
राजकीय महाविद्यालय कालका में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और अपने प्राण गंवाने वाले असंख्य लोगों की स्मृतियों को श्रद्धापूर्वक याद करना तथा युवा पीढ़ी को उस त्रासदी के इतिहास से अवगत कराना रहा।
इस अवसर पर विभाजन के दौरान घटित घटनाओं, विस्थापित परिवारों की कठिनाइयों तथा उनके संघर्ष और साहस पर प्रकाश डाला गया। पंजाबी विभाग के डॉ जगपाल ने कहा कि विभाजन की विभीषिका हमें शांति, मानवता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का महत्व समझाती है।
विद्यार्थियों को विभाजन से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों एवं संस्मरणों से अवगत करवाते हुए उन्हें देश की एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभाजन में अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
हिंदी विभाग अध्यक्षा डॉ बिन्दु ने कहा कि इतिहास की ऐसी घटनाओं को स्मरण करना केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को मानवता, शांति तथा भाईचारे का संदेश देना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राजनीति विभागाध्यक्षा सुनीता चौहान ने सभी विद्यार्थियों को देश में शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉक्टर गुरप्रीत कौर और एनसीसी विद्यार्थियों का भी योगदान रहा। एनसीसी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वह राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सेलिब्रेशन आफ डेज कमेटी की प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर नीतू, डॉ इंदु, डॉ सोनाली, हिंदी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर नीरू और इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर गुरमीत सिंह का महान योगदान रहा।
#panchkulanews #panchkula #panchkulasocialmedia