सदर अस्पताल में मनाया गया बेटी जन्मोत्सव, नवजात बेटियों को बेबी किट और माताओं को दिए गए फलदार पौधे
सुपौल। सदर अस्पताल, सुपौल में बुधवार को बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करना, बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना तथा मातृ एवं शिशु पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस, सुपौल की अध्यक्षता में किया गया।
बेटी जन्मोत्सव के दौरान सदर अस्पताल में जन्म लेने वाली नवजात बेटियों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। नवजात बेटियों को बेबी किट प्रदान की गई, जबकि उनकी माताओं को फलदार पौधा देकर बेटी के जन्म की खुशी को यादगार बनाया गया। इस पहल के माध्यम से बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज के लिए खुशी एवं सम्मान का अवसर बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में डीपीएम, जिला स्वास्थ्य समिति, जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, जिला मिशन समन्वयक, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), अस्पताल प्रबंधक, जिला समन्वयक एनएनएम, केंद्र प्रशासक सखी वन स्टॉप सेंटर, लैंगिक विशेषज्ञ एवं लेखा सहायक सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद जिला मिशन समन्वयक DHEW हरिनारायण कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ नितु कुमारी एवं मोहम्मद तारीक सिद्धकी ने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने नवजात शिशुओं की माताओं से संवाद कर शिशु के पोषण, स्तनपान और देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
माताओं को बताया गया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध पिलाना चाहिए। इस अवधि में बच्चे को पानी सहित किसी अन्य खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को उचित ऊपरी आहार देना शुरू करना चाहिए। माताओं को शिशु की साफ-सफाई, पोषण और नियमित देखभाल को लेकर भी जागरूक किया गया।
इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मियों ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में माताओं को बताया। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से बेटी के जन्म पर परिवार में खुशी का माहौल बनाने, लिंग आधारित भेदभाव को कम करने और बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। साथ ही माताओं को अपने नवजात बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए जागरूक रहने की अपील की गई।
अधिकारियों ने कहा कि बेटियों के जन्म को सम्मान देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की दिशा में परिवार एवं समाज की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है। बेटी जन्मोत्सव जैसे कार्यक्रम इसी सोच को मजबूत करने में सहायक हैं।
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026