IGMC में मरीजों के साथ व्यवहार भी इलाज का हिस्सा है
आज किसी काम से IGMC जाना हुआ। वहाँ Child OPD में एक डॉक्टर साहब से सामना हुआ। डॉक्टर का ज्ञान और इलाज अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन मरीज और उसके परिजनों से बात करने का तरीका भी उतना ही मायने रखता है।
मरीज से उच्ची आवाज़ में बात करना, चिल्लाना और “तू -तड़ाक” से बात करना किसी भी मरीज या उसके परिजन के लिए बेहद दुखद और अपमानजनक महसूस हो सकता है।
मरीज अस्पताल में किसी पर एहसान करने नहीं आता, बल्कि अपनी परेशानी और उम्मीद लेकर आता है। इसलिए डॉक्टर और मरीज के बीच सम्मान, संवेदनशीलता और इंसानियत का होना बहुत जरूरी है।
इलाज सिर्फ दवा से नहीं, अच्छे व्यवहार से भी होता है। उम्मीद है कि IGMC जैसे बड़े संस्थान में मरीजों के साथ व्यवहार को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाएगा जितना उनके इलाज को।
Kullu, Kullu | Aug 15, 2026