पहाड़ी क्षेत्र में औषधीय खेती की नई पहल, महाजन्मा में शुरू हुआ वैली ऑफ हर्बल गार्डन
लखीसराय। चानन प्रखंड के भलुई पंचायत अंतर्गत महाजन्मा जनजाति ग्राम में रविवार को ‘वैली ऑफ हर्बल गार्डन’ की शुरुआत की गई। जिला प्रशासन, कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती को औषधीय पौधों की खेती से जोड़कर विकसित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की गई है।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला उद्यान पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर दुर्लभ औषधीय पौधों का रोपण किया। कुल 20 प्रकार के हर्बल मेडिसिनल प्लांट्स को अलग-अलग बेड तैयार कर पांच-पांच पौधों के रूप में लगाया गया। इसके अलावा कालमेघ और तुलसी के बीज खुले खेत में बोए गए।
रोपित किए गए प्रमुख औषधीय पौधों में वच, अजवाइन, काली हल्दी, कोलियस, हथजोड़, तीतराज, शतावर, काली मूसली, पत्थरचूड़, अश्वगंधा, एलोवेरा, गुग्गुल, अनंतमूल, दमबेल, सेंट्रीनोला, लेमनग्रास, सिंधुवार, पीपली और कालमेघ शामिल हैं।
किसानों को कैश क्रॉप से जोड़ने की पहल
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्लभ औषधीय पौधों की खेती के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को धान-गेहूं जैसी पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर कैश क्रॉप की दिशा में ले जाने की पहल की जा रही है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ क्षेत्र में उद्यानिकी आधारित रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी विकसित होंगे।
उन्होंने आगे उद्यानिकी उत्पादों की प्रोसेसिंग, कृषि यंत्रों की उपलब्धता, डिस्टिलेशन सेंटर की स्थापना तथा वाहनों पर अनुदान की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन के प्रयासों और क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों द्वारा अपनाई जा रही नई खेती की सराहना की।
ग्रामीणों को योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को औषधीय पौधों के महत्व और इनके व्यावसायिक उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। किसानों से कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधन कराने और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की गई। कृषि यंत्रों के वितरण और निबंधन के लिए अलग से कैंप लगाने का भी निर्देश दिया गया।
बताया गया कि इससे पूर्व जिला पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन की टीम द्वारा इस क्षेत्र का भ्रमण किया गया था। प्राकृतिक रूप से समृद्ध इस पहाड़ी वैली को ‘वैली ऑफ हर्बल मेडिसिनल गार्डन’ के रूप में विकसित करने की योजना कृषि एवं उद्यान विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर तैयार की गई थी। इसी क्रम में बिहार कृषि विश्वविद्यालय से प्राप्त दुर्लभ पौधों और बीजों का रोपण कर परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त राजीव रंजन, जिला उद्यान पदाधिकारी आनंद कुमार, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण किशन कुमार, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण अशोक कुमार, सहायक निदेशक भूमि संरक्षण चंदन कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी चानन सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मी एवं महाजन्मा गांव के प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
Lakhisarai, Lakhisarai | Aug 16, 2026