*एमएसपी से नीचे बाजरे के भाव, किसानों को लागत निकालने की चिंता*
*मंडियों में 1950 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव; एक बीघा फसल तैयार करने में 9500 रुपए खर्च*
गंगापुर सिटी वजीरपुर। उपखंड सहित आस पास के क्षेत्र में बाजरे की थ्रेशिंग के बाद किसान अपनी उपज बेचने के लिए असमंजस में नजर आ रहे हैं। मंडियों में बाजरे के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे बने हुए हैं। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए बाजरे का एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि गंगापुर सिटी मंडी में उपलब्ध हालिया भाव 1950 से 2303 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे हैं। मंडी का अधिकतम भाव भी एमएसपी से 597 रुपए प्रति क्विंटल कम है।
एक बीघा बाजरे पर 9500 रुपए खर्च
वजीरपुर क्षेत्र के किसानों के अनुसार बाजरे की एक बीघा फसल तैयार करने में जुताई-बुवाई से लेकर थ्रेशिंग तक करीब 9500 रुपए खर्च हो जाते हैं। *लागत का ब्योरा इस प्रकार है—*
काम/सामग्री
प्रति बीघा खर्च
जुताई-बुवाई
₹800
बीज
₹800
खाद
₹300
गुड़ा-लट की दवाई
₹700
निराई-गुड़ाई
₹2,400
फसल कटाई
₹3,500
थ्रेशिंग
₹1,000
कुल लागत
₹9,500
किसानों का कहना है कि इस लागत में परिवार के सदस्यों की मेहनत और जमीन का किराया शामिल नहीं है। यदि इन खर्चों को भी जोड़ा जाए तो वास्तविक लागत और बढ़ सकती है।
*एमएसपी और मंडी भाव में अंतर*
गंगापुर सिटी मंडी में बाजरे का अधिकतम उपलब्ध भाव 2303 रुपए प्रति क्विंटल है। इसके मुकाबले एमएसपी 2900 रुपए है। यानी किसानों को अधिकतम भाव पर भी 597 रुपए प्रति क्विंटल कम मिल रहा है। वहीं 1950 रुपए के न्यूनतम भाव पर एमएसपी से अंतर 950 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच जाता है।
मीना बड़ौदा गांव के किसान मुनेश मीना ने बताया कि एक बीघा बाजरे की फसल तैयार करने में करीब 9,500 रुपए खर्च हो रहे हैं। ऐसे में मंडी में कम भाव मिलने से किसानों के लिए लागत निकालना चुनौती बन रहा है।
वही अन्य किसान ताराचंद मीना ने बताया कि किसान को फसल तैयार करने में कई महीने मेहनत करनी पड़ती है। यदि बाजरे का भाव एमएसपी के आसपास मिले तो किसानों को राहत मिल सकती है।
*सरकारी खरीद की मांग*
क्षेत्र के किसानों ने बाजरे की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि मंडी भाव और एमएसपी के बीच बड़ा अंतर रहने से उन्हें अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। थ्रेशिंग के बाद अब किसान गंगापुर सिटी मंडी में भाव बढ़ने की उम्मीद लगाए हुए हैं।