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ग्रामीण उद्यमों से डिजिटल खदानों तक नए सौपान से हिंदुस्तान जिंक में महिलाएं रच रही आज़ादी के किर्तीमान सखी पहल के माध्यम से 25 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं बचत, ऋण, कौशल और आजीविका के अवसरों से जुड़ीं 26.3 प्रतिशत महिला कार्यबल के साथ देश के मेटल एवं माइनिंग सेक्टर में सबसे आगे उदयपुर, 14 अगस्त 2026। देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, इन वर्षाे में हिंदुस्तान जिंक ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। कंपनी एक ओर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर एवं आधुनिक माइंस और स्मेल्टर्स में महिलाओं को तकनीक आधारित नेतृत्व भूमिकाओं में आगे बढ़ा कर नए सौपान रच रही है तो साथ ही ये महिलाएं अपनी उपलब्धियों से आजादी के किर्तीमान भी स्थापित कर रही है। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका के अवसरों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वहीं हिंदुस्तान जिंक की आधुनिक और तकनीक-संचालित माइंस एवं स्मेल्टर्स में महिला इंजीनियर, ऑपरेटर और तकनीकी विशेषज्ञ एआई, ऑटोमेशन और डिजिटलीकरण जैसे उन्नत क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। यह प्रयास आर्थिक स्वतंत्रता से लेकर नेतृत्व तक महिलाओं को सशक्त बनाने की कंपनी की सोच को दर्शाता है। हिंदुस्तान जिंक की प्रमुख ‘सखी’ पहल के तहत 25 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। इन समूहों के माध्यम से उन्हें बचत, ऋण, उद्यमिता प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। सखी उत्पादन समिति से जुड़ी फरजाना इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। उन्होंने घरेलू श्रम कार्य से आगे बढ़कर परिधानों और एफएमसीजी उत्पाद निर्माण में अपना स्थान बनाया और आज लगभग 3.47 लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। कोविड-19 के दौरान उनकी इकाई ने कपड़े के मास्क बनाकर न केवल अपनी आय बनाए रखी, बल्कि समाज की भी महत्वपूर्ण जरूरत पूरी की। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि, स्वतंत्रता ने हमें एक राष्ट्र के रूप में अपना भविष्य गढ़ने की आजादी दी, जबकि आर्थिक स्वतंत्रता प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की ताकत देती है। हिंदुस्तान जिंक में हम मानते हैं कि हमारी जिम्मेदारी केवल आर्थिक मूल्य सृजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे अवसर सृजित करना भी है जो लोगों को आगे बढ़ने में सहायक हो। चाहे ग्रामीण क्षेत्र की कोई महिला अपना व्यवसाय शुरू करे या तकनीकी क्षेत्र में कदम रखने वाली युवा महिला आधुनिक उद्योगों का नेतृत्व करे, हम उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए हम महिलाओं को आजीविका, आकांक्षाओं और नेतृत्व के नए अवसर उपलब्ध कराते रहेंगे। कंपनी की ‘समाधान’ पहल भी महिलाओं को कृषि और पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत बनाने में मदद कर रही है। मटून गांव की प्रेम बाई व्यास ने इसी पहल के माध्यम से अपने डेयरी व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। पहले वह प्रतिदिन लगभग 10 लीटर दूध बेचती थीं और भुगतान के लिए बिचैलियों पर निर्भर थीं। आज उनका उत्पादन बढ़कर करीब 85 लीटर प्रतिदिन हो गया है और उनकी मासिक आय 90 हजार रुपये से अधिक है। उन्हें भुगतान सीधे बैंक खाते में मिलता है और वह स्वयं 20 पशुओं वाली डेयरी का संचालन कर रही हैं। जहां ग्रामीण महिलाएं उद्यमिता और आजीविका के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं, वहीं हिंदुस्तान जिंक के कार्यस्थलों पर भी उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के कुल कार्यबल में 26.3 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो भारत के मेटल एवं माइनिंग उद्योग में सबसे अधिक है। साथ ही, 62 प्रतिशत कर्मचारी 35 वर्ष से कम आयु के हैं, जिससे यह उद्योग के सबसे युवा और समावेशी कार्यबलों में शामिल है। आज हिंदुस्तान जिंक में महिलाएं भूमिगत खदानों में काम कर रही हैं, भारी मशीनरी संचालित कर रही हैं, महत्वपूर्ण उत्पादन प्रक्रियाओं का प्रबंधन कर रही हैं, माइन रेस्क्यू टीमों का हिस्सा हैं और एआई, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन तथा डिजिटलीकरण जैसे उन्नत तकनीकी क्षेत्रों का नेतृत्व कर रही हैं। कंपनी की ‘तेजस्विनी’ पहल के अंतर्गत चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के लीचिंग एवं प्यूरिफिकेशन सेक्शन में महिलाओं की टीम विभिन्न शिफ्टों में संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही है। इससे मैन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को नई मजबूती मिली है। देबारी जिंक स्मेल्टर में कार्यरत आईआईटी दिल्ली से स्नातक स्वप्निल थोरी, डिजिटलाइजेशन विभाग का नेतृत्व कर रही हैं। वह एआई और मशीन लर्निंग आधारित समाधानों के माध्यम से स्मेल्टर्स और पावर प्लांट्स में बदलाव ला रही हैं। उनके नवाचारों ने प्रक्रिया दक्षता, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और संसाधन अनुकूलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा उन्हें और उनकी टीम को कई सम्मान भी दिलाए हैं। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, सामुदायिक विकास और महिलाओं के सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत 2047 की दिशा में बढ़ते हुए कंपनी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास के लाभ केवल उसके परिचालन तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और समुदायों तक भी पहुंचें।

