सेवा संकल्प अभियान के तहत
शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित
बड़वानी 05 अक्टूबर 2026/ तकनीकी शिक्षा विभाग के आयुक्त के निर्देशन में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में साइबर सुरक्षा विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री कमलेश गुप्ता ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में साइबर सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता बन गई है। विद्यार्थियों को इंटरनेट एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सजग और जिम्मेदार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने अथवा व्ज्च्, च्प्छ एवं पासवर्ड साझा करने से गंभीर आर्थिक एवं व्यक्तिगत नुकसान हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक होने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री तानिलाल ठाकुर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल सेवा गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण चुनौतियों के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए तकनीकी जानकारी के साथ-साथ सतर्कता और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सुरक्षित ब्राउजिंग, फिशिंग से बचाव तथा सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने की सलाह दी।
सिविल इंजीनियरिंग के व्याख्याता श्री प्रदीप राठौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। फर्जी कॉल, ैडै, ई-मेल, सोशल मीडिया लिंक, फर्जी नौकरी एवं निवेश के ऑफर तथा ऑनलाइन भुगतान से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी संदिग्ध संदेश या लिंक की सत्यता जांचे बिना उस पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक एवं साइबर अपराध हेल्पलाइन को सूचना देनी चाहिए।
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को पासवर्ड सुरक्षा, व्ज्च् एवं च्प्छ की गोपनीयता, फिशिंग ई-मेल एवं फर्जी वेबसाइट की पहचान, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, सार्वजनिक ॅप-थ्प के सुरक्षित उपयोग, मोबाइल एप्लीकेशन की चमतउपेेपवदे, डिजिटल भुगतान में सावधानी तथा साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री संजय परमार ने किया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता आज की आवश्यकता है और विद्यार्थियों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग के साथ उसकी संभावित चुनौतियों की जानकारी भी होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में श्री राकेश चौबे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री पप्पू सिंह रावत, श्री तरुण सोलंकी सहित महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल तकनीक का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। जागरूक रहें, सतर्क रहें और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।