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#धनवान बनने के लिए #राम राम भक्ता 💯🌄🙏🚩 - Harda News
gopalbagri1985
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#धनवान बनने के लिए #राम राम भक्ता 💯🌄🙏🚩
Harda, Harda
| Jul 21, 2024
#धनवान
#राम
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राजस्थान से हरदा आये स्वाद का जादू बिखरने ..KK एवरफ्रेस पर विभिन्न प्रकार के नमकीन सेव गरम गरम उपलब्ध ? पता : श्री परशुराम चौक प्रताप टॉकीज के पास बादर होटल के सामने हरदा Call : 9610756363 #harda #indore #ratlamsev
Harda, Harda | Aug 18, 2026
हरदा कलेक्टर से दिव्यांग ने लगाई मदत की गुहार ! नसबंदी के बाद भी हुआ बच्चे का जन्म, अब 6 बच्चों की जिम्मेदारी; मजदूर ने मांगी आर्थिक मदद ! जिला अस्पताल हरदा के अधिनस्थ डॉक्टर द्वारा किए गए ऑपरेशन फेल हो जाने तथा बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के लिए सहायता राशि दिलाए जाने के संबंध में आवेदन पत्र कलेक्टर को दिया ! . . . #harda #indore #bhopal
Harda, Harda | Aug 18, 2026
सीएम डॉ. मोहन ने लिए अहम फैसले, एमपी के विकास के लिए 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत - कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार - अविरल मां नर्मदा मिशन (नमन मिशन) के गठन को मिली स्वीकृति - मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के संचालन के लिए 1,14,365 करोड़ स्वीकृत - मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये को मंजूरी अनोखा तीर, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में कैबिनेट ने प्रदेश को जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति दी है। मध्य प्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस मिशन को एकीकृत, वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है। 'नमन मिशन' को मप्र सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा, जो पूर्व में गठित मंत्रिमंडल समिति, अन्तर्विभागीय कार्यकारिणी समिति और राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की प्राथमिकताओं व अनुश्रवण तंत्र को समाहित कर सुदृढ़ कार्ययोजना पर कार्य करेगा।नमन मिशन का प्रशासनिक ढांचा त्रि-स्तरीय रखा गया है। सर्वोच्च साधारण सभा की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे और इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष तथा 19 सहभागी विभागों के मंत्रीगण सदस्य होंगे। इसके अलावा साधारण सभा में नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन क्षेत्र के अधिकतम 10 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी नामांकित किए जाएंगे। वहीं, मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव उपाध्यक्ष और संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) कार्यकारिणी के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। इस कार्यकारिणी समिति में आईआईएसईआर, आईआईटी, आईआरएमए, एनआईएच, आईआईएफएम, आईसीएआर और एनईईआरआई जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को भी जोड़ा गया है। मिशन का होगा मजबूत वित्तीय ढांचा मिशन के सुचारू संचालन और परियोजनाओं के निष्पादन के लिए एक मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार किया गया है। नर्मदा संरक्षण व विकास कार्यों के लिए 'निर्मल एवं अविरल नर्मदा मिशन निधि' के तहत राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, वन विभाग की कैम्पा (CAMPA) निधि से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का उपयोग किया जाएगा तथा आपवादिक परिस्थितियों में प्रचलित योजनाओं से भिन्न कार्यों के लिए 5 वर्षों में राज्य बजट से 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मिशन में सीएसआर (CSR) फंड, केंद्रीय सहायता और पीपीपी (PPP) मॉडल के माध्यम से भी जन-सहयोग जुटाया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेगी वैज्ञानिक मूल्यांकन तकनीकी दक्षता के लिए गठित की जा रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) एक टेक-इंजन और नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगी। यह इकाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस (GIS), रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों का उपयोग कर नदी स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी। कैबिनेट ने मिशनशक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत केन्द्र प्रवर्तित योजना "प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना" की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तरता एवं क्रियान्वयन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करना एवं द्वितीय प्रसव में बालिका जन्म को प्रोत्साहन प्रदान करना है। योजना अन्तर्गत प्रथम प्रसव वाली पात्र गर्भवती महिला को गर्भावस्था का शीघ्र पंजीकरण एवं अंतिम मासिक चक्र (एल.एम.