Badgaon, Udaipur | Aug 14, 2026

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Badgaon, Udaipur | Aug 16, 2026

*मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का जिला स्तरीय समारोह आयोजित*

*जिला कलेक्टर परिसर प्रांगण में हुआ कार्यक्रम, राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण*

सलूंबर, 16 अगस्त। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का जिला स्तरीय समारोह शनिवार को जिला कलेक्टर परिसर प्रांगण में आयोजित हुआ। इस दौरान अलवर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के आतिथ्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण किया गया।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न विभागों में नवनियुक्त 10,548 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में 152 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

कार्यक्रम में प्रदेश के 67 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की 667 करोड़ रुपए की राशि भी हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशभर में 954 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया।

कार्यक्रम में नवनियुक्त आयुष अधिकारी, पुस्तकालय ग्रेड थर्ड, नर्सिंग ट्रेनर,पब्लिक हेल्थ केयर नर्स, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि को बधाई पत्र एवं कीट प्रदान की गई।

जिला स्तरीय समारोह में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोजगार के अवसर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करते हैं। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

समारोह में सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र परमार, एसीपी दीपक धाकड़ , मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती, सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग ओंकारलाल बुनकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नवनियुक्त कार्मिक एवं अन्य उपस्थित रहे।

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*मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का जिला स्तरीय समारोह आयोजित* *जिला कलेक्टर परिसर प्रांगण में हुआ कार्यक्रम, राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण* सलूंबर, 16 अगस्त। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का जिला स्तरीय समारोह शनिवार को जिला कलेक्टर परिसर प्रांगण में आयोजित हुआ। इस दौरान अलवर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के आतिथ्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न विभागों में नवनियुक्त 10,548 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में 152 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम में प्रदेश के 67 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की 667 करोड़ रुपए की राशि भी हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशभर में 954 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में नवनियुक्त आयुष अधिकारी, पुस्तकालय ग्रेड थर्ड, नर्सिंग ट्रेनर,पब्लिक हेल्थ केयर नर्स, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि को बधाई पत्र एवं कीट प्रदान की गई। जिला स्तरीय समारोह में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोजगार के अवसर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करते हैं। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। समारोह में सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र परमार, एसीपी दीपक धाकड़ , मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती, सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग ओंकारलाल बुनकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नवनियुक्त कार्मिक एवं अन्य उपस्थित रहे। --0--

