
MDM के बर्तन बच्चियों से धुलवाना प्रधानाध्यापक को पड़ा भारी, वीडियो वायरल होते ही HM निलंबित
स्कूल में बच्चों से बर्तन धुलवाना प्रधानाध्यापक को पड़ गया महंगा जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार प्रकाश ने किया निलंबित
पूर्णिया में सरकारी विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के दावों के बीच पूर्णिया के कसबा प्रखंड से एक गंभीर मामला सामने आया है। मध्य विद्यालय सिमरिया में बच्चियों से मध्याह्न भोजन (MDM) के बर्तन धुलवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनीष कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
वायरल वीडियो पर शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
वायरल वीडियो में विद्यालय के बरामदे में मध्याह्न भोजन बनाने वाले बर्तनों का ढेर दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ बच्चियां उन बर्तनों को साफ करती नजर आ रही हैं। मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार प्रकाश ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच का निर्देश दिया।
मामले की जांच प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कसबा तथा प्रखंड साधन सेवी, पीएम पोषण योजना के माध्यम से कराई गई। जांच प्रतिवेदन में वायरल वीडियो में सामने आया मामला सही पाया गया।
प्रधानाध्यापक निलंबित, रसोइया पर भी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनीष कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, संबंधित रसोइया को चयनमुक्त करने के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना, पूर्णिया को निर्देशित किया गया है।
इसके अलावा विद्यालय में पीएम पोषण योजना की गतिविधियों की नियमित निगरानी नहीं रखने के मामले में प्रखंड साधन सेवी, पीएम पोषण योजना, कसबा से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
अभिभावकों ने लगाया बार-बार बर्तन धुलवाने का आरोप
वायरल वीडियो सामने आने के बाद कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों से बर्तन साफ कराने का यह मामला पहली बार नहीं है। उनका कहना है कि विद्यालय में पहले भी बच्चियों से इस तरह के काम कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य विद्यालयों में भी निगरानी को लेकर सतर्कता बढ़ने की चर्चा है। वहीं, अभिभावकों ने मामले में त्वरित कार्रवाई किए जाने पर संतोष जताया है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों से ऐसे कार्य कराना गंभीरता से लिया जाएगा और शिकायत सामने आने पर जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।