
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश, फोटो एवं वीडियो बनाने पर रोक लगाने के शिक्षा विभाग के निर्णय को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के बजाय अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
डोटासरा ने कहा कि शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने के बजाय स्कूल परिसरों में निगरानी और सवाल पूछने वालों पर पहरा लगाने का रास्ता चुना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर हैं तो फिर तस्वीरें और वीडियो सामने आने से सरकार को परेशानी क्यों हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में जर्जर भवन, टूटे कमरे, शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों की समस्याएं मौजूद हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों का समाधान करने के बजाय उन्हें छिपाने में लगी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी विद्यालय जनता के हैं, किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं हैं। स्कूल प्रबंधन एवं विकास से जुड़े तंत्र में स्थानीय लोगों, अभिभावकों और समाज की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की निगरानी को कमजोर करने वाला कोई भी फैसला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के खिलाफ है।
डोटासरा ने कहा कि "नाकामियों पर पर्दा डालने से तस्वीर नहीं बदलेगी। सरकार को प्रतिबंध लगाने के बजाय स्कूलों की वास्तविक स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।"
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Churu, Churu | Aug 16, 2026