निजी कस्टम हायरिंग केंद्र बना चतुर्भुज अहिरवार की आर्थिक समृद्धि का आधार
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आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा से क्षेत्र के किसानों को मिल रहा लाभ
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जिले के पलेरा विकासखंड के ग्राम कछोरा खुर्द निवासी श्री चतुर्भुज अहिरवार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक एवं कृषि यंत्रीकरण को अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है। वर्ष 2025-26 में उन्होंने निजी कस्टम हायरिंग केंद्र (सीएचसी फार्मर) की स्थापना कर न केवल अपनी आय का नया जरिया तैयार किया, बल्कि आसपास के किसानों को भी आवश्यक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराकर खेती की लागत एवं समय को कम करने में सहयोग किया है।
शासकीय योजना से मिला आर्थिक संबल
श्री चतुर्भुज अहिरवार ने बताया कि निजी कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना के लिए उन्हें शासकीय योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। केंद्र की कुल परियोजना लागत 14 लाख 78 हजार 616 रही, जिसमें 5 लाख 61 हजार 446 का अनुदान प्राप्त हुआ। परियोजना के लिए स्टेट बैंक, शाखा पलेरा द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
किसानों के लिए उपलब्ध हैं आधुनिक कृषि यंत्र
कस्टम हायरिंग केंद्र के माध्यम से किसानों को खेती के विभिन्न कार्यों के लिए आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। केंद्र पर ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, रिवर्सिबल प्लाउ (पल्टाव हल), कल्टीवेटर एवं मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित अन्य कृषि उपयोगी यंत्र उपलब्ध हैं।
रोटावेटर का उपयोग खेत की जुताई एवं मिट्टी को भुरभुरा बनाने, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल से बीज एवं खाद की एक साथ बुआई, रिवर्सिबल प्लाउ से गहरी जुताई तथा कल्टीवेटर से खेत की जुताई एवं खरपतवार नियंत्रण के लिए किया जाता है। वहीं मल्टीक्रॉप थ्रेशर के माध्यम से विभिन्न फसलों की गहाई कर अनाज को आसानी से अलग किया जा रहा है।
केंद्र से हुई 1.79 लाख रूपये की शुद्ध आय
कस्टम हायरिंग केंद्र के संचालन से श्री चतुर्भुज अहिरवार को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार केंद्र से 2 लाख 79 हजार रूपये की कुल आय प्राप्त हुई। इसमें डीजल एवं रख-रखाव पर लगभग एक लाख रूपये का व्यय हुआ। इस प्रकार उन्हें 1 लाख 79 हजार रूपये की शुद्ध बचत हुई।
किसानों को समय पर मिल रहे कृषि यंत्र
श्री चतुर्भुज अहिरवार बताते हैं कि गांव एवं आसपास के किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने से उन्हें काफी सुविधा मिल रही है। किसानों को महंगे कृषि यंत्र स्वयं खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे आवश्यकतानुसार किराये पर मशीनरी लेकर कृषि कार्य समय पर पूरा कर पा रहे हैं।
कस्टम हायरिंग केंद्र के माध्यम से आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। श्री चतुर्भुज अहिरवार की यह पहल शासकीय योजना के सहयोग से स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने और अन्य किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण बन रही है। श्री चतुर्भुज योजनाओं लाभ प्रदान करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देते हैं।
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