
डोल मेले के इतिहास में नई परिपाटी, अब हर वर्ष होगा सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का आयोजन
बारां
शहर के प्रसिद्ध डोल मेले के इतिहास में इस वर्ष एक नई धार्मिक एवं सामाजिक परिपाटी की शुरुआत होने जा रही है। नगर परिषद के नए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि अब हर वर्ष डोल मेले में बालाजी महाराज के प्रति श्रद्धा से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में 2 अक्टूबर को डोल मेले में सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार डोल मेले में पहली बार इस तरह का धार्मिक आयोजन होने जा रहा है और अब इसे प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। पूर्व सभापति कमल राठौर एवं मेलाध्यक्ष नीरज नागर ने बताया कि नया बोर्ड शहरवासियों की जनभावनाओं के अनुरूप तथा शहर और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करते हुए सामाजिक एवं धार्मिक समरसता की भावना को मजबूत करना बोर्ड की प्राथमिकता है। उपसभापति तेजेश सुमन एवं पार्षद हितेश प्रजापति ने कहा कि नगर परिषद बोर्ड निष्पक्ष रूप से जनहित और शहरहित के लिए समर्पित है। डोल मेले में बेहतर व्यवस्थाओं के साथ-साथ सद्भावना और सामाजिक समरसता का वातावरण बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नगर परिषद के इस निर्णय को डोल मेले की परंपरा में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का यह आयोजन अब हर वर्ष डोल मेले का हिस्सा रहेगा।
Ladpura, Kota | Oct 2, 2026