पी) के 6 माह के अंदर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर प्रथम किश्त तीन हजार रुपये और बच्चे के जन्म के पंजीकरण एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर द्वितीय किश्त दो हजार रुपये, इस प्रकार कुल 5 हजार रुपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म पर प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के पश्चात् 6 हजार रुपये का लाभ एक किश्त में प्रदान किए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना पर फोकस कैबिनेट ने "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना" के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वालंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023, लागू की गई है। योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी महिलाओं को प्रत्येक माह 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि को उनके डीबीटी सक्रिय खाते में प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना का रखा ध्यान मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर, स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार और उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई है। योजना में अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाओं को लाभांवित किया जा चुका है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, कक्षा 9वीं में प्रवेश पर 4 हजार रुपये, कक्षा 11वीं में प्रवेश पर रुपये 6 हजार रुपये और कक्षा 12वीं में प्रवेश पर 6 हजार रुपये ई-पेंमेंट के माध्यम से प्रदाय किया जाता है। महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर प्रथम वर्ष में प्रोत्साहन राशि 12,500 रुपये एवं अंतिम वर्ष में 12,500 रुपये दो समान किश्तों में प्रदाय किया जाता है। साथ ही 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। कृषि, शिक्षा एवं अनुसंधान गतिविधियों के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक संचालन की निरंतरता के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। इससे विश्वविद्यालय के सेवानिवृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पेंशन का नियमित भुगतान किया जाता है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को ब्लाक ग्रांट योजना के लिए 469 करोड़ 93 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।विश्वविद्यालय प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र है। ब्लॉक ग्रांट योजना के माध्यम से अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, अनुसंधान गतिविधियों, संस्थागत व्ययों तथा अन्य अनुमत्य वित्तीय दायित्वों का नियमित निर्वहन किया जाता है। योजना की निरंतरता विश्वविद्यालय की संस्थागत क्षमता, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं कृषि विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक हैं। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना के माध्यम से प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण सुविधाओं, अनुसंधान अधोसंरचना तथा अन्य आवश्यक परिसंपत्तियों का विकास एवं उन्नयन किया जाता है। योजना की निरंतरता से विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालयों की संस्थागत क्षमता सुदृढ़ होगी और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित होगा। स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए इतनी राशि स्वीकृत मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरणके लिए कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये की स्वीकृतिदी है।स्वीकृति अनुसार उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के लिए 4,742 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गये है। उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के अंतर्गत प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के अधीन कार्यरत ए.एन.एम.-एल.एच.व्ही. का वेतन आहरित किया जाता है। यह योजना मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के लिए ही संचालित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण योजना के लिए 518 करोड़ 93 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों के उपचार के लिए लगने वाले अत्याधुनिक उपकरणों का प्रबंध किया जाता हैं। अस्पताल एवं औषधालय के लिए भवन निर्माण योजना के लिए 3,219 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजनांर्गत प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला चिकित्सालय एवं सिविल अस्पताल के भवनों का उन्नयन तथा भवन निर्माण कार्य किया जाता है। आशा कार्यकर्ता को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदाय करने संबंधी योजना के लिए 3,354 करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कड़ी हैं, जो घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, टीवी, मलेरिया, कुपोषण तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी, सेवा और समर्थन प्रदान करती हैं। इसके साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में 5200 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 