आधा सावन बीत गया लेकिन धरती की प्यास नहीं बुझी। बिहार की नदियां सूखी की सूखी हैं। हालत ये है कि 26 नदियां पूरी तरह सूखी हैं या फिर उनमें मापी के लायक पानी भी नहीं है। उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण की हालत ज्यादा खराब है। दक्षिण बिहार के नालंदा में सबसे अधिक 8 नदियां सूखी हुई हैं। बारिश की यही स्थिति रही तो इन नदियों में इस साल पानी आ पाएगा, इस पर भी संशय है।
बिहार जल संसाधन विभाग के पास 81 नदियों के पानी की मापने की सुविधा है। इसके लिए 117 जगहों पर रेनगेज लगाए गए हैं। बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की 26 में से 16 नदियों में इतना पानी नहीं है कि उसकी मापी हो सके। वहीं, 10 नदियां पूरी तरह सूखी हुई है। पश्चिम चम्पारण में पंडई, समस्तीपुर में नून, नून बथाने और बालान, सीतामढ़ी में लखनदेई, दरभंगा में तीषभवारा/कमला, जीवछ/कमला, अररिया में नूना, रोहतास में अवसाने, औरंगाबाद में बटाने, जमुई में बरनार, नवादा में सकरी और तिलैया, मुंगेर में मुहानी, बांका में चिरगेरूआ और रोहतास में काव का पानी रेनगेज से नीचे है।