बेगूं मे 280 तपस्वीयो ने किया सामूहिक पारणा।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
बेगूं। तपस्या जीवन का श्रंगार है तप करने से अनेक प्रकार की व्याधिया समाप्त हो जाती है, भगवान ने तप को कर्म निर्जरा का सर्वश्रेष्ठ उपाय बताया है। तीर्थंकर भगवान भी अपनी दीक्षा से पूर्व बेले या तेले की तपस्या करते थे, उक्त विचार सामूहिक तप आराधना कार्यक्रम मे प्रवचन करते हुए साध्वी श्री सुमन प्रभा जी ने रखे।
साध्वी श्री मणी प्रभा जी ने तेले तप के महत्व को बताते हुए कहा की तप से आत्मा हल्की हो जाती है, पावन और निर्मल बन जाती है। तपस्या करने वाले व्यक्ति मे स्वतः विनय और नम्रता का गुण आ जाता है। शरीर की शुद्धि भी हो जाती है गुरणी मैय्या की दिव्य कृपा से मुझ जैसी लघु शिष्या पर श्रद्धा भक्ति दिखाकर अनेक क्षेत्रों से आपने आकर तपस्या की भेंट चढ़ाई, इसके लिए सभी को बहुत बहुत साधुवाद तथा साथ ही मंगल कामना करती हु की आपके जीवन मे तप की ज्योति सदैव प्रवाहित रहे।
मीडिया प्रभारी लोकेश भटेवरा व गौतम सुराणा जानकारी दी कि इस चातुर्मास मे सिद्धि तप की साधना मे संलग्न श्री श्याम लाल कावड़िया, सुशील सुराणा और सागर नाहर को भी साधुवाद देती हु की ऐसी कठिन तप साधना कर रहे है। अंकित नानेचा ने आज 13 उपवास के प्रत्याख्यान लिए उनके आगे बढ़ने के भाव है।
श्री संघ बेगू के निमंत्रण पर चित्तौरगढ़, कनेरा निम्बाहेड़ा वल्लभ नगर, गंगरार, पारसोली, बिगोद भीलवाड़ा मांडलगढ़ बिजोलिया लाडपुरा सिंगोली, कदवासा, नन्दवाई, जाट ,कोटड़ी, सुवाना, सहाड़ा, धारडी, नंदराय, बानसेन, बारू, डाबी, कास्या, मंगलवाड़ इत्यादि एवम इसके अतिरिक्त भी अनेक संघो से लगभग 280 तेला तपस्वी एवम सेकड़ो की संख्या मे श्रधांलू उपस्थित थे।
तेले तप के पारने का लाभ गुलाब देवी राजेश कुमार, अनिल कुमार नाहर परिवार भीलवाड़ा वालों ने लिया पारणक महोत्सव मे 21लक्की ड्रा सहाड़ा निवासी हस्ती मल सुराणा की तरफ से रखे गए।
सभा मे अनेक व्यक्तियों ने तपस्या पर अपने भाव प्रकट किये और अनुमोदना की। सभी तपस्वीयो एवम अतिथियों का संघ की तरफ से अध्यक्ष सुनील पगारिया मंत्री सुधीर लोढ़ा, कोषाध्यक्ष सुशील सुराणा, श्याम लाल कावड़िया, कमलेश बाफना, दीपक रातड़िया, अशोक बोहरा, नरेन्द्र सुराणा ने सम्मान किया। संचालन करते हुए गौतम सुराणा ने सभी का स्वागत अभिनन्दन करते हुए आभार व्यक्त किया।