*डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) खरीफ गिरदावरी कार्य में जिला डीडवाना-कुचामन प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पर*
डीडवाना-कुचामन, 3 अक्टूबर।
राज्य सरकार एवं राजस्व मंडल राजस्थान अजेमर के निर्देशानुसार इस बार जिले में 100% डिजीटल क्रॉप सर्वे ( मौके पर जाकर जिओ टेग फोटो युक्त) गिरदावरी करने का प्रावधान रखा गया है। ताकि वास्तविक फसल का आकंलन हो सके एवं डिजिटल फोटो युक्त गिरदावरी से राज्य सरकार की विभिन्न योजना के लिए स्टिक डेटा कलेक्ट किया जा सके। इसी क्रम में जिले के पटवारियों ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए 90%डिजीटल क्रॉप सर्वे गिरदावरी कार्य पूर्ण कर लिया है। उक्त कार्य मे जिला डीडवाना- कुचामन प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पर पहुच गया है। जबकि जिला गंगानगर 02 नम्बर पर एवं हमुमानगढ़ जिला 03 नम्बर पर है।
भू-अभिलेख निरीक्षक कपिल देव शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार की मंशानुसार किसान स्वयं गिरदावरी कर गिरदावरी कार्य मे आत्मनिर्भर बने। जिसके अंर्तगत इस बार खरीफ गिरदावरी में किसान स्तर से 16738 (5.55%) खसरों की गिरदावरी किसान स्तर से स्वयं कर किसान प्रगति में जिला प्रदेश में अच्छी स्थति में रहा हैं। किसान गिरदावरी अंतर्गत जिले के किसानों ने समझदारी का परिचय देते हुए एक जागरूक किसान के नाते गिरदावरी स्वयं करना सीखें एवं अपनी फसल की गिरदावरी स्वयं की है। गौरतलब हैं कि किसानों को भी अपनी फसल की गिरदावरी अपने स्तर से करने का मौका मिले, जिसके लिए प्रदेश में राज्य सरकार ने इस बार खरीफ गिरदावरी कार्य एक 01 अगस्त से प्रारम्भ किया था। जिसके लिए जिला स्तर एवं पटवारी स्तर से किसानो को अधिक से अधिक प्रेरित कर उक्त कार्य के लिए किसानों को जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर से किसानों को गिरदावरी सबन्धी जानकारी के लिए वॉट्सप ग्रुप/वॉट्सप चेनल एवं फेसबुक के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को गिरदावरी के लिए प्रेरित कर एप की जानकारी प्रदान करते हुए किसान स्तर से अधिक से अधिक गिरदावरी कार्य पूर्ण करवाया गया है। राज किसान गिरदावरी मोबाईल एप से किसान स्वयं आसानी से अपनी फसल की गिरदावरी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की गत दो महीने की कड़ी मेहनत एवं जिले के किसान भाइयों की गिरदावरी कार्य के प्रति जागरूकता के कारण ही उक्तानुसार गिरदावरी कार्य मे प्रदेश स्तर पर जिला डीडवाना- कुचामन सर्वोच्च स्थान पर रहने में सफल रहा है।
जिला कलक्टर अवधेश मीना ने अपील की है कि जो गिरदावरी बकाया है, उनमें किसान अधिक से अधिक गिरदावरी स्वयं करें। ताकि राज्य सरकार की मंशानुसार किसान उक्त कार्य मे आत्मनिर्भर बन सके।
भू अभिलेख निरीक्षक शर्मा ने बताया कि उक्त गिरदावरी कार्य को भू अभिलेख निरीक्षक व तहसीलदार स्तर से जांच/एप्रुड भी किया जाएगा ।गिरदावरी एप्रुड के बाद कोई भी किसान घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से अपना खाता पोर्टल पर डिजिटल गिरदावरी नकल निःशुक प्राप्त कर सकते है एवं जहाँ भी आवश्यकता हो इस नकल का उपयोग कर सकते हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार डिजिटल नकल हर विभाग में मान्य होती हैं।