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➡️ स्वतंत्रता दिवस पर विशेष इतिहास ➡️ 15 अगस्त को ही भारत का स्वतंत्रता दिवस क्यों चुना गया भारत का स्वतंत्रता दिवस प्रति वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय इतिहास में केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि लगभग दो शताब्दियों के औपनिवेशिक शासन से मुक्ति, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और एक नए भारत के जन्म का प्रतीक है। लेकिन एक महत्वपूर्ण प्रश्न अक्सर सामने आता है आखिर भारत को स्वतंत्रता देने के लिए 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुनी गई-इसका उत्तर हमें 1947 के राजनीतिक घटनाक्रम और ब्रिटिश सरकार की परिस्थितियों में मिलता है। ➡️ स्वतंत्रता की पृष्ठभूमि में बढ़ना शुरू हुआ और 1857 के विद्रोह के बाद भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया। इसके बाद भारतीयों ने स्वतंत्रता के लिए अनेक आंदोलनों और संघर्षों का नेतृत्व किया। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों ने ब्रिटिश शासन पर लगातार दबाव बनाया। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और असंख्य अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्रता की मांग को निर्णायक बना दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर हो चुका था। ब्रिटिश सरकार के लिए भारत पर अपना शासन लंबे समय तक बनाए रखना कठिन होता जा रहा भारत पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रभाव 18वीं शताब्दी था। लॉर्ड माउंटबेटन और सत्ता हस्तांतरण — 1947 में लॉर्ड लुई माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय बनाया गया। उनका मुख्य कार्य भारत में ब्रिटिश सत्ता का हस्तांतरण करना था। ब्रिटिश सरकार ने पहले सत्ता हस्तांतरण के लिए जून 1948 की समय-सीमा तय की थी। लेकिन भारत की राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही थीं। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच मतभेद, सांप्रदायिक तनाव और विभाजन की बढ़ती संभावना को देखते हुए माउंटबेटन ने सत्ता हस्तांतरण को पहले करने का निर्णय लिया। उन्होंने घोषणा की कि ब्रिटिश सत्ता भारत में 15 अगस्त 1947 को समाप्त होगी। जब लॉर्ड माउंटबेटन ने भारत की स्वतंत्रता के लिए 15 अगस्त 1947 की तारीख तय की, तो देश के बड़े ज्योतिषी (जैसे पंडित सूर्यनारायण व्यास) चिंतित हो गए। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अमावस्या के ठीक पहले की श्रावण कृष्ण चतुर्दशी को बहुत शुभ नहीं माना जाता था। इस समस्या का हल निकालने के लिए ज्योतिषियों ने एक अनोखा उपाय खोजा: सूर्योदय का नियम हिंदू परंपरा में नया दिन आधी रात से नहीं, बल्कि सूर्योदय से शुरू होता है। उपाय अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार भारत को 15 अगस्त की आधी रात को आजादी मिली। लेकिन हिंदू परंपरा के अनुसार, चूंकि सूर्योदय नहीं हुआ था, इसलिए वह तकनीकी रूप से पिछला दिन ही माना गया। शुभ मुहूर्त ज्योतिषियों ने आधी रात को ठीक 11:51 से 12:15 के बीच एक बेहद स्थिर और शुभ 'अभिजीत मुहूर्त' निकाला। उस समय स्थिर लग्न (वृषभ लग्न) चल रहा था। इसी ज्योतिषीय गणना के कारण भारत की आजादी का मुख्य कार्यक्रम 'आधी रात (मध्य रात्रि)' को रखा गया ताकि अमावस्या के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके और देश को एक स्थिर व मजबूत शुरुआत मिले। 15 अगस्त की तारीख का माउंटबेटन से संबंध - 15 अगस्त चुनने के पीछे सबसे चर्चित कारण स्वयं माउंटबेटन से जुड़ा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान माउंटबेटन दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र देशों की सेनाओं के एक वरिष्ठ कमांडर थे। 