
मांडर में NH-39 किनारे बैरिकेडिंग पर सवाल, ग्रामीणों ने जताया हादसे का खतरा
राँची। मांडर थाना क्षेत्र में एनएच-39 किनारे कॉन्स्टेंट लिवेंस हॉस्पिटल के बाहर लगाए गए लोहे के बैरिकेडिंग को लेकर ग्रामीणों और दुकानदारों में नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि नाली के स्लैब तक लोहे के एंगल लगाए जाने से फुटपाथ का रास्ता लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे राहगीरों और बाइक सवारों को मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल के सामने संत जेवियर्स और संत अन्ना कॉलेज के छात्र-छात्राओं की लगातार आवाजाही रहती है। खासकर छुट्टी के समय बड़ी संख्या में छात्र सड़क किनारे निकलते हैं। फुटपाथ बाधित होने के कारण उन्हें तेज रफ्तार ट्रकों और हाइवा के बीच मुख्य सड़क का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क किनारे लगे लोहे के एंगल किसी वाहन के अनियंत्रित होकर टकराने की स्थिति में गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते बैरिकेडिंग की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
विरोध कर रहे लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जहां गरीब दुकानदारों और ठेला लगाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन और नाली क्षेत्र तक किए गए कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। लोगों ने NHAI और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर फुटपाथ को आम लोगों के लिए मुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों और दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बैरिकेडिंग नहीं हटाई गई और भविष्य में कोई दुर्घटना हुई तो इसके लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदार माना जाएगा। लोगों ने कहा कि प्रशासन तत्काल स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित कदम उठाए, ताकि राहगीरों और छात्रों की जान जोखिम में न पड़े।
Namkum, Ranchi | Aug 13, 2026