65,800 कुल 71,000 आशा कार्यकर्ता तथा 5200 आशा पर्यवेक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 35 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की पदीय सरंचना में पूर्व में स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नवीन पदों एवं पूर्व से स्वीकृत 07 पदों की निरंतरता आगामी 5 वर्षों अर्थात 18 सितम्बर 2031 तक रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार समस्त नियुक्तियों के लिए समेकित वेतनमान का निर्धारण करने, विभिन्न पदों की प्रतिपूर्ति के लिए न्यूनतम अर्हता/योग्यता विहित करने के लिए प्रबंध संचालक अधिकृत होंगे। पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्हता तथा प्रक्रिया संचालक मंडल द्वारा विहित की जा सकेगी तथा कार्य के स्वरूप के मद्देनजर किसी पद का पदनाम परिवर्तन संचालक मंडल कर सकेगा। इसके फलस्वरूप कुल 4 करोड़ 12 लाख रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आना संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम द्वारा अपने स्त्रोतों से की जाएगी। वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने से संबंधित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पिछले 20 वर्षों में प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि की गई है। निर्णय अनुसार अनुसंधान योजना तथा विकासीय गतिविधियों' से संबंधित योजना के लिए 201 करोड़ 28 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना के अंतर्गत अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ कर विज्ञान-आधारित एवं साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के माध्यम से सुदूर संवेदन एवं GIS, अनुसंधान एवं विकास, जैव प्रौद्योगिकी, पेटेंट सूचना, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, ग्रामीण प्रौद्योगिकी तथा एटलस परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, नवाचार, कौशल विकास, बौद्धिक संपदा संरक्षण एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। 'निर्देशन एवं प्रशासन' संबंधी योजना के लिए 119 करोड़ 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत परिषद् के सामान्य प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, अधोसंरचना संचालन तथा योजनाओं के समन्वय एवं अनुश्रवण से संबंधित कार्य संपादित किए जायेगे। योजना के माध्यम से वेतन-भत्ते, कार्यालयीन व्यय, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, बैठकों, कार्यशालाओं तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित कर विज्ञान एवं तकनीकी योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक आधार उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत इसी तरह 'विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार के लिए सहायता' संबंधी योजना के लिए 172 करोड़ 52 लाख रुपये और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लोकव्यापीकरण के उद्देश्य से विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम, मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएं, विज्ञान शिक्षा एवं नवाचार कार्यशालाएं तथा विज्ञान मंथन यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, योजना की गतिविधियों की नियमित निगरानी, मूल्यांकन एवं दस्तावेजीकरण के माध्यम से इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा। इस के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय गणित दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, राष्ट्रीय तकनीकी दिवस, संभाग स्तरीय विज्ञान मेले (संभागीय वैज्ञानिक सम्मेलन) और साइंस ऑन व्हील तथा क्रिएटिविटी लर्निंग सेंटर द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
Harda, Harda | Aug 18, 2026
जात-पात पूछे न कोई..,' सीएम डॉ. मोहन ने बताई गुरु रविदास महाराज की महिमा, आप भी करें अनुसरण - संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज का 650वां जयंती वर्ष - भोपाल के रवींद्र में हुआ 'समरसता संकल्प अभियान'-कलश वंदन यात्रा' कार्यक्रम -सागर में 100 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर-स्मारक अनोखा तीर, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। भोपाल के रवींद्र भवन में 18 अगस्त को आयोजित इस राज्य स्तरीय 'समरसता संकल्प अभियान' एवं 'कलश वंदन यात्रा' कार्यक्रम का उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने ने संभागीय प्रतिनिधियों को कलशों का वितरण भी किया। कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्र्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य भी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर हमारी सरकार जातिवाद और छुआछूत के चंगुल से समाज को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से सर्व समाज को एकजुटता के सूत्र में पिरोने का लक्ष्य रखा है। हमें जातिवाद और अनेक चुनौतियों से भरे वातावरण में स्वयं के मन में पवित्र भाव जागृत करने और समरसता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश में समय बदला है अब प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि और पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदास महाराज के नाम पर रखा गया है। संत के स्थल को बनाएंगे तीर्थ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक बनकर तैयार हो रहा है। बहुत जल्द प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष में उज्जैन में उनकी वस्तुओं और शिष्य के समाधि स्थल को संरक्षित करते हुए भव्य गुरुद्वारा निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में जहां रविदास जी के चरण पड़े, उन तीर्थ स्थलों को सर्व-सुविधा युक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज श्योपुर चंबल क्षेत्र को रेलवे की नई सौगात मिलने जा रही है। प्रदेशवासियों को आवागमन में लाभ मिलेगा। राज्य सरकार समरसता संकल्प अभियान की कार्य योजना में हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तत्पर है। हम सभी संत रविदास महाराज के बताए मार्ग का स्मरण और अनुसरण करेंगे। जीवन में उसे धारण भी करेंगे। बिखरने से बच गया समाज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काशी की पवित्र भूमि पर जन्मे संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज ने भारत को एक करने का कार्य किया। तत्कालीन समय में विधर्मी आक्रांता भारतीय परंपराओं को नष्ट करना चाहते थे। तब छोटे बालक के रूप में रविदास महाराज ने बनारस के घाटों पर संत रामानंद आचार्य महाराज के प्रवचन और कथाएं सुनकर भक्तिभाव से समाज को एक करने का संकल्प लिया था। हमारे साधु-संतों ने सामाजिक समरसता की पताका अपने हाथों में थामी और रविदास महाराज ने संदेश दिया, जातपात पूछे न कोई-हरि को भजे सो हरि का होई। संत रविदास ने कर्म करते हुए सदैव अपने मन में भक्ति भाव को बनाए रखा। उस दौर के सबसे बड़े संत प्रेमानंद महाराज ने संत रविदास महाराज को दीक्षा दिलवाई थी। संत रविदास के भजन आज भी भक्ति भाव से लोगों के दिलों में अहम स्थान रखते हैं। हम पेश करें समरसता की मिसाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संत रविदास ने कटुता को छोड़कर समाज को समरसता को अपनाने का मंत्र दिया। हमें इस समरसता संकल्प अभियान को जन-जन तक लेकर जाना है। सागर में संत रविदास का भव्य मंदिर और स्मारक बनाया जा रहा है। हमें समाज के हर वर्ग को जोड़कर समरसता की मिसाल पेश करनी है और भारत को विकसित भारत बनाना है। पूर्व मंत्री एवं राष्ट्र्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, धर्मांतरण के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है। उन्होंने काशी की मिट्टी से निकलकर झाली रानी और मीराबाई को अपना बनाया। जब जालंधर में सूखा पड़ा था तो संत रविदास जी ने लोगों के कल्याण के लिए जल संकट को दूर किया। आज संत रविदास जी की वाणी और उनके संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। हमने समरसता संकल्प अभियान को 5 महीने तक चलाने का निर्णय लिया है। 20 अगस्त को एमपी में शुरू होगी कलश वंदन यात्रा पूर्व मंत्री आर्य ने बताया कि काशी से कलश यात्रा की शुरुआत हुई और देशभर में 51 स्थानों पर कलश पूजन किया गया है। काशी से निकले 129 कलश में से 98 उत्तरप्रदेश और शेष सभी राज्यों में पहुंचे हैं। इस कलश में संत रविदास जी की जन्मस्थली की मिट्टी है। कलश वंदन यात्रा जिला स्तर तक निकाली जाएंगी। आगामी 20 अगस्त को मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में कलश वंदन यात्रा शुरू होगी। इस कार्यक्रम में सभी संतों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद गांव और कस्बों में कलशों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। अंतिम चरण में छात्रावास संपर्क अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन दर्शन से परिचित कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जालांधर से मुख्य समरसता संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। यह प्रयास देश की समाजिक मजबूती को सशक्त करेगा। देश में 29 जुलाई से 30 अगस्त तक संत संपर्क अभियान भी चल रहा है। अब तक 29 हजार से अधिक संतों का सम्मान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने संत रविदास और वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखा है। मध्यप्रदेश में संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है।
Harda, Harda | Aug 18, 2026
🎀 रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खबर! मध्यप्रदेश में इस बार भी रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को ₹250 का अतिरिक्त शगुन मिलने की तैयारी है। यह राशि ₹1500 की मासिक किस्त से अलग होगी। 📍 19 अगस्त को मैहर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम से करीब 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने की संभावना है। ⚠️ हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हुई है। आपको क्या लगता है, ₹250 का शगुन बढ़ना चाहिए? 👇 कमेंट में अपनी राय बताएं। #लाड़लीबहना #रक्षाबंधन #मध्यप्रदेश #मोहनयादव #HardaNews
Harda, Harda | Aug 18, 2026