15 अगस्त 1945 को जापान ने मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण किया था। इस प्रकार 15 अगस्त उनके लिए व्यक्तिगत और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली तारीख थी। कई ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, माउंटबेटन ने इसी कारण 15 अगस्त को भारत में सत्ता हस्तांतरण की तारीख के रूप में चुना। हालांकि भारत की स्वतंत्रता का निर्णय केवल उनकी व्यक्तिगत पसंद का परिणाम नहीं थाय इसके पीछे ब्रिटिश सरकार का निर्णय, भारतीय राजनीतिक नेतृत्व की सहमति और तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण थीं। भारत को 15 अगस्त को ही स्वतंत्र करना जरूरी था 15 अगस्त कोई ऐसी अनिवार्य या धार्मिक तारीख नहीं थी जिसे भारत की स्वतंत्रता के लिए पहले से तय किया गया हो। यह मुख्यतः सत्ता हस्तांतरण के लिए चुनी गई राजनीतिक तारीख थी। माउंटबेटन ने सत्ता हस्तांतरण को जून 1948 से लगभग दस महीने पहले कर दिया। उनका मानना था कि परिस्थितियों को देखते हुए सत्ता का शीघ्र हस्तांतरण अधिक उचित होगा। भारत के लिए यह प्रक्रिया हालांकि अत्यंत कठिन थी, क्योंकि स्वतंत्रता के साथ-साथ भारत का विभाजन भी हुआ और पाकिस्तान एक अलग राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया। विभाजन के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और भयंकर सांप्रदायिक हिंसा हुई। 14 और 15 अगस्त का अंतर — एक रोचक तथ्य यह है कि भारत और पाकिस्तान की स्वतंत्रता की तारीखों में अंतर दिखाई देता है। पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाया जाता है, जबकि भारत में 15 अगस्त को। सत्ता हस्तांतरण से संबंधित औपचारिक कार्यक्रमों का समय और स्थान भी महत्वपूर्ण था। कराची में पाकिस्तान की संविधान सभा का कार्यक्रम 14 अगस्त को हुआ, जबकि भारत में सत्ता हस्तांतरण और स्वतंत्रता का ऐतिहासिक क्षण 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि में आया। 14 अगस्त की रात को जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में अपना प्रसिद्ध "नियति से साक्षात्कार" (ट्रिस्ट विथ डेस्टिनी ) भाषण दिया। मध्यरात्रि के बाद भारत स्वतंत्र राष्ट्र बन गया। 15 अगस्त की सुबह लाल किले पर स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसी परंपरा के कारण 15 अगस्त भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्थापित हुआ। 15 अगस्त का राष्ट्रीय महत्व — 15 अगस्त केवल अंग्रेजी शासन के अंत की तारीख नहीं है। यह भारतीय जनता की उस लंबी यात्रा का प्रतीक है जिसमें स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समानता और आत्मनिर्णय की आकांक्षाएं सम्मिलित थीं। इस दिन हम उन लाखों ज्ञात-अज्ञात लोगों को याद करते हैं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया। किसी ने जेल की यातना सही, किसी ने अपना जीवन बलिदान किया और किसी ने आंदोलन के लिए अपना धन, समय और जीवन समर्पित किया। स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने एक और बड़ी चुनौती थी-एक ऐसे लोकतांत्रिक राष्ट्र का निर्माण करना जिसमें विभिन्न भाषाओं, धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के लोग एक साथ रह सकें। इसलिए 15 अगस्त हमें केवल स्वतंत्रता प्राप्त करने की नहीं, बल्कि स्वतंत्रता को जिम्मेदारीपूर्वक बनाए रखने की भी याद दिलाता है। इस प्रकार 15 अगस्त 1947 का चुनाव किसी संयोग मात्र का परिणाम नहीं था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन की कमजोर स्थिति, भारत में स्वतंत्रता आंदोलन का दबाव, तेजी से बदलती राजनीतिक परिस्थितियां और लॉर्ड माउंटबेटन का सत्ता हस्तांतरण को शीघ्र पूरा करने का निर्णय-इन सभी ने मिलकर इस तारीख को निर्धारित किया। 15 अगस्त का माउंटबेटन के लिए विशेष ऐतिहासिक महत्व भी था, क्योंकि 15 अगस्त 1945 को जापान के आत्मसमर्पण से द्वितीय विश्व युद्ध के एशियाई मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ था। 15 अगस्त 1947 को भारत ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी नई यात्रा शुरू की। इसलिए प्रति वर्ष यह दिन हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है। डॉ. नीलिमा पिम्पलापुरे लेखिका, शिक्षाविद समाजसेविका, सागर CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Aug 13, 2026

