24 कैरेट या 22 कैरेट? चंबा में सोने की जांच मशीन पर छिड़ा विवाद
को लेकर क्या कहा वर्मा ज्वैलर्स ने आज
चंबा में सोने की शुद्धता जांचने वाली मशीन पर घमासान
स्वर्णकार संघ और वर्मा ज्वेलर आमने-सामने, करीब एक घंटे चली बहस
चंबा में आयोजित गोल्ड एग्जीबिशन के दौरान सोने की शुद्धता जांचने वाली मशीन को लेकर चंबा स्वर्णकार संघ और वर्मा ज्वेलर के बीच विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक तीखी बहसबाजी और नोकझोंक हुई। मामला बढ़ने के बाद स्वर्णकार संघ ने आज उपायुक्त चंबा को भी ज्ञापन सोंपा
विवाद की शुरुआत एक सोने के कड़े की शुद्धता जांच को लेकर हुई। चंबा स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष संजय कुमार के अनुसार, संघ से जुड़े स्वर्णकार द्वारा तैयार किया गया कड़ा 24 कैरेट सोने का था। उनका दावा है कि जब इसी कड़े की एग्जीबिशन में लगी मशीन से जांच की गई
संघ का कहना है कि बाद में उसी कड़े की दूसरी जगह जांच करवाई गई, जहां उसे 24 कैरेट का बताया गया। इसी अंतर को लेकर संघ ने एग्जीबिशन में इस्तेमाल की जा रही मशीन की जांच प्रक्रिया और उसके परिणाम पर सवाल उठाए।
स्वर्णकार संघ के प्रतिनिधियों ने मशीन में किसी तरह की छेड़छाड़ या टेंपरिंग की संभावना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति किसी अधिकृत तकनीकी या प्रमाणित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वर्मा ज्वेलर ने आज जानकारी देते हुए मशीन को बताया सही
उधर, वर्मा ज्वेलर के मैनेजर ने मशीन को पूरी तरह सही बताते हुए कहा कि एग्जीबिशन में इस्तेमाल की जा रही मशीन की कीमत करीब 25 लाख रुपये से अधिक है और उनके अनुसार इसमें छेड़छाड़ या टेंपरिंग संभव नहीं है।
वर्मा ज्वेलर की ओर से यह भी कहा गया कि एग्जीबिशन के आयोजन के लिए 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक बाकायदा अनुमति ली गई है
पूरे विवाद में मुख्य सवाल सोने के कड़े की वास्तविक शुद्धता और मशीन से मिले अलग-अलग परिणामों को लेकर है। एक पक्ष मशीन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष मशीन को प्रमाणिक और सुरक्षित बता रहा है।
ऐसे में विवाद का निष्पक्ष समाधान प्रमाणित प्रयोगशाला या अधिकृत जांच प्रक्रिया से ही संभव होगा। फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे सामने आए
Chamba, Chamba | Oct 3, 2026