संभावित बाढ़ आपदा से निपटने टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित
जिले के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिया हिस्सा, 20 अगस्त को चंघोरी में होगा मॉक ड्रिल
संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को बेहतर बनाने तथा आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज राज्यस्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास में रायगढ़ जिले के प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
टेबल टॉप एक्सरसाइज में संभावित बाढ़ की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली, विभागीय जिम्मेदारियों, सूचना के आदान-प्रदान तथा आपसी समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने अधिकारियों को टेबल टॉप एक्सरसाइज को गंभीरता से लेने तथा अपनी विभागीय भूमिका एवं निर्धारित एसओपी को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सभी विभागों का समन्वित प्रयास महत्वपूर्ण है। अभ्यास का उद्देश्य अधिकारियों को आपदा की स्थिति में निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया को समझाना तथा विभिन्न स्तरों पर समन्वय की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करना है।
टेबल टॉप एक्सरसाइज में बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन, बचाव दलों की तैनाती, चिकित्सा सहायता, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा सूचना के त्वरित आदान-प्रदान जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही वज्रपात, विद्युत सुरक्षा, रासायनिक दुर्घटना, सर्पदंश सहित अन्य संभावित परिस्थितियों में संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श हुआ।
20 अगस्त को ग्राम चंघोरी में होगा मॉक ड्रिल
टेबल टॉप एक्सरसाइज के बाद 20 अगस्त गुरुवार को प्रातः 10 बजे ग्राम चंघोरी, तहसील पुसौर में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संभावित बाढ़ की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का मैदानी अभ्यास किया जाएगा। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ सहित जिले के बचावकर्ता दल, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग, नगर सेना तथा अन्य संबंधित विभाग शामिल होंगे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, बचाव कार्य संचालित करने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया का अभ्यास