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➡️ संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर क्रमांक-172 का ढाना में शुभारंभ

11 एमपी बटालियन एनसीसी सागर के कैंप कमांडेंट कर्नल प्रताप रंजन मोहन्ती के मार्गदर्शन में संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर क्रमांक-172 का आयोजन दाना में किया जा रहा है। शिविर के दूसरे दिन 15 अगस्त को कैंप कमांडेंट कर्नल प्रताप रंजन मोहन्ती ने एनसीसी कैडेट्स से परिचय प्राप्त किया। शिविर में लगभग 550 सीनियर डिवीजन, सीनियर विंग, जूनियर डिवीजन एवं जूनियर विंग के कैडेट्स तथा आरडीसी-2027 के लिए बेस्ट कैडेट्स के चयन में हिस्सा ले रहे हैं।

शिविर में कैडेट्स को पीटी, योग, ड्रिल, मैप रीडिंग और फायरिंग सहित विभिन्न सैन्य गतिविधियों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ड्रिल के दौरान सलामी शस्त्र, गार्ड माउंटिंग तथा राजपथ के लिए मार्चिंग का भी अभ्यास कराया जा रहा है। कैडेट्स प्रशिक्षण में उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता कर रहे हैं।

शिविर के दौरान एनसीसी गतिविधियों के साथ खेलकूद, व्यक्तिगत साफ-सफाई तथा नैतिक एवं प्रेरणादायक विषयों पर व्याख्यान भी आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर का संचालन डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल दुष्यंत शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं सूबेदार मेजर राजकुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। पीआई स्टाफ, एनसीसी अधिकारी एवं सिविल स्टाफ भी शिविर के सफल संचालन में सहयोग कर रहे हैं।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर क्रमांक-172 का ढाना में शुभारंभ 11 एमपी बटालियन एनसीसी सागर के कैंप कमांडेंट कर्नल प्रताप रंजन मोहन्ती के मार्गदर्शन में संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर क्रमांक-172 का आयोजन दाना में किया जा रहा है। शिविर के दूसरे दिन 15 अगस्त को कैंप कमांडेंट कर्नल प्रताप रंजन मोहन्ती ने एनसीसी कैडेट्स से परिचय प्राप्त किया। शिविर में लगभग 550 सीनियर डिवीजन, सीनियर विंग, जूनियर डिवीजन एवं जूनियर विंग के कैडेट्स तथा आरडीसी-2027 के लिए बेस्ट कैडेट्स के चयन में हिस्सा ले रहे हैं। शिविर में कैडेट्स को पीटी, योग, ड्रिल, मैप रीडिंग और फायरिंग सहित विभिन्न सैन्य गतिविधियों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ड्रिल के दौरान सलामी शस्त्र, गार्ड माउंटिंग तथा राजपथ के लिए मार्चिंग का भी अभ्यास कराया जा रहा है। कैडेट्स प्रशिक्षण में उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता कर रहे हैं। शिविर के दौरान एनसीसी गतिविधियों के साथ खेलकूद, व्यक्तिगत साफ-सफाई तथा नैतिक एवं प्रेरणादायक विषयों पर व्याख्यान भी आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर का संचालन डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल दुष्यंत शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं सूबेदार मेजर राजकुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। पीआई स्टाफ, एनसीसी अधिकारी एवं सिविल स्टाफ भी शिविर के सफल संचालन में सहयोग कर रहे हैं। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Aug 16, 2026

➡️ आजादी की उमंग उल्लास के संग बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

➡️ स्वतंत्रता दिवस पर न्यायिक अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चों के लिए आयोजित हुई गायन, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता

 माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर श्री महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के ए.डी.आर. भवन में न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारियों के विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार शर्मा द्वारा जिला न्यायालय परिसर में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के उपरांत किया गया। कार्यक्रम की थीम “आजादी की उमंग, उल्लास के संग” रखी गई। बच्चों ने गायन, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता के साथ प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं विभिन्न स्वरूपों में फैंसी ड्रेस के माध्यम से बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस की भावनाओं को उल्लासपूर्वक अभिव्यक्त किया।

बच्चों की प्रतिभा एवं उत्साह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्र का भविष्य उसके भवनों, सड़कों या तकनीक में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी में छिपा होता है। हमारे बच्चे आने वाले भारत की तस्वीर हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रत्येक बच्चे में अपनी विशिष्ट प्रतिभा होती है। कोई पढ़ाई में, कोई खेल, कला, संगीत अथवा नई चीजें सीखने में बेहतर होता है।

कार्यक्रम में जिला न्यायालय सागर के समस्त न्यायाधीशगण, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती दिव्या भलावी, कर्मचारीगण एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अंकित श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से कहा कि वे बड़े सपने देखें, मेहनत से उन्हें पूरा करें, असफलताओं से सीखें तथा अपने माता-पिता और देश को गौरवान्वित करें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ आजादी की उमंग उल्लास के संग बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां ➡️ स्वतंत्रता दिवस पर न्यायिक अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चों के लिए आयोजित हुई गायन, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर श्री महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के ए.डी.आर. भवन में न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारियों के विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार शर्मा द्वारा जिला न्यायालय परिसर में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के उपरांत किया गया। कार्यक्रम की थीम “आजादी की उमंग, उल्लास के संग” रखी गई। बच्चों ने गायन, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता के साथ प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं विभिन्न स्वरूपों में फैंसी ड्रेस के माध्यम से बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस की भावनाओं को उल्लासपूर्वक अभिव्यक्त किया। बच्चों की प्रतिभा एवं उत्साह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्र का भविष्य उसके भवनों, सड़कों या तकनीक में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी में छिपा होता है। हमारे बच्चे आने वाले भारत की तस्वीर हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रत्येक बच्चे में अपनी विशिष्ट प्रतिभा होती है। कोई पढ़ाई में, कोई खेल, कला, संगीत अथवा नई चीजें सीखने में बेहतर होता है। कार्यक्रम में जिला न्यायालय सागर के समस्त न्यायाधीशगण, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती दिव्या भलावी, कर्मचारीगण एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अंकित श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से कहा कि वे बड़े सपने देखें, मेहनत से उन्हें पूरा करें, असफलताओं से सीखें तथा अपने माता-पिता और देश को गौरवान्वित करें। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Aug 16, 2026