Badgaon, Udaipur | Aug 16, 2026

200 सप्ताह की रेखाओं में सजा उदयपुर, चौथी अर्बन स्केचर्स प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ*
*आरके मॉल में दिखी लेकसिटी की विरासत और जीवन के रंग*
*अतिथियों ने भी कूंची थामी, 45 से अधिक कलाकारों के स्केच बने आकर्षण का केंद्र

उदयपुर, 16 अगस्त। उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य, गलियों, बाजारों, प्राकृतिक सौंदर्य और रोजमर्रा के जीवन को रेखाओं में सहेजने वाले अर्बन स्केचर्स उदयपुर (USK) की चौथी प्रदर्शनी का शनिवार को आरके मॉल में भव्य शुभारंभ हुआ। समूह की 200 सप्ताह की निरंतर स्केचिंग यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी में शहर सहित विभिन्न स्थानों और विषयों पर बनाए गए सैकड़ों जीवंत रेखाचित्र प्रदर्शित किए गए।

प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता ने किया। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमलेश शर्मा, कलाप्रेमी प्रवीण कपूर आदि अतिथियों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रेखाचित्रों का अवलोकन किया और कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना की। अर्बन स्केचर्स प्रमुख सुनील लड्ढा व स्केच आर्टिस्ट शिखा पुरोहित ने अतिथियों को प्रदर्शनी का अवलोकन कराते हुए प्रदर्शित विषयवस्तु की जानकारी दी।

*रेखाओं में सहेजा जा रहा लेकसिटी का सौंदर्य*

उद्घाटन अवसर पर डॉ. आनंद गुप्ता ने कहा कि अर्बन स्केचिंग केवल चित्र बनाने की कला नहीं, बल्कि शहर को देखने, समझने और उसकी स्मृतियों को सहेजने का रचनात्मक माध्यम है। उदयपुर के शिल्प, स्थापत्य और नैसर्गिक सौंदर्य को रेखाओं के जरिये संरक्षित करने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने कलाकारों के कला कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शहर की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

*अतिथियों ने भी थामी कूची, रंगों से रचा कैनवास*

प्रदर्शनी के उद्घाटन को कलाकारों के साथ अतिथियों ने भी अपनी रचनात्मक भागीदारी से खास बना दिया। डॉ. आनंद गुप्ता, पुलिस मुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमलेश शर्मा और कलाप्रेमी प्रवीण कपूर सहित अतिथियों ने रंग और कूंची थाम कर स्वयं चित्र तैयार किए। अतिथियों द्वारा बनाए गए इन चित्रों ने उद्घाटन समारोह को औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर एक जीवंत कला उत्सव का रूप दे दिया। इस दौरान  यूसीसीआई चेयरमैन संदीप बापना, मुकेश गुरनानी, संदीप राठौड़ सहित कई वरिष्ठ कलाप्रेमियों व उद्योगपतियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रशंसा की।

*200 सप्ताह पूरे होने पर विशेष स्मृति चिन्ह*

कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेश पालीवाल द्वारा अर्बन स्केचर्स उदयपुर को 200 सप्ताह पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष स्मृति चिन्ह (मेमेंटो) भेंट किया गया। यह स्मृति चिन्ह समूह की निरंतर रचनात्मक यात्रा, उपलब्धि और कला के प्रति समर्पण के सम्मान एवं उत्सव का प्रतीक रहा।

