढ़ते जलस्तर का किया निरीक्षण नदी एवं तटीय क्षेत्रों में आमजनों के प्रवेश पर विशेष सतर्कता, सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण जिले की विभिन्न नदियों एवं जलस्रोतों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। मौसम की वर्तमान स्थिति एवं संभावित जलजमाव तथा बाढ़ जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं एहतियाती तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने मंगलवार को चक्रधरपुर पुरानी बस्ती स्थित सीढ़ी घाट पहुंचकर संजय नदी के जलस्तर एवं आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी तथा चक्रधरपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी श्री विजय कुमार हंसदा मौजूद रहे। उपायुक्त ने स्थल पर पहुंचकर संजय नदी के वर्तमान जलस्तर, नदी के आसपास की भौगोलिक स्थिति तथा तटीय क्षेत्र में बारिश के प्रभाव का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि एवं क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर प्रशासन सतर्क निरीक्षण के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। ऐसी स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता आमजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदी एवं अन्य जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है तथा जलधारा का बहाव भी अचानक तेज हो सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए लोग अनावश्यक रूप से नदी, नाला, जलाशय एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास न जाएं। विशेष रूप से अभिभावक अपने बच्चों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को नदी के किनारे जाने से रोकें। उन्होंने कहा कि नदी अथवा तटीय क्षेत्र में किसी प्रकार की गतिविधि, पिकनिक, मछली पकड़ने या अन्य अनावश्यक आवागमन से बचना आवश्यक है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश उपायुक्त ने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों तथा संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्र में नदी, नाला, जलाशय, पुल-पुलिया एवं निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जलस्तर में होने वाले परिवर्तन की नियमित जानकारी प्राप्त करते रहें। उन्होंने विशेष रूप से नदी एवं तटीय क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने तथा किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने को भी कहा। आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक संसाधनों को तैयार स्थिति में रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार शेल्टर होम एवं सुरक्षित स्थलों का पूर्व चयन किया जाए। ऐसे स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा आवश्यकता के अनुरूप अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उपायुक्त ने पदाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी परिस्थिति में सूचना के आदान-प्रदान में विलंब न हो। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की आमजनों से अपील- सावधानी ही सुरक्षा जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश एवं नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। नदी एवं तटीय क्षेत्रों में जाने से बचें तथा बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी पार करने, तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करने अथवा किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचें। प्रशासन ने आमजनों से यह भी अपील की है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन द्वारा जिले की वर्तमान स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा, त्वरित राहत एवं प्रभावी बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 18, 2026
चाईबासा-चक्रधरपुर मार्ग: अरगुंडी झरने के पास जाने से बचें, सारंडा लाइव की जनहित में अपील चाईबासा: चाईबासा-चक्रधरपुर मुख्य सड़क स्थित अरगुंडी के पास इन दिनों झरने का खूबसूरत नजारा लोगों का ध्यान खींच रहा है। लेकिन इस सुंदरता के बीच एक बड़ा खतरा भी छिपा है। सारंडा लाइव आप सभी दर्शकों से अपील करता है कि झरने के नजदीक जाने की भूल बिल्कुल न करें। ऊपरी इलाकों में बारिश के कारण जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जिम्मेदारी से प्राकृतिक नजारे का आनंद लें।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 18, 2026
झाड़गांव पुलिया के ऊपर से बह रहा पानी; बसों का परिचालन बाधित
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 18, 2026