जिस लड़की पर मरता था, उसी ने मार डाला: सिद्धार्थनगर में मां बोली- बहू आई तो लगा खुशियां लाएगी, क्या पता था वही कातिल बनेगी
सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया पर हुई पहचान के बाद 11वीं का स्टूडेंट 12वीं क्लास की लड़की को दिल दे बैठा। थोड़े ही दिनों में दोनों एक-दूसरे के दीवाने हो गए। परिवारवालों ने दोनों की शादी करा दी।
शादी के करीब तीन महीने बाद ही पत्नी ने गला घोंटकर पति को मार डाला। 30 सितंबर को कोर्ट ने पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
अदालत के इस फैसले से कानून का इंसाफ तो हो गया, लेकिन गांव के उस सूने आंगन में अब भी अमित की हंसी की गूंज और उसकी मां की सिसकियां बाकी हैं। मां कहती हैं- बहू आई तो लगा था, खुशियां लाएगी, क्या पता था वही हमारे इकलौते बेटे की कातिल बनेगी।
मामला सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर चिल्हिया इलाके का है। एक-दूसरे पर मर मिटने वाले पति-पत्नी के बीच दूरियां क्यों बढ़ने लगी थीं? दोनों के बीच अक्सर झगड़ा क्यों होने लगा था? आखिर ऐसा क्या हुआ कि 12वीं में पढ़ने वाली लड़की ने अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया?
तस्वीरों से शुरू हुआ सफर, आंसुओं में बदला
दिसंबर, 2023 की एक सर्द शाम। इंस्टाग्राम की रंगीन दुनिया में 11वीं के छात्र अमित चौधरी (22) और 12वीं की छात्रा ज्योति (21) की नजरें मिलीं। अमित चिल्हिया इलाके के संतोरी गांव रहने वाला था। ज्योति शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बुढ़नईया पकड़ी गांव की रहने वाली है।
दोनों के बीच बातों का सिलसिला शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे मोहब्बत में बदल गया। दोनों एक-दूसरे के बिना रहने को तैयार नहीं थे। 12 मार्च, 2024 को दोनों अपना-अपना घर छोड़कर साथ चले गए।
धूमधाम से गांव में रिसेप्शन किया गया
लड़का-लड़की घर छोड़कर चले गए, तो परिवार वाले परेशान हो गए। सबने बैठकर बात की। दोनों एक ही जाति के थे। बच्चों की जिद के आगे मां-बाप का गुस्सा पिघल गया। 19 मार्च, 2024 को धूमधाम से कोर्ट मैरिज हुई।
अमित के घर में खुशियों का माहौल था। बहुभोज (रिसेप्शन) हुआ, पूरे गांव को दावत दी गई। मां विंध्यवासिनी को लगा कि बेटे को मनपसंद हमसफर मिल गई है, अब उसका जीवन संवर जाएगा।
एक ऐसी रात, जिसने खुशियां छीन ली
शादी को अभी 6 महीने ही बीते थे। वो 2 अक्टूबर, 2024 की रात थी। खाना खाने के बाद अमित और ज्योति अपने कमरे में सोने गए। अमित को अंदाजा भी नहीं था कि जिस छत के नीचे वह चैन की नींद सोने जा रहा है, अब वह कभी उठ नहीं पाएगा।
रात करीब 11:30 बजे ज्योति ने दुपट्टे से अमित के दोनों हाथ कसकर बांध दिए। अमित संभल पाता, इससे पहले ही उसके स्कूल की पुरानी टाई उसके गले में कस दी। तड़पते हुए अमित की सांसें थम गईं।
फोन कर पुलिस से कहा- मैंने मार दिया है उसे
अमित की हत्या करने के बाद ज्योति ने खुद 112 नंबर डायल किया। पुलिस से बेझिझक कहा- मैंने अपने पति की हत्या कर दी है, मैं कमरे में ही हूं। जब चिल्हिया थाने की पुलिस और पीआरवी जवान विपिन कुमार मौके पर पहुंचे, तो कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी।
ज्योति ने खुद दरवाजा खोला। सामने बिस्तर पर अमित का बेजान शरीर पड़ा था और गले पर कसने के गहरे निशान थे। जिस टाई को पहनकर अमित कभी स्कूल जाया करता था, वही उसकी मौत का फंदा बन चुकी थी।
अमित अपने पिता संतोष चौधरी और मां विंध्यवासिनी का इकलौता बेटा था। तीन बहनों के बीच वह घर का सबसे दुलारा था। मां आज भी उस कमरे को देखकर बिलख पड़ती हैं, जहां उनके कलेजे का टुकड़ा हमेशा के लिए सो गया।
इंस्टाग्राम से प्यार, इंस्टाग्राम ही बनी रंजिश की वजह?
पूछताछ में कई बातें सामने आईं। ज्योति का आरोप था कि अमित उससे पैसे मांगता था। जबकि परिवार का कहना था कि अमित उसे शादी के बाद इंस्टाग्राम चलाने से मना करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। जिस सोशल मीडिया ने दोनों को मिलाया था, वही उनके रिश्ते और अमित की जिंदगी के खात्मे का सबब बन गया।
50 सुनवाई, 24 गवाह और उम्रकैद
3 अक्टूबर, 2024 को जेल जाने के बाद करीब 2 साल तक सिद्धार्थनगर के जिला एवं सत्र न्यायालय में यह मामला चला। सरकारी वकील राजेश कुमार त्रिपाठी और अधिवक्ता (प्राइवेट) विजय कुमार शुक्ला ने अमित (मृतक) की ओर से पक्ष को मजबूती से रखा।
डॉक्टर, पुलिस और परिवार वालों समेत कुल 24 गवाहों की सूची तैयार हुई। इनमें से 9 की अहम गवाही हुई। 30 सितंबर को जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने फैसला सुनाया। सबूतों और गवाहों के आधार पर ज्योति चौधरी को हत्या का दोषी माना।