➡️ शुष्क दिवस पर आबकारी विभाग की सघन कार्रवाई, 14 प्रकरण दर्ज

शुष्क दिवस के अवसर पर जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा सघन कार्रवाई की गई। सहायक आबकारी आयुक्त श्रीमती कीर्ति दुबे के आदेश के परिपालन में आबकारी कंट्रोलर श्रीमती पूजा चंद्रन एवं मंडल प्रभारी श्री अशोक दवे के नेतृत्व में पृथक-पृथक दल गठित कर सागर शहरी एवं आंतरिक क्षेत्र, बण्डा, देवरी तथा रहली में गश्त एवं तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 14 प्रकरण कायम किए गए।

गश्त के दौरान मदिरा दुकानों का निरीक्षण किया गया, जो सीलबंद अवस्था में बंद पाई गईं। शहरी क्षेत्र में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अवैध मदिरापान के विरुद्ध वृत्त दक्षिण एवं उत्तर में 2 प्रकरण दर्ज किए गए।

वृत्त बण्डा प्रभारी श्रीमती रोशनी उरेती के नेतृत्व में प्राप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर तलाशी कार्रवाई की गई। इस दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 5 प्रकरण कायम कर 95 पाव सागर गोल्ड व्हिस्की, 3 लीटर कच्ची मदिरा एवं 120 किलोग्राम लाहन जप्त किया गया।

वृत्त देवरी एवं रहली प्रभारी श्री मृत्युंजय ठाकुर द्वारा ग्राम खैराना, छिरारी एवं उमरा में कार्रवाई करते हुए धारा 34(1) के तहत 4 प्रकरण कायम किए गए। पांच स्थानों की तलाशी के दौरान कुल 75 पाव मदिरा जप्त की गई। वहीं वृत्त आंतरिक प्रभारी श्री सियाराम चौधरी द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3 प्रकरण कायम किए गए।

आबकारी विभाग की इस कार्रवाई में कुल 38 हजार 945 रुपये बाजार मूल्य की मदिरा जप्त की गई। विभाग द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ शुष्क दिवस पर आबकारी विभाग की सघन कार्रवाई, 14 प्रकरण दर्ज शुष्क दिवस के अवसर पर जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा सघन कार्रवाई की गई। सहायक आबकारी आयुक्त श्रीमती कीर्ति दुबे के आदेश के परिपालन में आबकारी कंट्रोलर श्रीमती पूजा चंद्रन एवं मंडल प्रभारी श्री अशोक दवे के नेतृत्व में पृथक-पृथक दल गठित कर सागर शहरी एवं आंतरिक क्षेत्र, बण्डा, देवरी तथा रहली में गश्त एवं तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 14 प्रकरण कायम किए गए। गश्त के दौरान मदिरा दुकानों का निरीक्षण किया गया, जो सीलबंद अवस्था में बंद पाई गईं। शहरी क्षेत्र में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अवैध मदिरापान के विरुद्ध वृत्त दक्षिण एवं उत्तर में 2 प्रकरण दर्ज किए गए। वृत्त बण्डा प्रभारी श्रीमती रोशनी उरेती के नेतृत्व में प्राप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर तलाशी कार्रवाई की गई। इस दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 5 प्रकरण कायम कर 95 पाव सागर गोल्ड व्हिस्की, 3 लीटर कच्ची मदिरा एवं 120 किलोग्राम लाहन जप्त किया गया। वृत्त देवरी एवं रहली प्रभारी श्री मृत्युंजय ठाकुर द्वारा ग्राम खैराना, छिरारी एवं उमरा में कार्रवाई करते हुए धारा 34(1) के तहत 4 प्रकरण कायम किए गए। पांच स्थानों की तलाशी के दौरान कुल 75 पाव मदिरा जप्त की गई। वहीं वृत्त आंतरिक प्रभारी श्री सियाराम चौधरी द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3 प्रकरण कायम किए गए। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई में कुल 38 हजार 945 रुपये बाजार मूल्य की मदिरा जप्त की गई। विभाग द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Aug 16, 2026