*45 कलाकारों की रचनाओं ने बिखेरे कला के रंग*

प्रदर्शनी में अर्बन स्केचर्स उदयपुर से जुड़े अनेक कलाकारों के स्केच प्रदर्शित किए गए। इनमें आदित्य सेन, अखिलेश कुमावत, अर्पण, असद सिद्दीकी, भानु प्रताप सोनी, भावेश डूंगरी, भूमिका देपुरा, बंटी सुथार, दीप सिंह, दीपिका मेघवाल, दीप्ति आमेटा, हेमंत जोशी, देवेश व्यास, फरहान, ग्रिशा सूरी, जयेश कोठारी, कमलेश डांगी, जय खत्री, नीलोफर मुनीर, राहुल माली, राम बहादुर राणा, सूर्यभान, केनी सेन, कृष्णा, कृष्णम लड्ढा, विनीत खत्री, विश्वास आमेटा, यशस्वी श्रीवास्तव, दिनेश यादव, पारुल मंडोत, हिरल तीरगर, जिनल जैन, करिश्मा जोशी, रोहित व्यास, शिखा पुरोहित, सिमरन बिड़ला, मुकेश गुरनानी, सुरेश पालीवाल, पुरंजय श्रीमाली, तुलिका देपुरा, वरुण गुरनानी, पुविशा व्यास, सुहानी व्यास, सुनील लड्ढा और यश वाधानी के रेखाचित्र शामिल हैं।

इन कलाकारों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से उदयपुर और अन्य स्थानों के जीवन, स्थापत्य, प्रकृति तथा सामाजिक परिवेश को कागज पर उतारा है। अलग-अलग शैली और दृष्टि से बनाए गए स्केच प्रदर्शनी में आने वाले कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

*कला सीखने और समझने का भी अवसर*

प्रदर्शनी के साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। ‘कला कैसे बेचें’ विषय पर रजत कहानीवाला तथा सुरेश पालीवाल ने  ‘परिप्रेक्ष्य रेखाचित्र कैसे बनाएं’ विषय पर कार्यशाला ली। राहुल माली ने लाइव स्केचिंग के माध्यम से शहरवासियों को आकर्षित किया। शाम को कृष्णा और पुविशा के साथ मुक्त मंच का आयोजन तथा असद सिद्दीकी और नीरज की संगीत संध्या के साथ पहले दिन का समापन हुआ।

अर्बन स्केचर्स प्रमुख सुनील लड्ढा ने बताया कि 200 सप्ताह की यह यात्रा केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक इमारतों, स्थापत्य कला, प्रकृति और शहर के बदलते स्वरूप को लगातार दस्तावेज के रूप में दर्ज करने का प्रयास रही है। चौथी प्रदर्शनी इसी रचनात्मक यात्रा को आमजन तक पहुंचाने की पहल है।

