सुरेश शांडिल्य जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙏🙏
शिमला में पत्रकारिता कभी मेरे लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून थी। आज बागवानी भी मेरे लिए उसी जुनून का दूसरा रूप है। 🍎🌱
पत्रकारिता ने सवाल पूछना सिखाया और बागवानी ने जमीन से जुड़े रहकर जवाब तलाशना।
दोनों ही मेरे जीवन का अहम हिस्सा हैं। 🙏🍎 - Shimla Urban News
सुरेश शांडिल्य जी, बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙏🙏
शिमला में पत्रकारिता कभी मेरे लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून थी। आज बागवानी भी मेरे लिए उसी जुनून का दूसरा रूप है। 🍎🌱
पत्रकारिता ने सवाल पूछना सिखाया और बागवानी ने जमीन से जुड़े रहकर जवाब तलाशना।
दोनों ही मेरे जीवन का अहम हिस्सा हैं। 🙏🍎