
#सफलता_की_कहानी
#गुना - आशा कार्यकर्ता की सजगता से प्रसूता को समय पर मिला उपचार, गंभीर संक्रमण से बची मां
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड चाचौड़ा के ग्राम सियारी में देखने को मिला, जहां आशा कार्यकर्ता की सजगता से प्रसूता को समय पर उपचार मिला और संभावित गंभीर संक्रमण से बचाया जा सका।
ग्राम सियारी निवासी 23 वर्षीय प्रिया मीना, पत्नी मिथुन मीना की 13 जुलाई 2026 को जिला चिकित्सालय गुना में सीजर ऑपरेशन से प्रसूति हुई। उन्होंने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। मां और शिशु के स्वस्थ होने पर दोनों को 16 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।
इसके बाद आशा कार्यकर्ता ममता मीना ने शिशु की पहली गृह भेंट की। इस दौरान बच्चे का वजन 2.800 किलोग्राम और तापमान 97.8 डिग्री फारेनहाइट पाया गया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ थे।
लगातार बारिश के कारण ग्राम सियारी के रास्ते में नाले में पानी भर गया था। इसके बावजूद आशा कार्यकर्ता ने अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। पानी कम होने का इंतजार करने के बाद आशा सुपरवाइजर प्रवेश मीना और आशा कार्यकर्ता ममता मीना ने 21 जुलाई को दूसरी गृह भेंट की।
गृह भेंट के दौरान शिशु का दोबारा वजन और तापमान लिया गया, जिसमें बच्चा सामान्य एवं स्वस्थ पाया गया। मां के स्वास्थ्य की जानकारी लेते समय प्रिया मीना ने सीजर के टांकों से पानी आने की शिकायत बताई। आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल बीएमओ डॉ. सोम्या वाजपेयी एवं बीसीएम हेमंत गौड़ को जानकारी दी।
अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिजनों को महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीनागंज लाने की सलाह दी। 22 जुलाई को नाले का पानी उतरने के बाद महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीनागंज लाया गया। यहां डॉ. आशु शर्मा ने महिला की जांच कर प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाएं दीं। इसके बाद 108 एंबुलेंस की सहायता से महिला को जिला चिकित्सालय गुना रेफर किया गया।
परिजनों एवं आशा कार्यकर्ता की मदद से प्रिया मीना को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां आवश्यक जांच एवं उपचार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में आशा कार्यकर्ता ममता मीना एवं आशा सुपरवाइजर प्रवेश मीना की सजगता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय पर स्वास्थ्य समस्या की पहचान कर अधिकारियों को सूचना देने और महिला को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने से संभावित गंभीर संक्रमण को टाला जा सका। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
#Guna CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Directorate of Health Services, Madhya Pradesh