*सावन की फुहारों में सजा ‘मेघ मल्हार’, तीज उत्सव में बिखरे उमंग और परंपरा के रंग*
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल
*भीलवाड़ा* स्वतंत्रता दिवस एवं तीज के पावन अवसर पर खंडेलवाल महिला मंडल, भीलवाड़ा की ओर से तीज उत्सव का भव्य एवं यादगार आयोजन ‘मेघ मल्हार’ नाम से किया गया। सावन की फुहारों, सखियों की हंसी और रंग-बिरंगी परंपराओं के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने महिलाओं में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गीता घीया, हेमलता पाटोदिया एवं राधा मामोरिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अंताक्षरी, लहरिया क्वीन एवं घूमर फ्रिज सहित विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
लहरिया क्वीन प्रतियोगिता में आकर्षक प्रस्तुति एवं प्रतिभा के लिए विजया शाह एवं सुरभि कायथवाल को विजेता घोषित कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका दीप्ति खंडेलवाल एवं पुष्पा जी घीया ने निभाई।
कार्यक्रम में महिलाओं ने एकजुट होकर देशभक्ति से ओतप्रोत मनमोहक प्रस्तुति दी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रस्तुत इस कार्यक्रम ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
*मां और बहुओं की भावुक प्रस्तुति ने जीते दिल*
कार्यक्रम का सबसे भावुक एवं आकर्षक क्षण ‘मां और बहुओं’ के विशेष कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला। इसमें मां और बहुओं ने एक-दूसरे के प्रति अपने स्नेह, भावनाओं और रिश्तों की खूबसूरती को साझा किया। इस आत्मीय प्रस्तुति ने उपस्थित सभी महिलाओं को भावुक कर दिया और रिश्तों की मिठास का सुंदर संदेश दिया।
आयोजन को सफल बनाने में माधुरी, नमिता, रुचि, अर्पिता, श्वेता एवं ज्योति का विशेष सहयोग रहा। वहीं कार्यक्रम के संपूर्ण प्रबंधन एवं संचालन को व्यवस्थित रूप देने में समता कानूनगो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*परंपरा में नई पीढ़ी के लिए नई ऊर्जा*
‘मेघ मल्हार’ ने यह संदेश दिया कि हमारे पारंपरिक त्योहार केवल संस्कृति और विरासत की पहचान नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को जोड़ने, रिश्तों को मजबूत करने और जीवन में उमंग के नए रंग भरने का माध्यम भी हैं।
सावन की फुहारों में भीगी यादें,
सखियों की हंसी में बसी खुशियां,
और परंपराओं में घुली नई ऊर्जा—
यही रहा खंडेलवाल महिला मंडल का यादगार ‘मेघ मल्हार’।