सपा नेता फूट-फूटकर रोया, बोला- SSP ने बूटों से मारा:'चोली के पीछे क्या है...' गाने पर नचवाया;
मेरठ में चोटिल आंखों पर पट्टी बांधकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की,
पुलिस बोली- स्कूटी से गिरने पर लगी चोट
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन के बाद सपा नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय पर हिरासत में मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को दिग्विजय चोटिल आंख पर पट्टी बांधकर सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर पहुंचे और प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोते हुए अपनी आपबीती बताई।
‘चैंबर में ले जाकर बूटों से पीटा’
दिग्विजय भाटी का आरोप है कि 19 अगस्त को वह और मोहित जाटव अपनी बात रखने SSP से मिलने गए थे। उनके मुताबिक, SSP ने गाली-गलौज की और दोनों को चैंबर में ले जाकर लात-घूंसों और बूटों से पीटा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां हाथ-पैर बांधकर डंडों से भी पीटा गया। उनका दावा है कि रात करीब 2 बजे सपा विधायक अतुल प्रधान के पहुंचने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
दिग्विजय ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ कथित तौर पर अभद्र गाने पर नचाने जैसा व्यवहार किया गया।
‘SSP ने एनकाउंटर की योजना बनाई थी’
मोहित जाटव ने आरोप लगाया कि SSP ने पुलिसकर्मियों से उनके एनकाउंटर की बात कही थी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने पूरे मामले में SSP और इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि दोनों से जबरन ऐसा पत्र लिखवाया गया जिसमें चोटें स्कूटी से गिरने के कारण होना बताया गया।
पुलिस का दावा- आरोप निराधार, स्कूटी से गिरने पर लगी चोट
मेरठ पुलिस ने सपा नेताओं के आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वे हिस्ट्रीशीटर हैं। पुलिस का दावा है कि उन्हें चोटें स्कूटी से गिरने के कारण आई हैं।
इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार गौड़ ने कहा कि वह बाद में मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने कप्तान के आदेश का पालन किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ADG मेरठ भानु भास्कर ने सहारनपुर DIG अभिषेक सिंह को जांच सौंपी है। वहीं, अविनाश पांडेय को मेरठ SSP पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया जा चुका है।
विवाद की शुरुआत ललिता गौतम हत्याकांड से हुई थी
बीए की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 17 मई को रोहटा क्षेत्र के गन्ने के खेत में उनका शव मिला था। परिजनों ने गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी अंकुश समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। 8 जुलाई को परिजनों ने मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। आरोप है कि इसी दौरान तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की थी।
फिलहाल सपा नेताओं और पुलिस के आरोपों की जांच DIG स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मारपीट और हिरासत में कथित बर्बरता के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
Balrampur, Balrampur | Aug 22, 2026