200 सप्ताह की रेखाओं में सजा उदयपुर, चौथी अर्बन स्केचर्स प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ* *आरके मॉल में दिखी लेकसिटी की विरासत और जीवन के रंग* *अतिथियों ने भी कूंची थामी, 45 से अधिक कलाकारों के स्केच बने आकर्षण का केंद्र उदयपुर, 16 अगस्त। उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य, गलियों, बाजारों, प्राकृतिक सौंदर्य और रोजमर्रा के जीवन को रेखाओं में सहेजने वाले अर्बन स्केचर्स उदयपुर (USK) की चौथी प्रदर्शनी का शनिवार को आरके मॉल में भव्य शुभारंभ हुआ। समूह की 200 सप्ताह की निरंतर स्केचिंग यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी में शहर सहित विभिन्न स्थानों और विषयों पर बनाए गए सैकड़ों जीवंत रेखाचित्र प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता ने किया। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमलेश शर्मा, कलाप्रेमी प्रवीण कपूर आदि अतिथियों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रेखाचित्रों का अवलोकन किया और कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना की। अर्बन स्केचर्स प्रमुख सुनील लड्ढा व स्केच आर्टिस्ट शिखा पुरोहित ने अतिथियों को प्रदर्शनी का अवलोकन कराते हुए प्रदर्शित विषयवस्तु की जानकारी दी। *रेखाओं में सहेजा जा रहा लेकसिटी का सौंदर्य* उद्घाटन अवसर पर डॉ. आनंद गुप्ता ने कहा कि अर्बन स्केचिंग केवल चित्र बनाने की कला नहीं, बल्कि शहर को देखने, समझने और उसकी स्मृतियों को सहेजने का रचनात्मक माध्यम है। उदयपुर के शिल्प, स्थापत्य और नैसर्गिक सौंदर्य को रेखाओं के जरिये संरक्षित करने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने कलाकारों के कला कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शहर की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। *अतिथियों ने भी थामी कूची, रंगों से रचा कैनवास* प्रदर्शनी के उद्घाटन को कलाकारों के साथ अतिथियों ने भी अपनी रचनात्मक भागीदारी से खास बना दिया। डॉ. आनंद गुप्ता, पुलिस मुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमलेश शर्मा और कलाप्रेमी प्रवीण कपूर सहित अतिथियों ने रंग और कूंची थाम कर स्वयं चित्र तैयार किए। अतिथियों द्वारा बनाए गए इन चित्रों ने उद्घाटन समारोह को औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर एक जीवंत कला उत्सव का रूप दे दिया। इस दौरान यूसीसीआई चेयरमैन संदीप बापना, मुकेश गुरनानी, संदीप राठौड़ सहित कई वरिष्ठ कलाप्रेमियों व उद्योगपतियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रशंसा की। *200 सप्ताह पूरे होने पर विशेष स्मृति चिन्ह* कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेश पालीवाल द्वारा अर्बन स्केचर्स उदयपुर को 200 सप्ताह पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष स्मृति चिन्ह (मेमेंटो) भेंट किया गया। यह स्मृति चिन्ह समूह की निरंतर रचनात्मक यात्रा, उपलब्धि और कला के प्रति समर्पण के सम्मान एवं उत्सव का प्रतीक रहा। *45 कलाकारों की रचनाओं ने बिखेरे कला के रंग* प्रदर्शनी में अर्बन स्केचर्स उदयपुर से जुड़े अनेक कलाकारों के स्केच प्रदर्शित किए गए। इनमें आदित्य सेन, अखिलेश कुमावत, अर्पण, असद सिद्दीकी, भानु प्रताप सोनी, भावेश डूंगरी, भूमिका देपुरा, बंटी सुथार, दीप सिंह, दीपिका मेघवाल, दीप्ति आमेटा, हेमंत जोशी, देवेश व्यास, फरहान, ग्रिशा सूरी, जयेश कोठारी, कमलेश डांगी, जय खत्री, नीलोफर मुनीर, राहुल माली, राम बहादुर राणा, सूर्यभान, केनी सेन, कृष्णा, कृष्णम लड्ढा, विनीत खत्री, विश्वास आमेटा, यशस्वी श्रीवास्तव, दिनेश यादव, पारुल मंडोत, हिरल तीरगर, जिनल जैन, करिश्मा जोशी, रोहित व्यास, शिखा पुरोहित, सिमरन बिड़ला, मुकेश गुरनानी, सुरेश पालीवाल, पुरंजय श्रीमाली, तुलिका देपुरा, वरुण गुरनानी, पुविशा व्यास, सुहानी व्यास, सुनील लड्ढा और यश वाधानी के रेखाचित्र शामिल हैं। इन कलाकारों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से उदयपुर और अन्य स्थानों के जीवन, स्थापत्य, प्रकृति तथा सामाजिक परिवेश को कागज पर उतारा है। अलग-अलग शैली और दृष्टि से बनाए गए स्केच प्रदर्शनी में आने वाले कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। *कला सीखने और समझने का भी अवसर* प्रदर्शनी के साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। ‘कला कैसे बेचें’ विषय पर रजत कहानीवाला तथा सुरेश पालीवाल ने ‘परिप्रेक्ष्य रेखाचित्र कैसे बनाएं’ विषय पर कार्यशाला ली। राहुल माली ने लाइव स्केचिंग के माध्यम से शहरवासियों को आकर्षित किया। शाम को कृष्णा और पुविशा के साथ मुक्त मंच का आयोजन तथा असद सिद्दीकी और नीरज की संगीत संध्या के साथ पहले दिन का समापन हुआ। अर्बन स्केचर्स प्रमुख सुनील लड्ढा ने बताया कि 200 सप्ताह की यह यात्रा केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक इमारतों, स्थापत्य कला, प्रकृति और शहर के बदलते स्वरूप को लगातार दस्तावेज के रूप में दर्ज करने का प्रयास रही है। चौथी प्रदर्शनी इसी रचनात्मक यात्रा को आमजन तक पहुंचाने की पहल है।

Badgaon, Udaipur | Aug 16, 2026